हाथरस, नीरज चक्रपाणि। जिले के थाना कोतवाली हाथरस जंक्शन की केशोपुर चौकी प्रभारी का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहां चोरी के शक में पूछताछ के लिए चौकी प्रभारी द्वारा हिरासत में लिए गए आठ युवकों पर थर्ड डिग्री प्रयोग करते हुए युवकों को विधुत करंट लगाया गया है। वहीं आठो युवकों के परिजनों द्वारा थाने पर हंगामा किये जाने के बाद पुलिस ने आठो युवकों को थाने से छोड़ दिया।
आपको बता दे जिले के थाना कोतवाली हाथरस जंक्शन की केशोपुर चौकी क्षेत्र के गांव गढ़ी धारू में पिछले दिनों मधुमक्खी पालन करने वाले व्यापारी से लूटपाट हुई थी। थाना पुलिस द्वारा घटना के खुलासे के लिए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में केशोपुर चौकी प्रभारी विपिन यादव ने थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी धारू से निवासी आठ युवकों को हिराशत में लिया गया। युवकों का आरोप है कि चौकी प्रभारी विपिन यादव द्वारा झूठी वारदात उगलवाने के लिए उनके साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करते हुए जमकर मारपीट की गई है और आठो युवकों को विधुत करंट भी लगाया है। वहीं इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया की मामला संज्ञान में आया है। इसमें कार्यवाही करते हुए। मामले की जाँच पुलिस क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ को सौंपी गई है। साथ ही चौकी प्रभारी केशोपुर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
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Jansaamna
फिरोजाबाद, जन सामना संवाददाता।
कानपुर नगर, जन सामना संवाददाता।
चन्दौली, जन सामना ब्यूरो।
नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद से ही देश के कुछ हिस्सों में इस कानून के विरोध के नाम पर जो हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं वो अब गंभीर चिंता ही नहीं चिंतन का भी विषय बन गए हैं। हर बीतते दिन के साथ उग्र होते जा रहे आन्दोलनों और आंदोलनकारियों के हौंसलों के आगे घायल होती पुलिस और लाचार से प्रशासन तंत्र से ना सिर्फ विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठे बल्कि सरकार की नाकामी भी सामने आईं। विपक्ष इसलिए कठघड़े में है क्योंकि बात बात में गाँधी की विरासत पर अपना अधिकार जमाने वाला विपक्ष आज इन हिंसक आंदोलनकारियों के समर्थन में खड़ा है लेकिन उनसे अहिंसा और शांति के साथ अपनी बात रखने की समझाइश नहीं दे रहा। लोकतंत्र की दुहाई देने वाला विपक्ष जब लोकतंत्र के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाती अराजक होती भीड़ के समर्थन में उतरता है तो वो लोकतंत्र की किस परिभाषा को मानता है इसका उत्तर भी अपेक्षित है। संविधान की रक्षा की दुहाई देता विपक्ष जब नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाता तो है लेकिन कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना सड़कों पर उतरता है और लोगों को भृमित करने का काम करता है तो संविधान और न्यायतंत्र के प्रति उसकी आस्था पर भी उत्तर अपेक्षित हो जाता है।