Monday, September 24, 2018
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वृक्ष मानव-जीवन के संरक्षक हैं- विधायक

मीरजापुरः जन सामना संवाददाता। दीप-प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण जैसी औपचारिकताओं से हटकर ‘गङ्गा हरीतिमा कार्यक्रम’ के दूसरे अभियान का शुभारम्भ मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह ने पर्यावरण-संतुलन के अति सहयोगी पीपल, आम और नीम आदि के आरोपण से किया तथा दूर-दूर से आए ग्राम प्रधानों तथा स्वयंसेवियों से कहा कि वे अब इसके लिए कुछ कहने के बजाय कुछ करने में लग जाएं। श्री सिंह का उदबोद्धन यह था कि दिनोंदिन वृक्षों की घटती संख्या के लिए सिर्फ मानव ही जिम्मेदार है जबकि जीवन के लिए सर्वाधिक आवश्यकता प्रथमतः मनुष्य को ही है।
शनिवार को सिटी ब्लाक के पिपराडाड़ ग्राम में स्थित कृषि फार्म में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए गङ्गा के एक किमी दायरे को हरा-भरा करने के साथ गङ्गा की सफाई, प्लास्टिक रोधी अभियान को प्रभावी बनाने की प्लानिंग बनी। विधायक रमाशंकर सिंह का कहना था कि यह सिर्फ सरकार की योजना नहीं बल्कि जन-जन की योजना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हर वक्त तैयार हैं।
प्रारम्भ में मुख्य वन संरक्षक डॉ प्रभाकर दुबे ने स्वागत-उदबोद्धन में सरकार की मंशा से लोगों को अवगत कराया तथा इस अभियान में होने वाले विविध कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जबकि लखनऊ से आए मुख्य वन संरक्षक एवं योजना के मिर्जापुर एवं भदोही के नोडल आफिसर यू डी प्रसाद ने कहा कि हर व्यक्ति को एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सलिल पांडेय ने वैदिक एवं पौराणिक ऋषियों द्वारा गङ्गा सहित अन्य नदियों एवं वृक्षों की महत्ता पर व्यक्त किए गए चिंतन को पूर्ण वैज्ञानिक बताया। अन्य वक्ताओं में श्रीमती शमीम तथा साकेत पांडेय ने मानव जीवन तथा प्रकृति को एक दूसरे का पूरक बताया। अंत में धन्यवाद देते हुए डीएफओ राकेश चौधरी ने कहा कि तीन हजार किमी लम्बी यात्रा के दैरान लगभग आधी यात्रा उत्तर प्रदेश में ही गङ्गा की होती है। अतः इस प्रदेश की जिम्मेदारी सबसे अधिक होती है। कार्यक्रम का गीत-भरा सन्चालन कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार ने किया।