Wednesday, December 19, 2018
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सच्ची शिक्षा वही है जो मनुष्य को सच्चा और अच्छा मनुष्य बना सकेः राष्ट्रपति

कानपुरः जन सामना ब्यूरो। भारत ने प्रेम और सौहार्द्र का पूरी दुनिया को संदेश दिया है। स्वामी विवेकानन्द ने भी 1893 में शिकागो में अपने भाषण से पूर्व सिस्टर एण्ड ब्रदर्स कह कर वहाँ पर सम्बोधन शुरू किया था जबकि वहाँ पर लेडीज एण्ड जेन्टलमैन कह कर सम्बोधित करने का रिवाज है। इस सम्बोधन ने वहाँ की जनता का हृदय छू लिया। महापुरूषों की जीवनी पढ़ने से बच्चों में संस्कारों की उपयोगिता बढ़ती है। लोग महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती मना रहे हैं। महात्मा गाँधी स्वच्छता को ईश्वर की उपासना के बराबर मानते थे। इससे प्रभावित होकर पीलीभीत के अस्सी वर्षीय छोटे लाल कश्यप तथा बिहार के गया जिले के लल्लन प्रजापति भी पूरी लगन के साथ लगभग 25 वर्षों से निःशुल्क सफाई करते आ रहे हैं।
उक्त कथन देश के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी में स्थित कैलाश भवन में आयोजित टैलेन्ट डेवलपमेन्ट काउन्सिल के मंच पर व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रीमद् गीता का स्वामी ज्ञानानन्द ने जो प्रचार-प्रसार किया है वह सराहनीय है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महानतम परम्पराओं का जो ज्ञान आज की युवा पीढ़ी को दिया है वह सराहनीय है। यह संस्था पिछले ग्यारह वर्षों से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रही है यहां से पढ़कर आईआईटी में 48 और 105 छात्र एनआईटी में प्रवेश पा चुके हैं। कुछ विद्यार्थियों ने मेडिकल कालेजों में भी प्रवेश पाया है तथा इसके अतिरिक्त भी सेना, बैंक आदि में भी चयन हुआ है। इस संस्थान से अनेकों विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। टैलेन्ट के साथ-साथ छात्रों को संस्कारों की भी शिक्षा दी जा रही है जो महत्वपूर्ण है तथा जो समाज व राष्ट्र के निर्माण के लिये बहुत जरूरी भी है। नैतिकता एवं संस्कार की शिक्षा के द्वारा मनुष्य को मनुष्य बनाना सम्भव हुआ है। उन्होंने महात्मा गाँधी जी को याद करते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो मनुष्य को सच्चा और अच्छा मनुष्य बना सके और अच्छा मनुष्य वही है जो समाज के हर अच्छे क्षेत्र में सहयोग करे, ऐसी शिक्षा को हमारा संविधान भी महत्व देता है।
आगे कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो में जो भाषण दिया था उसका सार भी ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ का था जिसे उन्होंने ही पहचाना था। ऐसे मानवीय मूल्यों के बल पर अच्छे समाज, राष्ट्र और विश्व का निर्माण सम्भव है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छता अभियान के अन्र्तगत कानपुर में नगर निगम की टीम द्वारा 111 घंटे लगातार सफाई करने का रिकार्ड बनाया है। ऐसे कार्यक्रमों से स्वच्छता के प्रति जागरूकता आती है। उन्होंने टैलेन्ट डेवलपमेन्ट काउन्सिल को इसके लिये भी सराहा कि वह प्रतिभाओं को विकसित करने का कार्य कर रही है।
वहीं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री श्रीराम नाइक ने कहा कि संस्था तो अच्छे संस्कार युक्त शिक्षा पर बल देती है। उच्च शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में संस्था प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि शैक्षिक कार्यक्रम ग्रामीण प्रतिभा को विकसित करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी सम्पन्न हुये हैं।
इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि यह संस्था बिना भेदभाव के सभी को समान शिक्षा देती है। संस्कारयुक्त शिक्षा तो पाने का अधिकार सभी को है। कार्यक्रम के पूर्व गीता की प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पुरूस्कृत भी किया। इस अवसर पर मदन लाल जैन ने राष्ट्रपति सहित सभी का स्वागत किया और गीता पर अपने विचार प्रकट किये।