Wednesday, December 19, 2018
Home » महिला जगत » जीवांत और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण

जीवांत और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण

महिला सशक्तीकरण पर आयोजित जूडो कराटे फिमेल-मेल समान प्रशिक्षण में फिमेल ने दिखाये जोहर, मेल खिलाडियों को मिली करारी शिखस्त
कानपुर देहातः जन सामना ब्यूरो। महिला सशक्तीकरण का अर्थ महिलाओं की शैक्षिक, सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक और परिवारिक शक्ति में वृद्धि करना है साथ ही उनको धार्मिक रूढ़ियों पुराने नियम कानून पाखण्डों आदि से भी दूर रहना है। आज जरूरत है देश में महिलाओं का बचपन से ही आत्मविश्वास और हिम्मत देकर उनको आगे बढ़ायें जिससे की प्रगति का संतुलन बना रहे तथा महिलाओं को बराबर का सम्मान मिले। भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त भारत के मौलिक अधिकारों के अन्तर्गत सभी को अनुच्छेद 14-18 के अन्तर्गत समान का अधिकार दिया गया है जोकि महिलाओं और पुरूषों का बराबर का अधिकार देता है।
बाढ़ापुर रोड स्थित सुपर मार्शल आर्ट एकेडमी प्रांगढ़ में आयोजित युवक-युवती प्रशिक्षण कार्यक्रम में जहां जूडो कराटे और तकाइवान्डों का प्रशिक्षण ले रहे युवक व युवतियों ने महिला पुरूष है सामान आयोजित प्रतियोगिताओं में युवतियों व युवकों ने महिला सुरक्षा व बचाव के तहत जमकर जूडो कराटे व तकाइवान्डों का अच्छा प्रदर्शन किया इसमें खास बात यह रही कि जूडो कराटे युवतियों ने अपने साहस व अच्छे प्रशिक्षण के कारण सुरक्षा व बचाव का जहां अच्छा प्रदर्शन किया वहीं जूडो कराटेे को बचाव के दौरान युवकों को करारी शिखस्त भी दी अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार ने कहा कि जीवांत और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। यह तभी सम्भव है जब महिला अपने को स्वयं ही सशक्त का भाव स्वयं में लाये तथा स्वयं को अपना दीपक स्वयं बने आगे आना होगा। जूडो कराटे खेल मन से खेलने व निरंतर अभ्यास से कामयाबी मिलती है। खेल में सब बराबर होते है खेल को खेल भावना से खेल कर उसमें पारंगत आसानी से हुआ जा सकता है। जूडो कराटे व तकाइवान्डों आदि खेल विधा खेल में पारंगत व अच्छा प्रदर्शन और उसके निरंतर अभ्यास से राष्ट्रीय और अन्र्तराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर सर्वांगीण विकास कर सकते है। जूडो कराटे खेल भी एक सम्मानित खेल है। इससे आत्मरक्षा आसानी से करने के साथ ही खेल में नाम भी कमाया जा सकता है। खिलाडियों को प्रोत्साहन करने के लिए सरकार द्वारा खिलाडियों को अनेक सुविधायें भी मुहैया करायी जाती है जिसकी जिला क्रीडाधिकारी से सम्पर्क कर जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि जनपद में भी अपने कार्यो के साथ ही सत्येन्द्र कुमार, शीतल पाल व प्रिया गुप्ता आईएएस सिविल सेवा परीक्षा 2018 में शामिल हो रहे है। उपस्थित जनों ने देश और समाज के विकास के लिए रचनात्मक कार्यो कर देश व समाज को आगे बढ़ाये जाने आदि के साथ ही सफलता के लिए शुभकामनायें भी दी है। एकेडमी के अध्यक्ष शीतल पाल व सचिव शाजिद द्वारा भी महिलाओं को व्यवाहारिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया और कहा कि महिलाये सफलता के शिखर पर पहुंच रही है महिलाओं से जुडी समस्याओं का अन्त एक दिन अवश्य होगा यह तभी सम्भव है जब महिलाओं को अपने स्वाभिमान, सम्मान के लिए निरंतर सकारात्मक, रचनात्मक कार्यो को कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर आगे आना होगा। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष व सचिव ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे जूडों प्रशिक्षण का निरंतर अभ्यास रखे साथ ही अपनी अन्य शैक्षिक कार्यक्रमों को भी जारी रखे। इस मौके पर सारिका सिंह, डिम्पल, दिव्या, चाइना सहित कई छात्रायें उपस्थित रहे तथा कई महिलाओं की सफलता की कहानी बतायी गयी।