⇒नारी शिक्षा के उत्थान में नाज वारसी का उदाहरण सभी अभिभावकों के लिए होगा प्रेरणादाई
रायबरेली ,पवन कुमार गुप्ता। जनपद के खरौंआ कुआं निवासी खुर्शीद आलम की पुत्री नाज वारसी को बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर छत्तीसगढ़ से, बैचलर आफ एजुकेशन की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर, छत्तीसगढ़ राज्य की महामहिम राज्यपाल अनसुइया उइके ने स्वर्ण पदक के साथ बी.एड. की डिग्री से सम्मानित किया।खुर्शीद आलम ने नाई का व्यवसाय करते हुए अपने चार बच्चों की शिक्षा दीक्षा में कभी कोई कमी नहीं की। नाज वारसी ने नगर पंचायत ऊंचाहार के प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद से कक्षा 1से कक्षा 5 तक, उच्च प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद से कक्षा 6से कक्षा 8तक, कौशिल्या इण्टर कालेज से कक्षा 12तक, डा. अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय ऊंचाहार से बी.एस.सी. तक की पढ़ाई की थी।
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Jansaamna
लखनऊ,पवन कुमार गुप्ता।पूरे देश में हर वर्ष 04 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है और 04 मार्च के कुछ दिन पूर्व से ही लेकर पूरे सप्ताह भर को सुरक्षा सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। बताते चलें कि राजधानी के अटल बिहारी बाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय में भी यूनिक इन्फ्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर की अध्यक्षता में आज के दिन को सुरक्षा सप्ताह के रूप में मनाया गया। यूनिक इंफ्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि पूरे समूह के स्वास्थ्य की रक्षा करना महत्वपूर्ण है और उन्होने कहा कि कर्मचारियों और अन्य लोगो को सुरक्षा जैसे विषय के बारे मे जागरूक करने मे सक्रिय पहल करने के लिए कर्मचारियों,छात्रों एवं उनके सहायकों के प्रयासो की सराहना भी की जानी चाहिए।
इटावा।
इटावा। जसवंतनगर कोतवाली पुलिस ने कचोरा रोड नहर पुल के समीप नहर में एक अज्ञात युवक का निर्वस्त्र शव बरामद किया है उक्त शव की पहचान किसी मुस्लिम युवक के रूप में की जा रही है।विवरण के अनुसार किसी राहगीर ने नहर के पानी में शव पड़ा देख कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी, इस पर पुलिस ने उक्त सबको जन सहयोग से बाहर निकलवाया मृतक के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था तथा सिर पर गहरी चोट का निशान दिखाई दे रहा था खतना के कारण उसकी पहचान किसी मुस्लिम के रूप में की जा रही है उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष आंकी जा रही है पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है सायंकाल तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उसका शव कम से कम 2 दिन पूर्व नहर में पढ़ा रहा होगा शव काफी फूल गया था।
“21वीं सदी की दहलीज़ पर खड़े अब स्त्री विमर्श लिखना कुछ अजीब लगता है”