हाथरसः जन सामना संवाददाता। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष श्रीमती अखिलेश गुप्ता के नेतृत्व में आज आगरा रोड स्थित शहीद भगतसिंह पार्क में भीषण गर्मी को देखते हुये पंक्षियों के लिये दाना और पानी की व्यवस्था की गई। इस 46 डिग्री सेल्सियस तापमान में मुनष्य तो अपने लिये गर्मी से बचाव की व्यवस्था कर लेता है लेकिन बेजुवान पंक्षियों के लिये सोचना भी हम सभी का कर्तव्य बनता है।
इस अवसर पर जिला विस्तारक दीपक मुद्गल ने कहा कि अधिक मास में लोग विभिन्न प्रकार से सहायतार्थ कार्य करते हैं और उसके बदले में उनके मन को सन्तुष्टि मिलती है। समाज सेवा, गऊ सेवा, पशु पंक्षियों की सेवा करने से उसके सात जन्मों के कर्मों का फल मिलता है।
भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती अखिलेश गुप्ता ने भगतसिंह पार्क, हन्नासेन की बगीची, जलेसर रोड स्थित आंधीवाल बगीची पर पंक्षियों के लिये दाना एवं पानी की व्यवस्था करते हुये कहा कि जिस तरह से गर्मी के मौसम में लोग जगह-जगह प्याऊ लगवाते हैं और मानव सेवा का कार्य करते हैं, उसी तरह पशु पंक्षियों के लिये भी हम सभी को सोचना होगा, उनका जीवन भी बचाना होगा और उनके लिये जो भी व्यवस्था होनी चाहिये महिला मोर्चा करने के लिये पूर्ण तत्पर है और रहेगा।
JAN SAAMNA DESK
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रक्तदान कर बचाई जिन्दगी
हाथरसः जन सामना संवाददाता। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मानवता की मिसाल कायम कर एक महिला श्रीमती महादेवी उम्र लगभग 45 वर्ष पत्नी सुरेंद्र शर्मा निवासी रहना जो कि पीलिया से ग्रसित थी और 4 दिन से उनके परिवारीजन ए नेगेटिव ब्लड के लिए मारे मारे फिर रहे थे। लेकिन यह नेगेटिव ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
ब्लड़ की व्यवस्था नहीं हो पाने पर परेशान परिजनों से यूनिवर्सल ह्यूमन राइट काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वाष्र्णेय से फोन द्वारा सम्पर्क किया और फिर प्रवीन वाष्र्णेय द्वारा सोशल मीडिया पर तमाम ग्रुपों में मैसेज भेजे गए। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी महावीर सिंह जो कि हाथरस में ही ब्लड ऑफिस में स्थित कार्यालय में तैनात हैं। उनका ब्लड ग्रुप ए नेगेटिव है। मेरे द्वारा उनके मोबाइल पर कॉल कर ए नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता बताई गई तब उन्होंने कहा कि मैं अभी ऑफिशियल काम में व्यस्त हूं शाम को मैं आपके पास अवश्य आता हूं और यह रक्तदान अवश्य करूंगा। इसके बाद उनका मेरे पास पुनः कॉल आया और कहा कि मैं ब्लड बैंक पहुंच रहा हूं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ब्लड बैंक आने के बाद अपना रक्तदान ब्लड बैंक में किया और जरूरतमंद श्रीमती महादेवी के परिवारीजनों को रक्त की आपूर्ति कराई गई।
बैंक कर्मचारी रहे हड़ताल पर, उपभोक्ता रहे परेशान
हाथरसः जन सामना संवाददाता। यूनाईटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन्स के आहवान पर वेतन पुनरीक्षण एवं अन्य माॅगों को लेकर आज से बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं और बैंकों में हड़ताल रहने से बैंक उपभोक्ता व व्यापारी भारी परेशान रहे तथा बैंक कर्मियों द्वारा आज बैंक आॅफ बड़ौदा पर प्रदर्शन व नारेबाजी की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों का 10 वां द्विपक्षीय समझौता अक्टूबर 2017 को समाप्त होना था। इस लिये सरकार ने बैंकों के प्रबन्धन तथा आई.बी.ए. को 12 जनवरी 2016 को निर्देश दिया कि वेतन वार्ता प्रारम्भ कर, नवम्बर 2017 से पूर्व अगला समझौता कर लिया जाये। संगठनों ने मई 2017 में सामूहिक रूप से अपना माॅग पत्र प्रस्तुत कर दिया। आई.बी.ए. ने टालम-टूल की नीति अपनाई और 15 वार में भी अपना वेतन वृद्धि का प्रस्ताव नहीं दिया। संगठन ने जब आन्दोलन का निर्णय लिया तब 6 माह के अन्तराल के बाद 5 मई को वार्ता हुयी।
डाक कर्मी अब दिल्ली में संचार भवन पर देंगे धरना
हाथरसः जन सामना संवाददाता। अखिल भारतीय डाक सेवक संघ के बैनरतले सातवें वेतन आयोग के लागू हो जाने के बाद भी ग्रामीण डाक सेवकों को सातवें वेतन आयोग के हिसाब से वेतनमान नहीं मिलने से आक्रोशित डाक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और आज नौवंे दिन भी डाक कर्मियों की जहां हड़ताल जारी रही और डाककर्मियों ने अब दिल्ली जाकर संचार भवन पर धरना देने की तैयारी की जा रही है।
डाक कर्मियों का जिले के मुख्य डाकघर के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन जारी रहा और जमकर नारेबाजी कर विरोध किया गया। धरना में कर्मचारियों ने केन्द्र सरकार को कोसते हुये कहा कि धरना को आज नो दिन हो गये लेकिन केन्द्र सरकार के अभी तक कान खुले नहीं हैं और अब हम सब कर्मचारी धरना संघर्ष को निरन्तर जारी रखते हुये आगामी दिनों में एक दिन दिल्ली जाकर संचार भवन पर धरना देकर संचार मंत्री को ज्ञापन देंगे। धरना की अध्यक्षता ग्रामीण डाक सेवक संघ के गोपाल प्रसाद शर्मा ने की और सभी ने पूरे जोश के साथ सातवें वेतन वृद्धि कर भुगतान की मांग की।
सा मिल में लगी भयंकर आग: लाखों का माल खाक
हाथरसः जन सामना संवाददाता। शहर के आगरा रोड पर रोडवेज बस स्टैण्ड के सामने स्थित इमारती लकड़ी के थोक विक्रेता फर्म व सां मिल में बीती रात्रि को अचानक अज्ञात कारणों के चलते आग लग जाने से भारी हडकम्प व अफरा तफरी मच गई और लाखों रूपये कीमत की कीमती लकड़ी जलकर राख हो गई। आग की सूचना पाकर तत्काल मौके पर फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंच गई लेकिन आग का भयानक दृश्य देखकर आग बुझाने के लिये जिले की ही नहीं अलीगढ़ की फायर बिग्रेड को भी बुलाना पड़ा और फायर बिग्रेड टीम ने सूझबूझ से आग पर घण्टों की मशक्कत कर काबू ही नहीं पाया बल्कि आसपास रिहायशी इलाका होने पर एक बड़ी घटना को रोक दिया।
आगरा रोड पर रोडवेज बस स्टैण्ड के सामने मनोज कुमार गुप्ता पुत्र राधेलाल गुप्ता निवासी गली सीकनापान की इमारती लकड़ी की थोक विक्रेता फर्म व सां मिल राधेलाल गोपाल प्रसाद के नाम से है। इस फर्म का संचालन मनोज कुमार गुप्ता व इनके भाई रामकुमार गुप्ता द्वारा किया जाता है और कीमती लकड़ी साल, कैल, सीजेन्ट, शीशम आदि का थोक का व्यापार है।
बीती रात्रि को करीब दो-ढाई बजे के करीब उक्त सां मिल में अचानक अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई और क्षेत्रीय लोगों के द्वारा फर्म संचालकों को जैसे ही आग लगने की सूचना मिली तो उनके हाथ-पांव फूल गये और वह तत्काल मौके पर आ गये। आग का भयानक दृश्य देखकर उनके होश उड़ गये और आग की तत्काल सूचना फायर बिग्रेड को दी गई।
सां मिल में आग की सूचना पाकर चीफ फायर अधिकारी अरविन्द कुमार अपनी पूरी टीम व दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंच गये और फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें उठतीं देख उन्होंने अलीगढ़ से भी और दमकल गाड़ियों को बुला लिया और आग पर करीब साढ़े 3 घण्टे में प्रभावी रूप से काबू पा लिया, लेकिन आग की लपटें तो थम गईं लेकिन आग धधक रही थी तो फायर बिग्रेड की पूरी टीम करीब सुबह 10-11 बजे तक मौके पर डटी रही और आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। फायर बिग्रेड की टीम ने सीएफओ अरविन्द कुमार के निर्देशन में आग पर काबू पाने में इतनी जहां तत्परता दिखाई वहीं आसपास के रिहायशी इलाके में मकानों को क्षति न पहुंचे व कोई अप्रिय बात न हो का भी विशेष रूप से ध्यान रखा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश का होगा सर्वांगीण विकासः मुख्य सचिव
लखनऊः जन सामना ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नंद गोपाल ‘‘नंदी‘‘ ने कहा कि गोतमबुद्ध नगर जनपद में जेवर के निकट ‘‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट‘‘ का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में एक है, जिसे वर्ष 2000 में अवधारित किया गया था, किंतु 17 साल से लंबित चल रहे इस प्रोजेक्ट पर वर्तमान राज्य सरकार ने तत्परता से मात्र एक साल के भीतर साइट क्लीयरहेंस और इन प्रिंसिपल अप्रूवल प्राप्त करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट को सन् 2022 तक आपरेशनल कराने हेतु निर्धारित माइल स्टोन के साथ आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जायें। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तरप्रदेश की छवि बेहतर करने के साथ-साथ निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। आज यहां राज्य सरकार की 4 इकाइयों- नागरिक उड्डयन निदेशालय, नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल उेवलपमेंट अथाॅरिटी द्वारा एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है जिसके माध्यम से एक एस पी वी को श्रवपदज टमदजनतम ब्वउंचंदल के रूप में गठित कर जेवर एयरपोर्ट के विकास के लिए अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। प्रमुख सचिव, नागरिक उड्डयन, श्री एस0पी0 गोयल ने बताया कि इस डव्न् के उपरांत कंपनी का गठन कर भूमि अधिग्रहणध्क्रय की कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने बताया कि नोडल एजेंसी यमुना एक्सप्रेस वे द्वारा कंसेशनयरध्विकास कर्ता के चयन के लिए बिड डाॅक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। जुलाई के अंत तक बिडिंग प्रक्रिया प्रारंभ करा दी जायेगी। निदेशक नागरिक उड्डयन, श्री एस0 एस0 गंगवार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की डी पीआर तथा टैक्नो इकोनाॅमिक्स फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट प्राइस वाटर हाउस कंसलटेंट कंपनी द्वारा तैयार की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार कुल 8 ग्राम की 1441 हेक्टेयर भूमि को क्रय / अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है।
पीएम नरेन्द्र मोदी जी ने लिए कड़े व बड़े फैसलेः नकबी
-मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया
-हज सबसिड़ी खत्म करने को बताया कड़ा फैसला
-पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दे पाये केन्द्रीय मन्त्री
कानपुरः जन सामना संवाददाता। मोदी सरकार की चार साल उपलब्धियों को गिनाने के लिए केन्द्रीय मन्त्री अल्प संख्यक कार्य मन्त्रालय मुख्तार अब्बास नकबी आज शहर में पधारे।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान शहर में मोदी जी की रैलियों की चर्चा से शुरूआत करते केन्द्रीय मन्त्री मुख्तार अब्बास मन्त्री ने केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि जब से श्री नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमन्त्री बने हैं तब से पूरी दुनियां में भारत के प्रति सोंच बदली है। उन्होंने कहा कि लाल बत्ती कल्चर खत्म किया गया। एलपीजी सबसिडी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पीएम के आहवाहन पर करोड़ों ने सबसिडी छोड़ दी जिससे उज्जवला योजना का संचालन कर गरीबों को एलपीजी सिलेण्डर व चूल्हे दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले की 28 डीबीटी योजनाएं ठण्डे बस्ते में पड़ी थी उन्हें संचालित किया गया और इस समय 431 डीबीटी योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिल रहा है।
आर्थिक सुधार के लिए जीएसटी लागू करना व आतंकवाद पर लिए गए फैसलों को उन्होंने बड़े व कड़े फैसले बताया। उन्होने बताया कि सांसदों की सबसिडी संसद की कैण्टीन में खत्म कर दी गई, साथ ही हज पर जाने वालों को दी जाने वाली सबसिडी खत्म कर दी गई। उन्होंने बताया कि पहले की अपेक्षा अब टैक्स देने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।
एवार्ड वापसी की चर्चा करते हुए बताया कि लोगों ने अंग्रेजों के जमाने के एवार्ड वापस किए पता नहीं वो कौन लोग थे। साथ ही कहा कि आने वाले समय में देश की जीडीपी 7.4 से ज्यादा होगी।
मन्त्री महोदय ने कहा कि देश के पीएम नरेन्द्र मोदी को विदेश यात्राओं के दौरान जो सम्मान मिला है वह पहले कभी किसी पीएम को नहीं मिला। उन्होंने कहा जब भी मोदी जी विदेशों में जाते हैं तो उन्हें वहां के राष्ट्रपति प्रोटोकाल तोड़ कर सम्मान देते हैं। यह देश के लिए गर्व की बात है।
मोबाइल शाॅप का ताला तोड़कर नकदी व मोबाइल चोरी
कानपुरः जन सामना संवाददाता। बर्रा थाना क्षेत्र में रात्रि के समय मोबाइल शाॅप का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी व मोबाइल चोरी कर लिए। सूचना मिलने पर पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और जल्द ही वारदात का खुलासा करने की बात कह चले गए।
वरुण विहार मैन रोड पर रजनीश यादव की श्रेया टेलीकाॅम के नाम से दुकान है। रजनीश ने बताया कि रात्रि 11 बजे दुकान बन्द कर घर चले गए और आज सुबह 8 बजे जब दुकान पहुंचे तो ताला टूटे देख उनके होश फाख्ता हो गए। उन्होंने बताया कि दुकान से 7 मोबाईल जिनकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये व लगभग 25 हजार रूपये चोरी हो गए हैं।
रेट्रो लुक मेकअप में ना करें गलतियां
आजकल फिल्मों के जरिए रेट्रो लुक फैशन की दुनियां में वापसी कर रहा है। खास बात यह है कि यह रेट्रो लुक युवाओं में काफी प्रसिद्ध हो रहा है। महिलाएं काॅलेज के साथ-साथ आॅफिस जाने के लिए भी प्रयोग कर रहीं हैं।
आजकल रेट्रो लुक मेकअप महिलाओं में काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें साठ के दशक की तरह स्किन पर मैट फिनिश टच दिया जाता है। खास बात यह है कि यह लुक इंडियन फीचर्स और ट्रेडिशन इंडियन कपड़ों को सूट भी करता है। इसीलिए विस्तार से जानिए जन सामना की ब्यूटी एडवाइजेर व सलेब्रिएटी मेकअप आर्टिस्ट शालिनी योगेन्द्र गुप्ता से।
शालिनी के अनुसार रेट्रो लुक के लिए जो मेकअप आइटम प्रयोग किए जाते हैं उनमें लिप ग्लाॅस, फ्राॅस्टेड लिपस्टिक, म्यूटेड ब्लशर कलर्स, आई लाइनर, आई शैडो और मस्कारा शामिल हैं। दरअसल, उन दिनों पीच और लाइट पिंक ब्लशर इन थे, इसलिए ब्लशर को नैचरल ग्लो लाने के लिए यूज करें।
फेसः फेस वाॅश से साफ करके लिक्विड टिंटेड फाउंडेशन लगाएं। मैक का डीप ब्ल्यू आईशैडो आइलिड से बाहर की तरफ फैलाएं। अच्छी तरह ब्लेंड करें। हेवी आइलाइनर अपर एंड लोअर लैशलाइन पर लगाएं। फाॅल्स आइलैशेज लगाएं और मस्कारा के दो कोट लगाएं। मैक का पीच कलर ब्लशर लगाएं। ब्राॅन्जर से हाइलाइट करें। कोरल लिपस्टिक लगाएं। फिर ट्रासपेरेंट ग्लाॅस लगाएं।
हेयरः आगे के बालों को पीछे की तरफ ले जाकर क्राउन एरिया पर आगे की तरफ प्रेस करते हुए साइड पोनी बनाएं। फ्रिंज को एक साइड में क्लीन सेट करें।
बालों के एक तरफ बिग मैंचिग एक्सेसरीज लगाएं।
चीक्स-गलतीः चीकबोंस को शेप देने के लिए डार्क शेड वाला ब्लश इस्तेमाल करती हैं। इस तरह चीक्स अलग से हाइलाइट होने लगते हैं, जो आपके काॅम्प्लेक्शन को दबा देते हैं।
सलूशनः चीक्स को शेप देने के लिए काॅम्प्लेक्शन के हिसाब से ही ब्लशर चुनें। बजाय ढेर सारा ब्लशर बर्बाद करने के हलका ब्राॅन्जर चीक्स एपल के साइड पर नाक की सीध से हेयरलाइन तक ले जाते हुए लगाएं। ब्लशर का ऐसा शेड चुनें जो आपकी स्किन टोन से मेल खाता हो। मसलन- फेयर स्किन के लिए रोज शेड्स चुनें। आॅलिव स्किन के लिए पीच शेड्स। खासतौर पर मिनरल ब्लशर चुनें। डार्क स्किन के लिए रेड और एप्रिकाॅट शेड्स चुनें।
आतंकियों पर रहम की जरूरत नहीं
रमजान के महीने में मोदी सरकार द्वारा आतंकवादियों के विरूद्ध घोषित एकतरफा सीजफायर से सिर्फ फजीहत ही मोदी सरकार के हांथ लग रही है। जिस तरह से रमजान के महीने में आंतकी घटनायें घटित हो रही हैं और उसको देखते हुए सेना ने भी अपने स्वर मुखर किये है। देश की जनता भी इस कदम को सही नहीं ठहरा रही है। वहीं सेनाधिकारियों की मानें तो एकतरफा सीजफायर की इस घोषणा ने आतंकी गुटों में नई जान फूंकने जैसी बात कही क्योंकि इसका फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब आतंकियों की कमर टूटने की बात कही जा रही है। अतीत पर अगर नजर डालें तो रमजान के अवसर पर कश्मीर में पहली बार सीजफायर की घोषणा भी भारतीय जनता पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार के मुखिया तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। उनका मकसद था कि कश्मीर में शांति रहे लेकिन उनका यह प्रयास औंधे मुंह गिरा था। दुखद पहलू पहले चरण के सीजफायर का यह था कि जिस आम कश्मीरी जनता को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने सीजफायर की घोषणा की थी उन्हीं को सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ा था। अगले चरणों में भी नागरिकों को कोई राहत नहीं मिली थी क्योंकि आतंकियों के निशाने पर सुरक्षा बलों के साथ साथ नागरिक रहे थे। इतना जरूर था कि सुरक्षा बलों ने आतंकी हमलों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2000 के सीजफायर के चार चरणों के दौरान लगभग तीन सैकड़ा आतंकियों को ढेर कर दिया था। लेकिन इन कामयाबियों के लिए सुरक्षा बलों को भी लगभग दो सौ जवानों व अधिकारियों की शहादत देनी पड़ी थी और तकरीबन साढ़े तीन सैकड़ा नागरिक भी इस दौरान मारे गए थे। यह भी सामने आया था कि आतंकी गुटों ने वर्ष 2000 के रमजान सीजफायर के दौरान अपने आपको अच्छी तरह से मजबूत कर लिया था और यह मजबूती सीजफायर की समाप्ति के बाद के कई महीनों के दौरान होने वाले हमलों और मौतों से स्पष्ट होती रही थी।
यह कहना कदापि अनुचित नहीं कि तत्कालीन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों ने सीजफायर से बहुत से सबक सीखे थे लेकिन देश के राजनीतिज्ञों ने कुछ नहीं सीखा था शायद। वर्तमान में जो आदेश दिया गया है उससे तो यही जाहिर होता है कि देश के राजनीतिज्ञों ने ऐसे समय में पुनः सीजफायर लागू करवाने में कामयाबी पाई है जबकि सेना के आॅपरेशन आल आउट ने आतंकियों की कमर को तोड़ दिया है। बचे खुचे आतंकियों को उनकी मांद से निकाल मारने का जो सिलसिला तेजी पकड़ पकड़ रहा है अब उस पर ब्रेक लगा दिया गया लेकिन यही कारण है कि देश की सेना समेत अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने इस सीजफायर का विरोध करना आरंभ किया है और आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने की बात सामने आ रही है।
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