Wednesday, October 17, 2018
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जातिगत आरक्षण देश के लिये घातकः समाप्त करें

हाथरस, नीरज चक्रपाणि। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले जिलाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह गहलौत के नेतृत्व में जिला कार्यकारिणी एवं सर्वसमाज के सैकड़ों व्यक्तियों ने जातिगत आरक्षण व प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा उ. प्र. के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट पर जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि समय की मांग है कि जातिगत आरक्षण को समाप्त करके तत्काल प्रभाव से इसे आर्थिक आधार पर किया जाना सुनिश्चित करें और प्रमोशन में आरक्षण को जड़ से समाप्त करें। जिससे कि इसका लाभ सर्वसमाज के प्रत्येक गरीब व असहाय वर्ग को मिल सके और देश में आपसी भाईचारा व सौहार्द बना रहे। संविधान लागू करते समय पिछड़ा, दलित व शोषित वर्ग के लिये 10 वर्ष तक के लिये आरक्षण लागू किया गया था। जिससे कि शोषित वर्ग अन्य वर्गों की बराबरी पर आकर देश में सम्मानजनक स्थिति में जीवन यापन कर सके। लेकिन कुछ राजनैतिक दलों ने इसे सत्ता में बने रहने का हथियार बना लिया और इस आरक्षण व्यवस्था को वह दल इसे आगे भी लागू करते रहे। जिससे करीब 70 वर्ष के उपरांत भी देश की यह स्थिति है कि अनारक्षित वर्ग की प्रतिभायें कुष्ठा ग्रस्त होने लगी और अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए ये प्रतिभाऐं देश से पलायन करने लगी हैं जिससे देश को भारी नुकसान हो रहा है।
जनभावनाओं तथा सामाजिक न्याय समता व समानता की संवैधानिक एवं मानवीय, देश की सम्प्रभुता एवं अखण्डता को बनाये रखने हेतु राष्ट्र घातक मूल भावनाओं को दृष्टिगत रखकर तत्काल जातिगत आरक्षण/प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त कराकर आर्थिक आधार पर गरीब और जरूरतमंद सर्वसमाज के समस्त व्यक्तियों के उत्थान व कल्याण की कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ करायें। यदि दो माह के अन्दर कार्यवाही करके सूचित नहीं किया जाता है तो क्षत्रिय समाज देश के समूचे समाज को साथ लेकर इस अन्याय और देश की सम्प्रभुता एवं अखण्डता को बचाये रखने हेतु अमानवीय एवं राष्ट्रघातक नीतियों का विरोध करने के लिए आन्दोलनात्मक कार्यवाही करने को विवश होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने वालों में यतेन्द्र सिंह गहलौत एड. राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री, नीरेश जादौन, हरवीर सिंह तौमर, नीलम चैहान, प्रताप सिंह राघव, मानपाल सिंह, नवीन प्रताप सिंह, भीकम सिंह चैहान, कुशलपाल सिंह पौरूष, सतीश पौरूष, पवन कुमार, अशोक कुमार, राजदीप, गोविन्द शर्मा, शीलेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र सिंह पौरूष, बौबी पंडित, डा. संदीप गहलौत, मदन बाबा, शिवा भारती, पवन गहलौत, देवराज सिंह गुड्डू, हरेन्द्र सिंह सिसौदिया, वीरेन्द्र सिंह नेता, उदयवीर सिंह, अशोक गहलौत, राजेन्द्र पंडित आदि तमाम लोग शामिल थे।