भारत-श्रीलंका के बीच आशंकाओं के दौर का लाभ उठाते हुए चीन ने श्रीलंका के साथ अपनी नजदीकियां बहुत ज्यादा बढ़ा ली हैं। श्रीलंका-चीन संबंध भविष्य में भारतीय कूटनीतिक एवं सामरिक हितों को प्रभावित कर सकते हैं। भारत को श्रीलंका में चीन के बढ़ते प्रभुत्व पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने की आवश्यकता है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना अपने पहले चीन दौरे में कई महत्वपूर्ण सामरिक मुद्दों पर चर्चा की थी। यहां सिरिसेना व उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने हिंद महासागर में सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता दूर करने के लिए तीनों देशों के बीच त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर बात की। इसके अलावा दोनों ने सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने को लेकर भी वार्ता की। चीन की समुद्री सिल्क रोड योजना से देश की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भारत ने चिंता जताई थी। इसी को लेकर चीन ने सिरिसेना के सामने भारत, चीन व श्रीलंका के बीच त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। चीन के सहयोगी विदेश मंत्री लियु जिंयकाओ ने बताया कि इस प्रस्ताव को लेकर दोनों नेताओं ने हामी भरी है। जिंयकाओ ने कहा कि सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र में सहयोग तीनों देशों के लिए लाभदायक होगा। यह चीन और दक्षिण एशिया सहयोग का हिस्सा है। सिरिसेना ने इस बैठक में यह उम्मीद भी जताई कि कोलंबो बंदरगाह शहर परियोजना जारी रहेगी। श्रीलंका की पूर्व सरकार द्वारा भारत के विरुद्ध अनर्गल और अतार्किक दुष्प्रचार किया गया था। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने श्रीलंका की विदेश नीति को पूरी तरह चीन के पक्ष में मोड़ दिया था। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे अति आत्मविश्वास के चलते चुनाव हार चुके हैं, परंतु राजपक्षे अभी तक अपनी इस हार को पचा पाने में असमर्थ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अपनी हार के लिए भारत तक जिम्मेदार ठहरा दिया है। बेहतर होता कि राजपक्षे अपनी कार्यप्रणाली और नीतियों पर विचार करते, जिनसे श्रीलंकाई जनता संतुष्ट नहीं थी, अन्यथा उन्हें ऐसी पराजय का सामना न करना पड़ता। राजपक्षे ने एक बयान में दावा करते हुए यह कहा है कि, ‘‘भारत, अमेरिका और यूरोपीय देश मुझे चुनाव हराने में बहुत अधिक सक्रिय थे। यह सभी जानते हैं कि यूरोप और विशेषतः नॉर्वे के लोग घोषित तौर पर हमारे विरुद्ध थे। भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ ने हमें चुनाव हराने के लिए बहुत सक्रिय भूमिका निभाई।’’ राजपक्षे ने यह भी दावा किया कि भारत और अमेरिका जैसे देशों ने अपने दूतावासों का प्रयोग उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए किया। राजपक्षे ने यह बयान ऐन उस समय दिया, जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका की यात्रा पर थे। स्पष्ट है कि राजपक्षे ने भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा का समय ऐसे विवादित बयान देने के लिए जान-बूझकर चुना। श्रीलंका मीडिया का एक धड़ा भी राजपक्षे की इस मुहिम में उनके साथ रहा है।
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Jansaamna
क्या आपको अपनी आंखों के नीचे लूज स्किन पड़ती हुई दिखाई दे रही है? और क्या यही हाल गर्दन की त्वचा का भी है? लूज स्किन आपकी खूबसूरती को बहुत ही बुरी तरह से बरबाद कर सकती है। इसका कारण बुढापा, बीमारी या फिर वेट लॉस हो सकता है। लूज स्किन का मतलब झुर्रियां या स्ट्रेच मार्क बिल्कुल भी नहीं होता। कई महिलाओं में यह समस्या देखने को मिलती है और अगर आप भी इस समस्या से जूझ रही हैं, तो यहाँ जन सामना की ब्यूटी एडवाइजर व सी डब्लू सी ब्यूटी एन मेकअप स्टूडियो की सेलिब्रिटी ब्यूटी एन मेकअप एक्सपर्ट शालिनी योगेन्द्र गुप्ता बता रही है आपको कुछ सरल उपाय।
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो। मुख्य प्राविधिक परीक्षक ग्राम्य विकास ने ग्राम्य विकास विभाग द्वारा वित्त पोषित विकास कार्यक्रमों एवं मनरेगा योजना के अन्तर्गत कराए गए तथा वर्तमान में जारी विकास एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा डीसी मनरेगा को कराए जा रहे कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। इसके अलावा निर्माण कार्यों को कर रहीं कार्यदायी संस्थाओं तथा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को गुणवत्ता उन्नयन सम्बन्धी दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सांसद एवं विधायक निधि के अन्तर्गत कराए गए तथा जारी कार्यों की गुणवत्ता पर कोई कमी न होने पाए।
वजन सारणी में बच्चों का सही तरीके से हो चिन्हांकन, न होने पाए कोई लापरवाही-कुमार रविकान्त सिंह