Monday, October 22, 2018
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चाइल्डलाइन कानपुर ने अप्रैल माह में 53 बच्चों की मदद की

मई माह के प्रथम सप्ताह में जारी रिपोर्ट में दी जानकारी
कानपुर नगर, जन सामना ब्यूरो। कानपुर नगर में बच्चों की आकस्मिक मदद के लिए संचालित चाइल्डलाइन कानपुर द्वारा मुसीबत में फंसे बच्चों की निरन्तर मदद की जा रही है जिस क्रम में विगत माह चाइल्डलाइन कानपुर के पास निशुल्क 1098 पर सैकड़ो बच्चों की सूचना पुलिस, स्ंवयसेवक, व जनसामान्य के माध्यम से मिली जिसमें चाइल्डलाइन द्वारा प्रशासन एवं अपने संसाधनों से 53 बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से मदद पहुचाते हुए जरूरतमंद बच्चों की आकस्मिक मदद की।
चाइल्डलाइन कानपुर के द्वारा एक रिपोर्ट जारी की जिसमे चाइल्डलाइन कानपुर द्वारा 10 बच्चों को आश्रय, 03 बच्चों को चिकित्सीय सहायता प्रदान की, 21 बच्चों को शोषण से मुक्त कराया, 12 भटके बच्चों को उनके घर पहुंचाया, 02 बच्चों को भावात्मक सहयोग प्रदान किया, 02 बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की तथा 03 बच्चें अन्य संस्थाओं से संदर्भ से चाइल्डलाइन कानपुर के सम्ंपर्क मे आए।
ज्ञातव्य हो कि मुसीबत में फंसे एवं जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए 24 घण्टे निशुल्क आपातकालीन राष्ट्रीय स्तर की फोन सेवा चाइल्डलाइन 1098 का संचालन कानपुर नगर में किया जा रहा है। जो कि चाइल्डलाइन इण्डिया फाउडेशन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार, द्वारा संचालित एवं कानपुर शहर में जिलाधिकारी कानपुर नगर की अध्यक्षता में गठित चाइल्डलाइन सलाकार बोर्ड के दिशा निर्देश पर बाल सेवी संस्था सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के द्वारा चाइल्डलाइन 1098 का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
चाइल्डलाइन कानपुर को दिसम्बर माह मे विभिन्न स्थानो से बच्चे मिले जो कि अपने घरों की विभिन्न परिस्थितयों के कारण घरों से भाग आए थे जिनको उचित संरक्षण एवं घर पहुचाने के उद्देश्य से चाइल्डलाइन कार्यकर्ता बच्चों को लेकर चाइल्डलाइन कार्यालय आए और चाइल्डलाइन द्वारा बच्चों के परिजनों की खोज का प्रयास निरंतर किया जा रहा है और बच्चों के परिजन नही मिलने पर बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर राजकीय बाल गृह व राजकीय बालिका गृह मे आश्रय दिलाया गया है । साथ ही बच्चों की काउसलिंग कर उन्हें घर वापस जाने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है
चाइल्डलाइन कानपुर के समन्वयक विनय कुमार ओझा ने बताया कि चाइल्डलाइन कानपुर ने विगत जनवरी माह मे कुल 53 बच्चे को सहायता प्रदान की गई।
साथ ही उन्होने बताया कि अप्रैल 2007 से 10,000 से अधिक बच्चों को आश्रय ,चिकित्सीय सहायता, शोषण से मुक्त कराया, भटके बच्चों को उनके घर पहुंचाया, उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरणा प्रदान की आदि विभिन्न तरीकों से बच्चों की मदद की जा चुकी है।
चाइल्डलाइन के निदेशक कमलकांत तिवारी ने चाइल्डलाइन कानपुर की सफलता के बारे में बताते हुए कि बताया कि चाइल्डलाइन द्वारा औसतन 03 से 04 बच्चों की मदद रोज की जा रही है जो कि पुलिस, आम जनता के माध्यम से चाइल्डलाइन के संपर्क मे आतंे है और चाइल्डलाइन के माध्यम से इन बच्चो को उनके परिजनों से मिलाया जाता है।
साथ ही उन्होने बताया कि चाइल्डलाइन के संज्ञान मे औसतन 100-125 बच्चे चाइल्डलाइन के संपर्क मे आ रहे हैं लेकिन चाइल्डलाइन की अभी भी जनसामान्य के कुछ वर्ग जागरूक न होने के कारण बहुत से भटके, घर से बिछड़े व समाज से उपेक्षित बच्चों को उनके परिजन एवं संरक्षण नहीं मिल पाता है। इसलिए चाइल्डलाइन, कानपुर का उददेश्य नगर की सभी जनता एवं बच्चों तक 1098 नम्बर की पहुच बनाना है जिससे अधिक से अधिक बच्चों की मदद की जा सके।