हाथरस, नीरज चक्रपाणि। हाथरस की हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला आलिया में चचेरे भाई-बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलने के काफी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।
हाथरस जंक्शन के गांव नगला अलिया निवासी राकेश व रविकांत चचेरे भाई हैं। राकेश के बेटे (17) व रविकांत की बेटी (15) की मौत चर्चा विषय बन गई है। कुछ ग्रामीणों की माने तो मंगलवार की दोपहर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस बात पर राकेश ने दोनों को डांट दिया, इस डांट से क्षुब्ध दोनों ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। परिजनों ने इस बात पर ज्यादा गौर नहीं किया। अंदर गुस्से में दोनों ने एक दुपट्टे के दो टुकड़े किए और कमरे में दो पंखे थे, एक से बेटे ने फांसी लगा ली तथा दूसरे से बेटी ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली कमरे से अजीब से आवाजें आने पर परिवार के लोगों ने कमरा खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से बंद था। जंगले से देखा तो दोनों पंखे से लटके हुए थे। यह देख घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। सब ने मिलकर कमरे का दरवाजा तोड़ा तथा दोनों को तत्काल नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों को प्राइवेट अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। संदिग्ध परिस्थितियों में युवक युवती की मौत की सूचना पहुंचे पत्रकारों को खबर बनाने से रोक दिया गया। सूचना पर एसएचओ हाथरस जंक्शन जगदीशचंद्र मौके पर पहुंचे। एएसपी डॉ. अरविन्द कुमार भी घटना स्थल पर आए, और छानबीन की। एएसपी डा. अरविन्द कुमार ने कहा कि अभी कोई कम्प्लेंट नहीं हुई है, दोनों के शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है जांच की जा रही है, जांच और पीएम रिपोर्ट देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Jansaamna
कोलकाता, जन सामना ब्यूरो। विगत दिनों कोलकाता में श्री बड़ा बाजार कुमारसभा पुस्तकालय, कोलकोता द्वारा आयोजित डा0 हेडगेवार प्रज्ञा सम्मान समारोह में महामहिम राज्यपाल प0बं0 केसरीनाथ त्रिपाठी के करकमलों से डा0 आशा त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्या महिला महाविद्यालय द्वारा सम्पादित और सोशल रिसर्च फाउण्डेशन, कानपुर, उ0प्र0 द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘‘रामायण में राजनीति’’ का भव्य लोकार्पण किया गया। बहुत ही सुखद अनुभव रहा कि वहाँ पर लोगों ने जिज्ञासापूर्ण जानकारी के साथ पुस्तक को हाथों हाथ लिया।
लखनऊः जन सामना ब्यरो। बुंदेलखण्ड में जल संरक्षण के साथ-साथ जल संसाधनों के स्थायी प्रबंधन हेतु बुंदेलखण्ड के वाॅटर शेड में टिकाऊ प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में सुधार के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाया जाये। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा बुंदेलखण्ड क्षेत्र को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में जल उपयोग की दक्षता में वृद्धि करने हेतु जल प्रबंधन को और अधिक सुदृृढ़ किये जाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास शुरू किये जायेंगे। शासन द्वारा पानी की चुनौती को हल करने के उद्देश्य से प्रदेश के जल क्षेत्र के प्रणालीगत और एकीकृत विकास को उत्प्रेरित करने हेतु ‘‘बहु-स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (एम.एस.पी.)‘‘ का गठन कर एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन करने के प्रयासो में तेजी लाई जायेगी ताकि किसानों की आजीविका को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
⇒गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों के पास से करीब 2 लाख कीमत की रिफाइन्ड हुयी बरामद
फिरोजाबादः एस. के. चित्तौड़ी। जनता की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से मंगलवार को तहसील सभागार सिरसागंज में प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस संपन्न हुआ। जिसमें प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त समस्त शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापरक निस्तारण करते हुए आख्या तहसील को उपलब्ध कराएं अन्यथा की स्थिति में दोषी अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही होगी।
फिरोजाबादः जन सामना संवाददाता। पूर्व प्रधानमंत्री एवं समाजवादी नेता चन्द्रशेखर की 51वी जयंती मनाई गई। सपा नेताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर उनके द्वारा देश हित मे किए गए कार्यो को याद किया गया।
हाथरसः नीरज चक्रपाणि। शिक्षा एक मिशन है जो शिक्षक की साधना, अभिभावक के प्रयास एवं विद्यार्थी की समर्पित भावना से पूर्ण होता है। आज माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में जो शिक्षा प्रदान की जा रही है उसमें शिक्षकों एवं संसाधनों के अभाव के कारण यह शिक्षा सिर्फ घेराबन्दी मात्र रह गई है। जब शिक्षा में समर्पण एवं सेवा का भाव ही नहीं है तो ऐसी शिक्षा से भविष्य के उत्कृष्ट इंजीनियर, योग्य चिकित्सक एवं विविध क्षेत्रों में अपना परचम लहराने वाले प्रतिभाशाली अधिकारी कहां से तैयार हो पायेंगे। यही कारण है कि आज अभिभावकों का ध्यान सी.बी.एस.ई. के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों की तरफ बढ़ रहा है।