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दो दिवसीय बैंक हड़ताल सड़क पर उतरे कर्मचारी, बैंकिंग व्यवस्था चरमराई

कानपुर, स्वप्निल तिवारी। आज दो दिवसीय पूर्णबन्दी हड़ताल को लेकर बैंकों में ताला पड़ा रहा व कई बैंकों में कर्मचारी एकजुट होकर मांगे न माने जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन करने बैठ गए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वाहन पर बड़े चैराहा स्थित इलाहबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन कानपुर इकाई के सदस्यों ने दो दिवसीय पूर्ण हड़ताल पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की इस दौरान बैंकों को सभी शाखाओं पर ताला लटका रहा है। संगठन के मंत्री धर्मराज पांडेय ने बताया कि 5 मई को वेतन व्रद्धि की बैठक में भारतीय बैंक संघ ने दो फीसदी वेतन व्रद्धि का प्रस्ताव देकर समस्त बैंक अफसर और कर्मचारियों पर कुठाराघात किया है

बताया कि यह हड़ताल बैंक कर्मचारियों की नवम्बर 2017 से लंबित वेतन वृद्धि के सम्बन्ध में की गई है जिस तरह आईबीए ने दो प्रतिशत वेतन व्रद्धि का हास्यास्पद प्रस्ताव रखा गया उससे बैंक कर्मचारी काफी निराश हैं जबकि पिछली वेतन वृद्धि 15 प्रतिशत थी और यह वेतन वृद्धि केवल स्केल 3 तक के अधिकारियों पर ही लागू करने की बात बैंक संघ द्वारा रखी गयी है सरकार की इन गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा बैंक कर्मचारी भुगत रहा है सरकार के द्वारा लागू की गई योजनाओं जैसे जन धन, नोटबन्दी, मुद्रा ऋण जैसी योजनाओं को बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने बहुत ही अच्छी तरह से पूरा किया लेकिन जब वेतन वृद्धि का समय आया तो आईबीए द्वारा दो फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखकर बैंक कर्मचारियों का मजाक बनाया गया। बैंक कर्मचारी व अधिकारी का उत्पीड़न कर उनकी सेवा शर्तों से खिलवाड़ किया जा रहा है इसलिए हम सभी बैंक कर्मियों ने दो दिन की पूर्ण हड़ताल कर रखी है धरना प्रदर्शन में पी0एन0 सिंह, धर्मराज पांडेय, एच.एन.अग्रवाल, के.एस त्रिपाठी, संजय अग्निहोत्री, दीपक सरीन, अशोक श्रीवास्तव, बी.के. शुक्ला, महेश कुशवाहा, अमर बहादुर सिंह, अविनाश बाजपेयी, रमेश कुमार, पूरनलाल, पी0के गुप्ता आदि बहुत से लोग इस धरने में मौजूद रहे।