हाथरस। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “आईजीआरएस जनसुनवाई-समाधान पोर्टल” पर जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में जनपद हाथरस की पुलिस ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिमाह जनपदवार समीक्षा के आधार पर यह रैंकिंग जारी की जाती है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार के निर्देशन में राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि सभी शिकायतों का घटनास्थल पर जाकर समाधान किया जाए। जून माह में प्राप्त सीएम हेल्पलाइन, पीजी संदर्भ, ऑनलाइन शिकायतें आदि का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड की गई।
Read More »आईटीडी कम्पनी की लापरवाही से युवक की हुई मौत, कांग्रेसियों ने मृतक परिवार को दिलाई सहायता राशि
ऊंचाहार, रायबरेली। विधानसभा ऊँचाहार के जगतपुर क्षेत्र के पूरे सेमान सिंह निवासी लाला कुमार सविता के पुत्र शिवा की मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदाई संस्था आईटीडी की लापरवाही से युवक की मौत हुई है, इसके बावजूद आईटीडी कम्पनी के अधिकारी मृतक के परिजनों से दूरी बना रहे थे और घटना के दो दिन बाद तक मृतक के परिवार की कोई मदद नहीं की थी। इस हृदय विदारक घटना की जानकारी जैसे ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को मिली, उन्होंने तुरंत पीड़ित परिवार की ओर मदद का हांथ बढ़ाया।
परिजनों से घटना की पूरी जानकारी इकट्ठा की।
स्कूलों में चलने वाले वाहनों पर नजर रखेगा व्यापार मंडल
फिरोजाबाद। नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। स्कूलों में विधिवत कक्षाएं शुरू हो गई हैं। ऐसे में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को लाने ले जाने में लगे वाहनों पर अब व्यापार मंडल नजर रखेगा। जर्जर वाहनों के द्वारा बच्चों को लाने ले जाने का काम किए जाने के चलते उनके जीवन के साथ खिलवाड़ होता है। जर्जर वाहनों में बच्चों को न ले जाने के लिए वह जागरूक भी करेंगे। इसे लेकर मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
फिरोजाबाद उद्योग व्यापार मंडल और एआरटीओ एससी यादव के बीच कार्यालय में बैठक हुई। जिसमें एआरटीओ ने कहा कि व्यापार मंडल की हर क्षेत्र में कहीं न कहीं संलिप्तता होती है।
यूपी में स्कूल विलय नीति का विरोध
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में स्कूल विलय नीति के विरोध में फिरोजाबाद के सैकड़ों शिक्षकों ने बुधवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले एकत्रित शिक्षकों ने इस नीति को शिक्षा विरोधी और जनविरोधी बताया।
जिलाध्यक्ष डा. शौर्यदेवमणि ने कहा कि पेयरिंग के नाम पर विद्यालयों का एकीकरण किया जा रहा है। इससे प्रदेश में हजारों विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद समाप्त हो गए हैं। कई शिक्षकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। महानगर अध्यक्ष कल्पना राजौरिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शिक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभिभावक बेटियों को गांव से बाहर पढ़ने नहीं भेजेंगे।
कांग्रेस के डीएनए में देश ओर समाज की सेवा कूट-कूट कर भरी है-सीपी राय
फिरोजाबाद। नगर के जैन मंदिर कम्युनिटी हाल में कांग्रेस के संगठन सृजन द्वारा बनाए गए जिला व महानगर के पदाधिकारियों को पूर्व मंत्री एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी सीपी राय ने शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी सीपी राय ने कहा कांग्रेस सभी धर्मों और जातियों के आधार पर भेदभाव नहीं करती। कांग्रेस के डीएनए में देश ओर समाज की सेवा कूट कूट कर भरी है। कांग्रेस देश हित में हमेशा कार्य करती हैं, इसलिए कांग्रेस के नेता दुश्मनों के निशाने पर रहते हैं। कांग्रेस ने देश को आजाद कराने के संघर्ष में अनेकों बलिदान दिए। राष्ट्रपिता जो एक सच्चे राम भक्त थे, उनको भी राम के प्रति आदर न रखने वाले गोडसे ने शहीद कर दिया।
अपात्रों के राशन कार्ड होंगे निरस्त, केवाईसी शीघ्र पूर्ण होगी
फिरोजाबाद। जनपद में अपात्र लोगों के राशन कार्ड नहीं बनाए जाएंगे। सभी लाभार्थियों की केवाईसी शत प्रतिशत होनी चाहिए। राशन का वितरण पात्र कार्ड धारकों को ही देने के निर्देश पूर्ति निरीक्षकों और राशन दुकानदारों को दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पूर्ति निरीक्षकों एवं राशन दुकानदारों की बैठक में खाद्य आयुक्त भूपेंद्र यश चैधरी ने पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया कि सभी लाभार्थियों की ई-केवाईसी अवश्य कराऐं, जिससे उन्हें निर्बाद्ध रूप से राशन की प्राप्ति हो सके। किसी भी अपात्र व्यक्ति का राशन कार्ड न बनाए। कोटेदारों से वार्ता कर उनकी शिकायतें सुनी। कोटेदारों ने कहा कि उनके पास राशन समय से नहीं पहुंचता है। आयुक्त ने समस्त पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया कि उन गांवों को चिन्हित करें जहां राशन समय से नहीं पहुंचता है।
मथुरा में है सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन, फिर भी यहां क्यों नहीं रुकती सभी ट्रेनें?
मथुरा। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन को भारत के सबसे बड़े रेलवे जंक्शनों में गिना जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह स्टेशन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा का मुख्य द्वार है। यहां साल भर लाखों श्रद्धालु दर्शन और परिक्रमा के लिए आते हैं। इसके बावजूद, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब मथुरा देश का इतना बड़ा और प्रमुख रेलवे जंक्शन है, तो फिर सभी ट्रेनें यहां रुकती क्यों नहीं?मथुरा जंक्शन से कुल 6 रेलमार्ग निकलते हैं, और यहां 13 प्लेटफॉर्म हैं। यह आगरा मंडल के अंतर्गत आता है और देश के लगभग हर कोने के लिए ट्रेनें यहां से उपलब्ध होती हैं। इसके बावजूद कई सुपरफास्ट और प्रीमियम ट्रेनें, विशेषकर राजधानी, दूरंतो, वंदे भारत जैसी तेज गति की गाड़ियाँ मथुरा में रुकती नहीं हैं।
8 जुलाई को पठानकोट कैंट से दक्षिण भारत की पुण्ययात्रा पर रवाना होगी भारत गौरव ट्रेन
मथुरा। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। भारत गौरव ट्रेन 8 जुलाई को पठानकोट कैंट स्टेशन से दक्षिण भारत की 13 दिवसीय पुण्ययात्रा पर रवाना होगी। यह विशेष धार्मिक रेलयात्रा श्रद्धालुओं को तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन कराएगी। इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक साथ आध्यात्मिक अनुभव, सुविधाएं और किफायती यात्रा का अवसर प्रदान करना है। ट्रेन के प्रमुख बोर्डिंग स्टेशनों में जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, आगरा कैंट और ग्वालियर शामिल हैं। यह यात्रा 12 रात और 13 दिनों की होगी, जिसकी वापसी 9 अगस्त को निर्धारित है।
बचपन को अख़बारों में जगह क्यों नहीं?
रविवार की सुबह बेटे प्रज्ञान को गोद में लेकर अख़बार से कोई रोचक बाल-कहानी पढ़ाने की इच्छा अधूरी रह गई। किसी भी प्रमुख अख़बार में बच्चों के लिए एक भी रचना नहीं थी। समाज बच्चों को पढ़ने के लिए कहता है, पर उन्हें पढ़ने को क्या देता है? यह संपादकीय हमारे समाचार पत्रों की बच्चों के प्रति उपेक्षा पर गहरी चोट करता है और मांग करता है कि समाचार पत्रों में बच्चों के लिए नियमित स्थान आरक्षित हो — ताकि बचपन शब्दों से जुड़े, संवेदना से सींचा जाए और विचारों से पल्लवित हो।
-प्रियंका सौरभ
रविवार की सुबह थी। मन हुआ कि बेटा प्रज्ञान गोद में आए और हम दोनों मिलकर अख़बार में से कोई रोचक कहानी पढ़ें — ताकि आधुनिक स्क्रीन युग में भी शब्दों की मिठास उसे मिल सके। परंतु खेदजनक आश्चर्य हुआ कि प्रतिष्ठित अख़बारों में बच्चों के लिए एक भी कहानी, चित्रकथा, या बाल संवाद उपलब्ध नहीं था। इस पीड़ा से उपजा यह सवाल एक सामूहिक चिंतन की मांग करता है —“जब हम अपने अख़बारों में बच्चों के लिए छापते ही कुछ नहीं, तो हम उनसे पढ़ने की उम्मीद किस अधिकार से करते हैं?”
Read More »जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि घर खाली नहीं करने की मार्मिक वजहें
राजीव रंजन नाग: नई दिल्ली। एक साल पहले, भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने न्यायालय में अपनी तीखी टिप्पणियों और तीखे फैसलों के लिए सुर्खियां बटोरीं। इलेक्ट्रोरल बॉन्ड पर उनका फैसला देश-दुनिया में चर्चा का कारण बना था। कल, वे तब चर्चा में आए जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से आग्रह किया कि नवंबर में सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ जल्द से जल्द मुख्य न्यायाधीश का आधिकारिक आवास खाली कर दें। इसके तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बाद, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने अपनी बेटियों के लिए उपयुक्त आवास खोजने में आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की, जिनकी विशेष ज़रूरतें हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे अपनी सार्वजनिक ज़िम्मेदारियों से अवगत हैं और उनका सरकारी आवास पर कब्ज़ा करने का कोई इरादा नहीं है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए अपनी बेटियों प्रियंका और माही के बारे में विशेष बातचीत की है, जिनका वे पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैसे इन बेटियों ने उन्हें और उनकी पत्नी कल्पना दास को खुशियाँ दी हैं और कैसे उनकी स्थिति को चौबीसों घंटे ध्यान देने और उनकी सुविधा के अनुसार घर की ज़रूरत है। उनकी दोनों बेटियां विशेष श्रेणी की हैं।
Jansaamna