ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में मानव के रूप में जन्म लेना एक दुर्लभ सौभाग्य की बात होती है और जब वो जन्म एक स्त्री के रूप में मिलता है तोवो परमसौभाग्य का विषय होता है क्योंकि स्त्री ईश्वर की सबसे खूबसूरत वो कलाकृति है जिसे उसने सृजन करने की पात्रता दी है। सनातन संस्कृति के अनुसार संसार के हर जीव की भांति स्त्री और पुरुष दोनों में ही ईश्वर का अंश होता है लेकिन स्त्री को उसने कुछ विशेष गुणों से नवाजा है। यह गुण उसमें नैसर्गिक रूप से पाए जाते हैं जैसे सहनशीलता, कोमलता, प्रेम, त्याग, बलिदान, ममता। यह स्त्री में पाए जाने वाले गुणों की ही महिमा होती है कि अगर किसी पुरुष में स्त्री के गुण प्रवेश करते हैं तो वो देवत्व को प्राप्त होता है लेकिन अगर किसी स्त्री में पुरुषों के गुण प्रवेश करते हैं तो वो दुर्गा का अवतार चंडी का रूप धर लेती है जो विध्वंसकारी होता है। किंतु वही स्त्री अपने स्त्रियोचित नैसर्गिक गुणों के साथ एक गृह लक्ष्मी के रूप में आनपूर्णा और एक माँ के रूप में ईश्वर स्वरूपा बन जाती है।
देखा जाए तो इस सृष्टि के क्रम को आगे बढाने की प्रक्रिया में जो जिम्मेदारियां ईश्वर ने एक स्त्री को सौंपी हैं उनके लिए एक नारी में इन गुणों का होना आवश्यक भी है। लेकिन इसके साथ ही हमारी सनातन संस्कृति में शिव का अर्धनारीश्वर रूप हमें यह भी बताता है कि स्त्री और पुरूष एक दूसरे के पूरक हैं प्रतिद्वंद्वी नहीं और स्त्री के ये गुण उसकी शक्ति हैं कमजोरी नहीं। भारत तो वो भूमि रही है जहां प्रभु श्री राम ने भी सीता माता की अनुपस्थिति में अश्वमेध यज्ञ उनकी सोने की मूर्ति के साथ किया था। भारत की संस्कृति तो वो है जहाँ कृष्ण भगवान को नन्दलाल कहा जाता था तो वो देवकी नंदन और यशोदा नन्दन भी थे। श्री राम दशरथ नन्दन थे तो कौशल्या नन्दन होने के साथ साथ सियावर भी थे। भारत तो वो राष्ट्र रहा है जहाँ मैत्रैयी गार्गी इंद्राणी लोपमुद्रा जैसी वेद मंत्र दृष्टा विदुषी महिलाएं थीं तो कैकई जैसी रानीयां भी थी जो युद्ध में राजा दशरथ की सारथी ही नहीं थीं बल्कि युद्ध में राजा दशरथ के घायल होने की अवस्था में उनकी प्राण रक्षक भी बनीं। लेकिन इसे क्या कहा जाए कि स्त्री शक्ति के ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक अतीत के बावजूद वर्तमान भारत में महिलाओं को सामाजिक रूप सशक्त करने की दिशा में सरकारों को महिला दिवस मनाने जैसे विभिन्न प्रयास करने पढ़ रहे हैं।
महिला जगत
मानसिक स्वास्थ्य जीवन का सबसे अनदेखा क्षेत्र
अभी कुछ दिन पहले सोनी नाम की पेशेंट मेरे पास क्लीनिक पर आई और फूट-फूट कर रोने लगी। मैं चुपचाप देखती रही और पूछा क्या बात है। कहने लगी आजकल मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता। मैं अपनी 3 साल के बच्चे को बहुत पीटने लगी हूं उसे अपशब्द इस्तेमाल करती हूं। मैंने उसकी सारी बातें सुनी उसने बताया गुस्सा बहुत आ रहा है, किसी चीज में मन नहीं लगता, पूरे बदन में दर्द, बहुत थकान, नींद ना आना और भूख न लगना। दरअसल सोनी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और अवसाद की शिकार हो रही थी। उसको काउंसलिंग और उचित उपचार की जरूरत थी। ऐसे न जाने कितने लोग मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं और हीन भावना से ग्रसित हो रहे हैं। मानव जीवन में मानसिक स्वास्थ्य का बहुत महत्व है पर हम लोग सबसे ज्यादा इसको अनदेखा करते हैं जिस तरह शारीरिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है उसी भांति मानसिक स्वास्थ्य भी। जनवरी माह भारत में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य माह के रूप में मनाया जाता है इसका मुख्य उद्देश्य है मानसिक स्वास्थ्य का जीवन में महत्वत्ता, जागरूकता बढ़ाना और समर्थन प्रदान करना है। इस माह में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती है जिसका मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को बेहतरीन दिशा में एक सामूहिक जागरूकता बढ़ाना है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का किया आयोजन
हाथरस: जन सामना संवाददाता। महिला कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हस्ताक्षर अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ शपथ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्टीकर कैंपेनिंग का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सांसद राजबीर सिंह दिलेर, विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह, माहौर, जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, जिलाधिकारी अर्चना वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी साहित्य प्रकाश मिश्र ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के हस्ताक्षर अभियान को आरंभ करते हुए अपने वाहन पर स्टीकर लगाते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की मुहिम को आगे बढाने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही स्पोर्ट्स स्टेडियम हाथरस में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की स्टॉल के माध्यम से महिलाओ एवं बालक/ बालिकाओं से संबंधित समस्त योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, रानी लक्ष्मीबाई एवं बाल सम्मान कोष, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बालश्रम, स्पॉन्सरशिप, 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 आदि की विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी।
बालिका दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन
चन्दौलीः जन सामना संवाददाता। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ग्राम्या संस्थान द्वारा पुलिस विभाग, चन्दौली के सहयोग से किशोरियों के साथ एक कार्यक्रम का आयोजन नौगढ़ ब्लॉक अन्तर्गत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चन्द्रप्रभा स्थित राजदरी पर किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, चन्दौली के सौजन्य से बालिकाओं के लिए संचालित ब्यूटीपार्लर एवं सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं एवं ग्राम्या संस्थान द्वारा संचालित डीएमए परियोजना के कुछ गांवो की किशोरियों की सहभागिता रही। इसके साथ ही पुलिस विभाग, संस्था कार्यकर्ताओं एवं संस्था प्रमुख की सहभागिता रही। कार्यक्रम में किशोरियों के द्वारा दर्शनीय स्थल पर भ्रमण, सामूहिक गीत, दिवस की महत्ता, इस वर्ष की थीम ‘समानता घर से’, लैंगिक समानता, समान अवसर, हिंसा जैसे मुद्दों पर बातचीत की गई। इस सन्दर्भ में किशोरियों/महिलाओं को प्रभावित करने वाले चिन्हित मुद्दों को किशोरी समूहों द्वारा एक अभियान के रूप में अपने-अपने पंचायत/गांव स्तर पर उठाए जाने पर जोर दिया गया।
दीक्षांत समारोह में आकांक्षा को मिली डॉक्टरेट की उपाधि
शिकोहाबादः जन सामना संवाददाता। शिक्षण संस्थान दयालबाग आगरा में आयोजित 42 वें दीक्षांत समारोह में नगर की बेटी आकांक्षा यादव ने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर नगर का नाम रोशन किया। छात्रा की इस उपलब्धि पर उसको बधाई देने वाला का तांता लगा रहा।
आकांक्षा नगर के वंशीपुरम कॉलोनी निवासी दिनेश यादव एवं निर्मला यादव की पुत्रवधू हैं। उसने पीएचडी के दौरान अपना शोध कार्य प्रोफेसर वीके गंगल(डीन फैकल्टी ऑफ कॉमर्स) के निर्देशन में पूरा किया। छात्रा ने विश्वविद्यालय में शोध के दौरान तीन शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए। उन्होंने लगभग 10 राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आदि में भी प्रतिभाग किया। पीएचडी के दौरान छात्रा ने इंडियन काउंसिल ऑफ साइंस एड रिसर्च (आईसीएसएसआर) द्वारा फैलोशिप भी प्राप्त की। वहपूर्व में तीन बार नैट की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुकी है और दो वर्ष तक राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय अलवर में बतौर सहायक आचार्य शिक्षण प्रदान कर चुकी हैं।
मोनिका ने जेआरएफ नेट पास कर नगर का मान बढ़ाया
शिकोहाबादः जन सामना संवाददाता। नगर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जिसे सही प्लेटफार्म मिल जाता है, वही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर अपना, परिवार का और नगर का मान बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ता।
नगर के मोहल्ला आवास विकास कालोनी निवासी रवि यादव राजकीय ठेकेदार विधुत विभाग की बेटी मोनिका यादव ने जेआरएफ नेट राजनीति शास्त्र सामान्य कैटागिरी में उत्तीर्ण कर नगर का नाम रोशन किया है। मोनिका यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही गुरुजनों और अपनी मेहनत को दिया है। मोनिका की इस सफलता पर उसको बधाई देने वाले बधाई दे रहे हैं। परिजनों ने बेटी की इस उपलब्धि पर उसको मिष्ठान खिला कर उसका मुंह मीठा कराया।
। हिन्दी दिवस ।
चंदन सी महके और दमके,
तू मलय गंध लेकर हिंदी।
बच्चों की किलकारी में तू,
भारत मां को प्यारी हिंदी।
हम सबकी पहचान है हिंदी,
हिंदुस्तान की aजान है हिंदी।
भारत का अभिमान है हिंदी
सबके लिए आसान है हिंदी
स्वर व्यंजन से बंधी ये हिंदी,
कस्तूरी सी ये महके हिंदी।
रणक्षेत्र में जैसे ढाल ये हिंदी
क्षत्रिय की तलवार यह हिंदी
मां की गोदी का लाल ये हिंदी ,
माझी की पतवार ये हिंदी ।
नववधू की कुमकुम जैसे हिंदी ,
जन-जन के हृदय बसी ये हिंदी ।
हिंदुस्तान की शान ये हिंदी ,
अपनों की पहचान ये हिंदी ।
भक्तों की अरदास ये हिंदी ,
मांओं की उपवास ये हिंदी।
मीरा रसखान कबीर तुलसी ,
है महावीर की वाणी हिंदी ।
गंगा यमुना और सरस्वती ,
संगम की यह रवानी हिंदी ।
साधक की “नाज़” बनी साधना हिंदी,
शंखों से मुखरित होती हिंदी।
महिला शक्ति ने बरेली में आयोजित जायंट्स कन्वेंशन में जीते 14 अवार्ड
फिरोजाबाद, जन सामना संवाददाता। जायंट्स ग्रुप ऑफ फिरोजाबाद महिला शक्ति की पदाधिकारियों ने बरेली में आयोजित जायंट्स कन्वेंशन में सेवा कार्यों के लिए सर्वाधिक 14 पुरस्कार से नवाजा गया।
संस्था की अध्यक्षा पूनम गुप्ता ने बताया कि सभी 84 ग्रुप में से सेवा कार्यो के लिए सर्वाधिक 14 अवार्ड से जीते है। सौम्या चौहान को बेस्ट कॉर्डिनेटर का अवार्ड मिला। प्रशासनिक निर्देशिका प्राची अग्रवाल को आउटस्टेंडिंग प्रसाशनिक निदेशिका और राखी बंसल को एक्सीलेंट वित्त निदेशिका का अवार्ड मिला। महिला शक्ति ग्रुप को बेस्ट ग्रुप, आउटस्टेंडिंग आई कैम्प, आउटस्टेंडिंग मोनुमेंटल, आउट स्टेंडिंग सर्विस प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर, एक्सीलेंट पेप्रोसी इरेडिकेशन, एक्सीलेंट दिव्यांग सर्विस, एक्सीलेंट टी वी एररेडिक्शन, बेस्ट जायंट्स ग्रुप, जायंट्स सेवा सप्ताह, बेस्ट ब्लड डोनेशन, 50 ग्रोथ अवार्ड मिले।
कानूनी दायरे में रहकर न्याय दिलाना ही हमारा मुख्य कार्य है : प्रेमलता
सासनी, हाथरस। गांव तेहरा में भारतीय न्याय चक्र फाउण्डेशन के बैनरतले नारी सशक्तिकरण और कानूनी दायरे में पीड़ित महिला शक्ति को न्याय दिलाने पर चर्चा की गई। साथ ही मजलूम और असहाय लोगों के प्रति होने वाले अपराधों से कैसे निबटा जाए जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
गुरूवार को आहूत बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारतीय न्याबय चक्र फाउण्डेचशन की महिला प्रकोष्ठम प्रदेश अध्यदक्ष प्रेमलता तथा राष्ट्री य अध्योक्ष विष्णुअ मिश्रा ने मां भारती के छबिचित्र के सामने दीप जलाकर एवं पुष्पषहार अर्पित कर किया। बैठक में मुख्य अतिथि ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला शक्ति को कानूनी दायरे में न्याय दिलाना और ज्यादा से ज्यादा गरीब, बेबस, असहाय व्यक्तियों की पीड़ा को दूर करना है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। घर हो या कार्यस्थल महिलाएं आज पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाएं खड़ी हैं। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां महिलाएं अपना योगदान न दे रही हों। घर हो या बाहर महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं, लेकिन ऐसी कई वजहें भी हैं, जिनकी वजह से उन्हें पुरुषों की तुलना ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। भारत की ही बात करें तो यहां हर मिनट एक महिला अपराध का शिकार होती है।
ऑपरेशन जागृति अभियान के तहत महिला सुरक्षा की दी जानकारी
फिरोजाबादः संवाददाता। ऑपरेशन जागृति अभियान के तहत गुरुवार को जगह-जगह पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम आयोजित कर महिला सुरक्षा की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करते हुए कहा कि झूठी रिपोर्ट लिखाने में महिलाएं व युवती स्वविवेक का प्रयोग करें।पालीवाल ऑडिटोरियम में एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एडीजी आगरा जोन के निर्देशन में सात जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। अपराधों से बचाने को लेकर पुलिस और यूनिसेफ के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
Jansaamna