• वायु सेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी

    लेख/विचार

    -डाॅ0 लक्ष्मी शंकर यादव

    भारतीय वायु सेना 8 अक्टूबर 1932 से धीरे-धीरे प्रगति करती हुई आज दुनिया की 4वें नंबर की सबसे बडी़ वायु सेना मानी जाती है क्योंकि इसकी मारक क्षमता में लगातार गुणात्मक वृद्धि हुई है। अब यह अपने 85 वर्ष पूरे कर 86वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। इन 85 वर्षों के इतिहास में ऐसे कई अवसर आए जब भारतीय वायु सेना के जांबाजो ने शत्रु के दांत खट्टे करके अपनी ताकत का एहसास करवाया। प्रत्येक चुनौती के समय भारतीय वायु सेना ने अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। भारतीय वायु सेना के विमान हमेशा ही दुश्मन पर आफत बनकर टूटे हैं। हर बार उन्होंने दुश्मनों को तबाह किया है। हर लड़ाई को जीतने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। आजादी हासिल करने के बाद सन् 1947 की भारत पाक लड़ाई में कश्मीर में छाताधारी सैनिकों को उतारकर इस सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेडा़ था। सन् 1961 में कांगो आपरेशन में भी बेहतरीन भूमिका निभाई। भारतीय वायु सेना ने सन् 1965 व 1971 की लड़ाई एवं 1999 के कारगिल संघर्ष में एक बड़ी भूमिका निभाई। यह वायु सेना की ही ताकत थी कि 1971 की जंग में पाकिस्तान के 93 हजार जवानों के साथ आत्म समर्पण करने वाले पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल ए.के.नियाजी ने कहा था कि इसकी वजह केवल और केवल भारतीय वायु सेना ही है।
    अभी हाल ही में बेंगलुरु में 25 अगस्त 2017 को इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ एयरोस्पेस मेडिसिन द्वारा आयोजित 56वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करने आए एयर चीफ मार्शल बिरेन्दर सिंह धनोवा ने कहा था कि भारतीय वायु सेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यह बात उन्होंने भारत-चीन की सेना के बीच जारी गतिरोध पर पूछे गए सवालों के जवाब में कही थी। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने कारगिल संघर्ष की सालगिरह पर कहा था कि तब से अब तक के 18 वर्षों में वायु सेना की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अब भारतीय वायु सेना के पास हर मौसमी परिस्थिति में दिन और रात में काम करने की क्षमता है। इन बातों से यह पता चल जाता है कि भारतीय वायु सेना अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से लैस है। हमारे वायु योद्धा निरन्तर आसमान से नजर बनाए रखते हैं। आज उनकी नजरों से बचकर शत्रु की कोई चाल कामयाब नहीं हो सकती क्योंकि वे हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

    भारतीय वायु सेना को अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शीघ्र दिए जाने की प्रक्रिया गत वर्ष ही तेज कर दी गई थी जिससे उसके विमान बेड़े की संख्या बढ़ाई जा सके। इसके लिए फ्रंसीसी एविएशन कम्पनी दसाल्ट के साथ अनिल अम्बानी का एडीए समूह महत्वपूर्ण किरदार निभाएगा और राफेल लड़ाकू विमानों के निर्माण में सक्रिय सहयोग करेगा। § Read_More....

  • मेट्रो रेल परियोजना एवं दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम परियोजना पर हुई चर्चा

    मुख्य समाचार

    लखनऊः जन सामना ब्यूरो। मेरठ नगर में मेट्रो रेल परियोजना एवं दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम परियोजना (आर.आर.टी.एस.) के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन मुकुल सिंहल, प्रमुख सचिव, वित्त संजीव मित्तल, प्रबन्ध निदेशक, लखनऊ मेट्रो रेल काॅरपोरेशन कुमार केशव, प्रबन्ध निदेशक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन (एन.सी.आर.टी.सी.) वी.के. सिंह व उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण श्री सीताराम यादव व अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
    बैठक में अवगत कराया गया कि मेरठ नगर में दिल्ली व गाजियाबाद से आने वाले अन्तर्जनपदीय यात्रियों की सुविधा हेतु दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का क्रियान्वयन भारत सरकार व 4 राज्य सरकारों (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान) के संयुक्त उपक्रम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन द्वारा किया जाना प्रस्तावित है, जबकि नगरीय यातायात को सुगम बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा भी मेरठ मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्वयन किया जाना भी प्रस्तावित है।
    आर.आर.टी.एस. परियोजना का मेरठ में संरेखण प्रस्तावित मेरठ मेट्रो रेल परियोजना के काॅरिडोर-1 के संरेखण के लगभग समान है। ऐसी स्थिति में दोनों ही परियोजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किये जाने के सम्बन्ध में बैठक में विस्तृत विचार विमर्श किया गया। § Read_More....

  • छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया गया जोर

    महिला जगत, मुख्य समाचार, शिक्षा

    सकारात्मक सोच के लगन से कार्य करें छात्राएं तो सफलता उनके कदम चूमेगी
    कानपुर, जन सामना संवाददाता। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से आज एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी काॅलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कैरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल विषय पर हुई कार्यशाला में छात्राओं को व्यक्तित्व परीक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया। 10 दिवसीय इस कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅक्टर पूर्णिमा त्रिपाठी ने किया। कैरियर काउंसलिंग विभाग की यंग प्रोफेशनल डायरेक्टर शिवानी शर्मा ने छात्राओं को कई महत्वपूर्ण बातों से रूबरू कराया। रोजगार कार्यलय लखनऊ के रीजनल सेवा योजना अधिकारी भुकिया कासिम ने केंद्र सरकार की चल रही योजनाओं के विषय में बताते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति की छात्राएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ अपने कैरियर को सफलता की ओर ले जा सकती हैं ।
    कार्यशाला में स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं, स्वच्छता अभियान, बाल श्रमिक एवम शिक्षा के महत्व विषय पर छात्र छात्राओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। § Read_More....

..प्रकाशकः श्याम सिंह पंवार
कार्यालयः 804, वरुण विहार थाना-बर्रा जिला-कानपुर-27 (उ0 प्र0) भारत
सम्पर्क सूत्रः 09455970804
jansaamna@gmail.com ..

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