दहेज के लिये करते थे मारपीट-पत्नी
शादी के बाद बनाई पर्सनल फोटो और वीड़ियो-पत्नी
वायरल करने की दी धमकी.पत्नी पोर्न साईड पर एडिट कर डाली वीड़ियो-पत्नी
6 महिने मे पुलिस ने नही की कोई कार्यवाही-पीड़िता
कानपुर दक्षिण।बर्रा निवासी महिला ने बताया कि उसकी शादी कोयला नगर निवासी युवक से वर्ष 2017मे हुई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ महीने पहले ही पिता नौकरी से रिटार्यड हुये थे।जिसकी जानकारी पति को होने पर मायके से पैसे और अन्य सामान लाने की डिमांड करने लगा ऐसा न करने पर पति व ससुरालीजन मारपीट करते थे। जिससे तंग आकर पीड़िता ने अपना ससुराल छोड़ दिया।व अपने मायकेआकर रहने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने शादी के बाद उसे विश्वास मे लेकर पीड़िता के कुछ पर्सनल फोटो वीड़ियो बनाये थे। मायके से वापस ससुराल न आने पर वायरल करने की धमकी देने लगा। पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने उसके साथ.साथ उसकी भाभी व उसकी चाची की बेटी की भी फोटो को एडिट कर केएचए मास्टर नाम के पोर्न साईट पर पोस्ट कर दी। पीड़िता की बहनो की भी फोटो नम्बर सहित एडिट कर किया पोस्टपेड फोन आने पर चला पता। पीड़िता ने बताया की पति ने शादी के दौैरान ली गई परिवारिक फोटो से रिश्तेदारो की लड़कियों की फोटो निकाल कर एड़िट कर केएचए मास्टर नाम कीे पोर्न साईट व अन्य सोशल मीड़िया पर पोस्ट कर दिया। जिसपर उसका नम्बर भी डाल दिया।जिससे पीड़िता के पास अंजान लोगो के अश्लील फोन आने शुरू हो गये।
फोन आने पर लिया साइबर सेल का सहारा, डिलिट कराया वीड़ियो
पीड़िता ने पुलिस पर भी लगाया कार्यवाही न करने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2021 मे दर्ज हुआ था, मुकदमा बावजुद इसके बर्रा थाने मे तैनात एक दारोगा ने आरोपी से मिलीभगत कर 6 महिने बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की। जिसके बाद तंग आकर कर बीती 7.3.2022 को कानपुर दक्षिण डीसीपी रवीना त्यागी के आफिस के बाहर बैठी थी। जिनके आदेश पर बर्रा पुलिस ने पीड़िता को पुछताछ के लिये थाने बुलाया।
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Jansaamna
पुलिस का एक ही बहाना आरोपी की तलाश जारी है, क्यों नहीं दी जा रही ऐसे मामलों में दबिश
रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। एनटीपीसी ऊंचाहार में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के साथ धूमधाम से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। सबसे पहले क्षेत्र की महिला ग्राम प्रधानों को मानव संसाधन विभाग की प्रमुख वंदना चतुर्वेदी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में खुर्रमपुर, पुरवारा, अरखा और रायपुर की महिला ग्राम प्रधानों ने भाग लिया और अपनी सफलता की कहानी को सबके साथ साझा किया। एनटीपीसी ऊंचाहार की महिला कर्मियों के लिए एक वेबिनार का भी आयोजन किया गया। इस वेबिनार का विषय ‘बैलेंस योर व्हील ऑफ लाइफ’ रहा। महिला कर्मियों ने इसमें बढ़चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
सिकंदराराऊ। सिविल बार एसोसिएशन ने मंगलवार को विभिन्न अपराधिक मामलों में पीड़ित अधिवक्ताओं एवं उनके परिजनों को न्याय दिलाने के संबंध में लखनऊ के पुलिस कमिश्नर के नाम संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य सचिव एवं पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला की पत्नी श्रीमती शीला शुक्ला की हत्या फर्जी अस्पताल संचालकों द्वारा धोखाधड़ी करके कर दी गई है। संबंधित थाना मड़ियावा की पुलिस द्वारा आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सवा महीने तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में पुलिस कमिश्नर लखनऊ के हस्तक्षेप से रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई।
सिकंदराराऊ। स्थानीय रेलवे रोड स्थित भारतीय शिशु शिक्षण संस्थान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सम्मान कार्यक्रम किया गया। जिसमें विद्यालय की छात्राओं के साथ महिला शिक्षकों को भी माथे पर रोली लगा अंग वस्त्र व पुष्प हार से कर सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रबंधक देवेश सिसोदिया ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना प्रत्येक पुरुष का कर्तव्य है। हमारे शास्त्रों में भी लिखा है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं ।श्री सिसोदिया ने कहा कि जहां देवता निवास करते हैं वहाँ किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आ सकती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उदयवीर सिंह यादव, टोडी सिंह गौतम, रिंकू यादव, संजीव चौहान,अजय चौहान,सुभाष कुमार,पंकज यादब,सर्वेश कुमार , कमलेश पुंढीर, अंजलि चौहान, प्रीति यादव, प्रीति कुमारी, सीमा शर्मा, ज्योति यादव, नेहा कुमारी , गुंजन आदि उपस्थित थे।
रायबरेली,पवन कुमारगुप्ता।सरकार द्वारा पुरुष और महिलाओं के अनुपात को बराबर रखने के लिए भले ही नियम बनाए गए हैं लेकिन बीते कुछ वर्षों से और आज की आपराधिक घटनाओं का यदि आंकलन किया जाए तो अब समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि सरकार और प्रशासन यह कह रहे हैं कि अब पहले जैसी बात नहीं रही, प्रभावी नियम भी बना दिए गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हम बेहद सजग हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में देश में हैवानियत की ऐसी घटनाएं हुई थी जो कि हर राज्य में हर घर में चर्चा का विषय बनी रही और डरे सहमे लोग यही चर्चा करते रहे होंगे कि हम बेऔलाद रह लेंगे लेकिन बेटियों को जन्म नहीं देंगे।