Saturday, September 12, 2026
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आवारा पशु कर रहे खेतों में नुकसान किसान कर रहे मुआवजे की मांग

सासनी, जन सामना संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं तथा जंगली पशुओं की भरमार हैं यह पशु किसानों के खेतों में अत्यधिक नुकसान कर रहे है। खडी फसलों के गिर जाने से उन्हें अपना चारा भी बना रहे है। इसे लेकर किसानों ने गांव सीकुर में प्रदर्शन करते हुए पशुओं से हो रहे नुकसान के मुआवजे की मांग की। शुक्रवार को गांव सीकुर में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का अरोप था कि प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। और न ही उत्तर प्रदेश तथा केन्द्र सरकार का ध्यान इस ओर हैं। आवारा पशुओं के कारण किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता हैं यह पशु खेतों को ही अपना बैठने का स्थान तथा विचरने के लिए प्रयोग में लाते हैं। इससे खेतों में खडी फसलें टूट जाती है और बची फसलों को यह पशु खा जाते है। यदि कोई किसान इन पशुओं को खेतों से भगाने का प्रयास करे तो यह पशु एकजुट होकर किसान के ऊपर हमला कर देते हैं। पशुओं के हमले से कई किसान घायल भी हो चुके हैं कुछ किसानों को अपनी जान से हाथ धोना पडा। जिसका समाचार पत्रों में कई बार जिक्र किया गया हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को निशाना बनाते हुए कहा कि कई बार मौखिक और लिखित रूप में शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। वहीं सरकार भी चप्पी साधे हुए है। किसानों ने प्रशासन और सरकारों के खिलाफ आक्रोश जताते हुए गांव में प्रदर्शन करते हुए जमकर नारे बाजी की और खेतों में विचरने वाले आवारा पशुओं को पकडने के साथ-साथ मुआवजे की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में दिनेश सेंगर, फिरोजखानं, गजेन्द्र सिंह, राजपाल सिंह, लाल सिंह, मुनेश कुमार, लोटन सिंह, अशोक कुमार, देवेश कुमार, कृष्ण कुमार, प्रभात कुमार, चंद्रभान सिंह लल्लू सिंह, निसार खां, जफरूद्दीन खां आदि मौजूद थे।वहीं एसडीएम अंजुम बी ने बताया कि किसानो का हित सरकार की प्राथमिकता हैं हाल ही में हमने कदम उठाए है। कि किसानों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। इसके लिए तहसील और समाजसेवियों की ओर से आगरा अलीगढ राजमार्ग स्थित गांव बरसे के निकट सीमेक्स स्कूल के पास एक गौशाला का निर्माण करया जा रहा है ंजिसमें इन आवारा पशुओं को रखा जाएगा। जिससे पशुओं का भी भरण पोषण हो सके और किसानों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सके।