Wednesday, October 17, 2018
Home » विविधा » गजलः आपको देख कर…

गजलः आपको देख कर…

संजय कुमार गिरि

आपको देख कर मुस्कुराते रहे
गीत गजलें सभी गुनगुनाते रहे
प्रेम से वास्ता इस कदर हो गया
दुश्मनी को भीश् दिल से भुलाते रहे
छोड़ कर हर बुरा ऐब हम तो यहाँ
राह के कंटको को हटाते रहे
डाल कर हाथ में हाथ अपना सनम
हाल दिल का तुम्हें हम सुनाते रहे
कर दिया आज झूठा हमी को यहाँ
हम गमों से जिन्हें ही बचाते रहे
बात दिल की कहूँ आपसे अब सुनो
रात भर वो हमें ही रुलाते रहे
वो सभी दीप आकर बुझाने लगी
राह अँधियार में जो दिखाते रहे
मत करो बात संजय कभी उनकी तुम
उंगलियाँ जो तुम्हीं पर उठाते रहे