इटावा। दो दिन पहले हमलावरों द्वारा युवक को मारी गई गोली से उपचार के दौरान हुई मौत, पुलिस प्रशासन से गुस्साए ग्रामीणों ने इटावा .ग्वालियर हाईवे मार्ग पर शव रखकर हाईवे किया जाम।
उत्तर प्रदेश के इटावा में एक युवक की सिर में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग की जैसे ही प्रशासन को जानकारी हुई वैसे ही प्रशासन मौके पर पहुंचा।
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दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना द्वारा दिया जायेगा 35000 रुपये
कानपुर नगर। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अखिलेश बाजपेयी ने समस्त दिव्यांगजनों को सूचित किया है कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजनान्तर्गत आनलाइन आवेदन स्वीकार किये जा रहे है। आवेदन पत्र साइबर कैफे, निजी इण्टरनेट केन्द्र लोकवाणी के माध्यम से स्थापित जनसुविधा केन्द्रों के माध्यम से किया जा सकेगा। उन्होने बताया है कि इस योजनान्तर्गत दिव्यांग दम्पत्ति को विवाह करने पर पुरूष के दिव्यांग होने पर प्रोत्साहन पुरस्कार रूपये 15000 एवं महिला के दिव्यांग होने पर रूपये 20000 तथा यदि दम्पत्ति (पति-पत्नी) दिव्यांग है तो रूपये 35000 पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाता हैं।
Read More »सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 60000 हज यात्रियों को हज की अनुमति
कानपुर नगर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, वर्षा अग्रवाल ने बताया है कि सचिव/कार्य पालक अधिकारी, उ0प्र0 राज्य हज समिति लखनऊ, के द्वारा अवगत कराया गया है कि कोविड-19 महामारी के कारण सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 18 वर्ष से 60 वर्ष के कुल 60000 हज यात्रियों को हज की अनुमति दी गयी है, जिसमें 15000 सऊदी अरब के आंतरिक हज यात्री होंगे व 45000 हज यात्री विभिन्न देशों से होंगे। हज कोटे के वितरण से सम्बन्ध में सउदी सरकार द्वारा अभी तक कोई अधिकारिक सूचना नहीं दी गयी है।
जकड़न: इतने बंधन और इतनी रूढ़ियां क्यों बनाई गई है?
मेरे समझ में यह कभी नहीं आया कि इतने बंधन और इतनी रूढ़ियां क्यों बनाई गई है? जब सांसे घुटती हैं तब यह समाज दिखाई नहीं देता। जरा सा सुकून हासिल हुआ कि लोगों को खलने लगता। इस अवसाद भरी जिंदगी से बाहर निकल कर दो पल सुकून के क्यों अखर जाते सबको? आखिर इन्हें ढोने के लिए क्यों मजबूर हूं मैं? इन्हें ढोते-ढोते इक उम्र जाया हो गई और अब भी जंग जारी है। इस बारिश ने और कोरोना के कारण हुई लॉकडाउन में “घर में रहें सुरक्षित रहें” के नियमों का मैं पालन कर रहा था और बारिश में चाय की चुस्कियों का आनंद ले रहा था। सन्नाटी सड़क और पेड़ों के पत्तों से गिरती हुई बारिश की बूंदें मेरे मन को और ज्यादा रीता हुआ सा कर रही थी और यही सब बातें मेरे जेहन में घूम रही थी।
आंतों में छेद भी कर रहा है व्हाइट फंगस संक्रमण: नाजुक अंगों पर हमला करता है व्हाइट फंगस
एक ओर जहां रूप बदल-बदलकर कोरोना वायरस पिछले डेढ़ वर्षों से पूरी दुनिया में लोगों पर कहर बरपा रहा है और लाखों लोगों को अपना निवाला बना चुका है, वहीं भारत में अब इस बीमारी से ठीक होने वाले कुछ लोगों पर विभिन्न प्रकार के खतरे मंडरा रहे हैं। देशभर में ब्लैक फंगस के हजारों मामले सामने आने के बाद अब कोरोना से उबरे मरीजों में व्हाइट फंगस, यैलो फंगस और एस्पेरगिलिस फंगस के मामले भी मिलने लगे हैं। हालांकि अभी तक यैलो और एस्पेरगिलिस फंगस के गिने-चुने मामले ही मिले हैं लेकिन व्हाइट फंगस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 29 मई को तो गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में फंगस के 23 नए मरीजों की पहचान हुई, जिनमें से व्हाइट फंगस के ही 17 मरीज थे।
प्लास्टिक अपने कफन में दफन करके ही दम लेगा_
“प्लास्टिक प्रदूषण से उठो युद्ध करो, कुछ भी न प्रकृति देवी के विरूद्ध करो, मानवता का अस्तित्व बचाने के लिए, संसार के पर्यावरण को शुद्ध करो। “विज्ञान ने ऐसी बहुत सी खोज की है जो जो अभिशाप बन गई है। ऐसा ही एक अभिशाप है प्लास्टिक। प्लास्टिक शब्द लेटिन भाषा के प्लास्टिक्स तथा ग्रीक भाषा के शब्द प्लास्टीकोस से लिया गया है। दिन की शुरूआत से लेकर रात में बिस्तर में जाने तक अगर ध्यान से गौर किया जाए तो आप पाएंगे कि प्लास्टिक ने किसी न किसी रूप में आपके हर पल पर कब्जा कर रखा है। पूरे विश्व में प्लास्टिक का उपयोग इस कदर बढ़ चुका है और हर साल पूरे विश्व में इतना प्लास्टिक फेंका जाता है कि इससे पूरी पृथ्वी के चार घेरे बन जाएं। हमारे भारत देश में 2016 की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिदिन 15000 टन प्लास्टिक अपशिष्ट निकलता है। जो कि दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। जबकि अगर निर्माण की बात करे तो भारत में प्रतिवर्ष लगभग 500 मीट्रिक टन पॉलीथिन का निर्माण होता है, लेकिन इसके एक प्रतिशत से भी कम की रीसाइक्लिंग हो पाती है। वैसे इस समय विश्व में प्रतिवर्ष प्लास्टिक का उत्पादन 10 करोड़ टन के लगभग है और इसमें प्रतिवर्ष उसे 4 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। इन आंकड़ों से प्लास्टिक से भविष्य में होने वाले प्रभावों का आकलन किया जा सकता हैं।
पकड़ा गया अवैध शराब माफियाओं का साथी
अलीगढ़। अलीगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस का सख्त अभियान जारी है। इसी कड़ी में एसएसपी अलीगढ़ आदेशानुसार जहरीली शराब के सेवन से जनहानि में शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश दिए गए थे,आदेश के अनुपालन में कोतवाली मडराक पुलिस टीम द्वारा माफिया विपिन यादव के साथी शिवकुमार पुत्र सोहम सिंह निवासी-नगला उदैया, थाना-हसायन,हाथरस को मय 90 पव्वे अपमिश्रित शराब गुड इवनिंग ब्रांड व एक केन में 40 लीटर अपमिश्रित शराब व 1260 लेवल गुड इवनिंग मार्का और 1210 QR कोड 520 लाल रंग के ढक्कन, 3100 खाली पव्वे व 1 सफेद विटारा ब्रेज़ा न० UP85AZ 3100 को वन चेतना केंद्र मुकंदपुर से तड़के सुबह गिरफ्तार किया।
डाक विभाग की पहल अब श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी स्पीड पोस्ट से
₹ 251 का ई-मनीऑर्डर भेजकर स्पीड पोस्ट से मँगायें सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद – पोस्टमास्टर जनरल केके यादव
वाराणसी। कोरोना संक्रमण के इस दौर में लोगों के लिए मंदिरों में जाना मुश्किल है। ऐसे में डाक विभाग ने पहल करते हुए तमाम प्रमुख मंदिरों के प्रसाद को स्पीड पोस्ट द्वारा भिजवाने की व्यवस्था की है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी के बाद अब गुजरात के पाटन में स्थित श्री सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग मंदिर का प्रसाद भी श्रद्धालु घर बैठे स्पीड पोस्ट से मंगा सकेंगे। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी।
गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने प्रशासनिक सख्ती जरूरी – प्रोत्साहन योजना लागू हो
भारत गांव प्रधान देश है, संक्रमण से बचाने, वैक्सीन लगाने, प्रशासनिक सख्ती, प्रोत्साहन योजना रणनीति बनाकर क्रियान्वयन हो – एड किशन भावनानी
भारत देश में कोरोना महामारी से लड़ाई, हमारी योजना बद्ध रणनीतिक रोडमैप बनाकर किया गया महायुद्ध हम जीतने की ओर बढ़ गए हैं। इसका दिनांक 1 जून 2021 को आए संक्रमितों के आंकड़े से लगाया जा सकता है। जहां यह आंकड़ा कई दिनों से लगातार गिर रहा है और कोरोना से जंग जीतने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों ने दिनांक 1 जून 2021 से अपने अपने राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आज अनेक प्रतिष्ठान योजनाबद्ध तरीके और शासकीय दिशानिर्देशों के अनुसार खुले। यह बात तो शहरी क्षेत्र की हुए।….
वृद्धाश्रम समाज का सबसे बड़ा कलंक है
गुनहगार की तरह अपने ही बच्चों को जन्म देने की सज़ा काट रहे होते है माँ-बाप उस वृद्धाश्रम नाम की जेल में। क्या महसूस करते होंगे वो बुढ़े मन सिर्फ़ सोचकर ही आँखें नम हो जाती है।
कोई कैसे द्रोह कर सकता है उस पिता का जिस पिता ने तुम्हारी जीत के लिए अपना सबकुछ हारा हो, और जिस माँ को तुमने हर बार हर मुश्किल पर पुकारा हो। बच्चें माँ-बाप के लिए जान से ज़्यादा किंमती जेवर जैसे होते है। बच्चों की एक आह और तकलीफ़ पर कलेजा कट जाता है माँ-बाप का। बच्चे का रोना सौ मौत मारता है माँ बाप को।
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