Wednesday, October 17, 2018
Home » मुख्य समाचार » बिन पानी सब सून सैकड़ो परिवारो के बीच मात्र एक सरकारी हैंडपम्प

बिन पानी सब सून सैकड़ो परिवारो के बीच मात्र एक सरकारी हैंडपम्प

प्रधान से लेकर विधायक और सांसद तक हैडपम्प और पानी की टंकी लगवाने की सिर्फ बात करते है।
हाथरस, नीरज चक्रपाणि। रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। जी हां कवि रहीमदास जी का ये दोहा पानी को लेकर आज के समय में बिलकुल सटीक बैठता है। हाथरस जिला प्रसाशन लाख दावे कर ले लेकिन शहर हो या गाँव सभी जगह पीने के लिए पानी की कमी है इस भीषण गर्मी में जनता पानी के लिए परेशान है लोग पीने के पानी को तरस रहे है। देहातों में जहा कई गाँव के अंदर सैकड़ो परिवारो के बीच मात्र एक सरकारी हैडपम्प है। जिससे महिलाएं घण्टो लाइन में लगकर पानी भरती है, तो वही शहर से लेकर देहात तक अधिकांश नल खराब पढ़े हुए है और इस ओर जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों का कोई ध्यान नही है।
हाथरस जिले के कई गाव ऐसे है जहा पीने के पानी की कमी है जिसमे एक गाँव है हिम्मतपुर जहाँ काफी समय से मात्र एक नल लगा हुआ है जो ग्रामीणों के लिये अम्रत समान है क्योंकि इस भीषण गर्मी में लोगों के पानी की प्यास बुझाने का यही एक मात्र साधन है। पीने के पानी के लिए यहां ग्रामीण व्याकुल हो रहे है और इस एक नल के सहारे ही अपनी प्यास बुझा पाते है। गाँव में करीब 150- से 200 परिवार है और इलाके में अधिकाशं खारा पानी है। केवल इस एक हैडपम्प से ही पीने योग्य पानी निकलता है। ग्रमीण महिलाये सुबह से ही इस नल पर लाइन लगाकर पानी भरती है और उसके बाद अपने घर पर अन्य काम करती है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय मे प्रधान से लेकर बिधायक और सांसद तक और हैडपम्प और पानी की टँकी लगबाने की बात करते है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई हमारे गांव की ओर नही देखता है। गाँव मे एक पानी की बड़ी टँकी तो सरकार द्वारा लगबाई गयी है लेकिन बह सफेद हाथी सावित हो रही है। बर्षो से यह टंकी शोपीस बनी हुई है। गामीणों द्वारा कईं बार जिला प्रशासन और राजनीतिक लोगों से इस बारे में शिकायत की जा चुकी है लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नही है। यही हाल हाथरस से सटे हुए नए बांस, कांशीराम कॉलोनी, जलेसर रोड और हाथरस शहर के अधिकांश इलाकों का है यहाँ सरकारी नल तो काफी मात्रा में लगे है पर अधिकांशतः खराब पड़े है और इस भीषण गर्मी में लोग प्यास बुझाने के लिए काफी दूर से पीने का पानी लाते है या फिर बाजार से खरीदने को मजबूर है। सम्बंधित जिम्मेदार लोगों की इस अनदेखी के कारण शहर में पानी बेचने वालों का धंधा खूब फल फूल रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है की नगर पालिका लाखों रूपये खर्च कर आरओ के पानी की ट्रॉलियां चलवा रही है पर उसका लाभ कुछ ही लोगों को मिलता है जबकि काफी कम खर्च में इन सार्वजनिक नलों को ठीक करवाया जा सकता है जिससे हजारों लोगों की प्यास बुझ सकती है। अब देखना होगा कि प्रदेश की योगी सरकार इस भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान शहर और देहात के लोगो के लिए क्या करती है। वही भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह राणा से पानी की समस्या पर बात की गई तो उनका कहना है कि जबसे हमारी सरकार बनी है तब से मेरा प्रयास रहा है मैने समय समय पर बिधानसभा में भी अपने क्षेत्र के खारे पानी की समस्या का मुद्दा उठाया था, और लगातार जल निगम व सिचाई विभाग के अधिकारियों के सम्पर्क में हू, क्षेत्र में पहले से जो टंकीया लगी हुई है। उनकी पाइप लाइन टूटी पड़ी है। उनको सही कराया जा रहा है और हमारी सरकार ने 100 हैडपम्प मै लगवा रहा हूं। जिसमे 50 के लगभग लग चुके है, और बाकी जहाँ समस्या है खारे पानी की वहा लगवाने है।