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बिजली का मसला

आज हर क्षेत्र में बिजली का दायरा व महत्व बहुत बढ़ गया है। ऐसे हालात बन चुके हैं कि चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी दोनों को बिजली की आवश्यकता है। बिजली का उत्पादन होने के बाद जितना उपयोग हो रहा है लगभग उसी अनुपात में दुरुपयोग भी किया जा रहा है। लेकिन बिजली बनाने को लेकर और बचाने को लेकर समाज को जितना आगे आना चाहिए और बिजली के क्षेत्र में कोशिश करनी चाहिए थी, उतनी नहीं हुई। आज वो लोग जो बिजली को चोरी छिपे उपयोग में ला रहे हैं और उन्हें उसकी कीमत नहीं चुकानी पड़ रही है वास्तव में वो लोग बिजली का दुरुपयोग कहीं ज्यादा कर रहे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि जिस तरह से अचानक बिजली जाते ही हर घर के लोग अपने अपने घरों में उजाला करने की कोशिश अपने अपने हिसाब से करते हैं ठीक उसी तरह से हमें कारोबारों व घरों में भी बिजली बचाने की ओर सोंचना चाहिए और छोटी छोटी परियोजनाएं लगाकर बिजली का उत्पादन करने के बारे में प्रयास करना चाहिए। इससे सरकार के प्रयासों को काफी मदद मिलेगी। उप्र में पिछली सरकार ने भी बिजली के उत्पादन की ओर काफी प्रयास किए और वर्तमान सरकार भी इस ओर कार्य कर रही है।
हकीकत यह है कि घरों में, दफ्तरों में और औद्यौगिक क्षेत्रों बिजली की खपत बढ़ती ही जा रही है। साथ ही अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में उपयोग के अलावा कृषिकार्य में भी बिजली का महत्व दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। फसलों की सिचाई का एक बेहतर विकल्प भी बिजली बनती जा रही है। लेकिन यह सच है कि शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में जितनी बिजली की जरूरत है उतनी नहीं हो पा रही है इस लिए बिजली उत्पादन व उसके सदुपयोग पर हम सबको ध्यान देने की जरूरत है।
समय समय पर बिजली उत्पादन के कई उपायों पर कार्य किया गया लेकिन वो सफल नहीं दिखे जैसे कूड़े कचरे से बिजली उत्पादन का कार्य प्रभावी तरीके से सफल नहीं हो पाया। लेकिन सौर्य ऊर्जा सफल होती दिख रही है और लोग इस ओर रुचि भी ले रहे हैं। वहीं बिजली बचाने के लिए आधुनिक यन्त्रों का उपयोग भी काफी कारगर साबित हो रहा है लेकिन खास बात यह है जो लोग अवैध रूप से बिजली का संयोजन किए हैं वो लोग बिजली का दुरूपयोग ज्यादा कर रहे हैं और सरकारी मशीनरी इसे रोकने में सिर्फ खानापूर्ति करती दिखती है। इससे वैध उपभोक्ताओं को बिजली की ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ रही है। इस ओर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है ताकि ईमानदार लोगों को अपनी जेब ना ढीली करनी पड़े। हालांकि उप्र सरकार ने अभी हाल ही में बिजली रोकने के लिए स्मार्ट तरीका अपनाने व प्रभावी कदम उठाने की बात कही है लेकिन यह यक्ष प्रश्न है कि बिजली चोरी रूक पायेगी या नहीं, क्योंकि जब तक अवैध संयोजनों को रोका नहीं जायेगा तब तक बिजली का दुरूपयोग होता ही रहेगा।