कौशांबी, मिथलेश कुमार वर्मा। आज गुरुवार को ग्राम कुसवाँ थाना पुरामुफ्ती जिला कौशांबी का बिजली विभाग का प्राईवेट कर्मचारी कुसवाँ गांव मे मिठाई लाल के ट्यूबवेल पर मंदर पावर हाउस से सिट डाउन लेकर खम्बे पर चढ कर कार्य कर रहा था जिसका नाम हमजान जो हुसैन पुर पावन जिला कौशांबी का रहने वाला था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली विभाग की लापरवाही से बिजली चालू होने के कारण करेन्ट लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। जब इसकी सूचना घरवालों को हुई तो वो सब रोते बिलखते मौके पर पहुँचे और पुलिस को सूचना दी पुलिस घटनास्थल पर पहुँच कर लाश को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लोगों का कहना है कि मंदर पावर हाउस में कोई जिम्मेदार अधिकारी जैसे जेई एवं एसडीओ जल्दी नही आते प्राईवेट लोग यह पावर हाउस चलाते है। इनकी गैर जिम्मेदाराना हरकत से एक परिवार बर्बाद हो गया। लोग इस पावर हाउस के क्रिया कलाप से त्रस्त है जिससे लोगों में भारी अक्रोश है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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Jansaamna
सासनी, जन सामना संवाददाता। बीआरसी परिसर में विकास खंड सासनी के समस्त संकुल प्रभारियों ने नवागत खंड शिक्षाधिकारी पोप सिंह का पुष्पहार पहनाकर जोशीला स्वागत किया। बुधवार को स्वागत समारोह के दौरान खंडशिक्षाधिकारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी शिक्षकए संकुल प्रभारी, प्रधानाचार्य का उत्तर दायित्व है कि बच्चों को अच्छी और उच्च शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाएं। इस दौरान संतोष शर्मा, राजेन्द्र लवानियां, तेजवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, रजनी देवी, अरविंद शर्मा, सुभाष सिंह, अमित गुप्ता, कौशल, राजेश शर्मा, हबीब, महेश, शिवकुमार आदि मौजूद थे।
सासनी, जन सामना संवाददाता। बुधवार को अलाउद्दीन हसन शाह बिलाली की दरगाह पर रोजा इफ्तार का प्रोग्राम किया गया। जिसमें सज्जादा गद्दी नशीन हजरत इरशाद हसन शाह बिलाली ने रोजेदारों को रोजा इफ्तार कराया। इस दौरान सैकडों रोजादारों ने शिरकत की। रोजा इफ्तार के दौरान सज्जादा गद्दी नशीन हजरत इरशाद हसन शाह बिलाली ने बताया कि अल्लाह रोजेदारों की दुआ के लिए लिए 70 हजार फरिश्तों को जमीन पर भेजते हैं ! रोजेदार को जहन्नम की आग में नहीं जलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सब तारीफे अल्लाह के लिए है जो तमाम जहाँ का पालनेवाला है, हम उसीकी तारीफ करते है और उसी का शुक्र अदा करते है. अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है। जब रमजान आता है तो आसमान के दरवाजे खोल दिए जाते है, जहन्नम के दरवाजे बन्द कर दिए जाते है और शयातीन को जंजीरों से जकड दीये जाते है। जिसने रोजेदार का रोजा इफ्तार करवाया से भी उतना ही सवाब मिलेगा जितना सवाब रोजेदार के लिए होगा और रोजेदार के सवाब से कोई चीज कम ना होगी। अगर कोई अल्लाह कि सारी बाते और खूबियां बताना या लिखना चाहे तो ऐसा नहीं कर सकता इसलिए कि “अगर सारे समंदर श्याही बन जाये और दुनिया के सारे पेड कलम तो भी अल्लाह कि बाते पूरी नहीं लिखी जा सकती। करीब सौ से भी अधिक रोजेदारों को रोजा इफ्तार कराया गया। इस दौरान सैकडों रोजेदार मौजूद रहे।