Friday, October 19, 2018
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सबकी योजना, सबका विकास योजना के तहत होगा ग्रामों का कायाकल्प:भोले

कानपुर देहातः जन सामना ब्यूरो। ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पर एक दिवसीय जनपद स्तरीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित नवीन सभागार में मुख्य अतिथि अकबरपुर रनियां सांसद देवेन्द्र सिंह भोले एवं जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मा0 सांसद एवं जिलाधिकारी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यशाला में मुख्य विकास विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार राय, सीएमओ डा0 हीरा सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव, डीएसओ अंशिका दीक्षित, जिला सूचना अधिकारी वीएन पाण्डेय आदि अधिकारी, प्रधान व मीडिया बन्धु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी को ग्राम पंचायत विकास योजना के सफल कियान्वयन हेतु संकल्पित कराया गया।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सांसद देवेन्द्र सिंह भोले ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के फलस्वरूप ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी अधिकांशता ग्राम पंचायतों की है। हमारी त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में प्रत्येक स्तर की भूमिका और कार्यपूर्णतः जिसके अनुसार ग्राम पंचायत मुख्य क्रियान्वयन इकाई है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के प्रभावी होने के बार ग्राम पंचायतों द्वारा अपनी इस भूमिका का निर्वहन प्रभावी ढंग से किया गया है। किन्तु ग्राम पंचायतों द्वारा अपनी तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार कार्य किये जाते रहे है, किसी एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संशाधनों आकलन कर वार्षिक कार्य योजना तैयार नही की जाती है। फलस्वरूप जहां एक ओर संशाधनों प्रभावी उपयोग नही हो पाया है वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों के समग्र विकास को भी लच्छित नही किया जा सका है।
उन्होंने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास हेतु ग्राम पं्रधानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब आप किसी निर्वाचन प्रक्रिया में सम्मलित होते है तो आप आपके समर्थकों का प्रतिनिधित्व करते हुए है परन्तु निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त जब आप प्रतिष्ठित पद पर पीठाशीन हो जाते है तो आप उस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है जिस क्षेत्र से आप निर्वाचित हुए है। अतः आप को व्यक्तिविशेष के हितों को न ध्यान देकर सम्पूर्ण निर्वाचन क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाकर उनका क्रियान्वयन करें और अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत विकास योजना सबकी येाजना सबका विकास के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत स्वयं के समग्र विकास हेतु सहभागी नियोजन द्वारा अपने अपने ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि चैदवें वित्त आयोग के अनुशंसा के परिपे्रक्ष्य में विक्रेन्द्रित नियोजन ग्राम पंचायत विकास योजना का केन्द्र ग्राम पंचायत का समग्र विकास होना जिसमें न केवल अद्योसंरचनात्मक विकास सम्मलित रहेगा बल्कि सामाजिक आर्थिक एवं वैयक्तिक विकास भी ग्राम पंचायत विकास योजना का भाग होंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर नियोजन की यह प्रक्रिया विक्रेन्द्रित नियोजन के लिए अपनाई जायेगी जो वर्तमान प्रक्रिया से अपने स्वरूप में भिन्न होगी। नवीन प्रक्रिया में सहभागिता को मुख्यतः लच्छित किया गया है साथ ही ग्राम पंचायत को दिये जाने वाले कार्यो की प्राथमिकता भी नियत करानी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों का समग्र एवं समेकेतिक विकास करना है जिसमें न केवल संरचनात्मक विकास योजना बल्कि सामाजिक, आर्थिक एवं वैयक्तिक विकास के साथ साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया को विकेन्द्रीकृत करते हुए आमजन को निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाना है। उन्होंने ग्राम पंचायतों के मूलभूत कार्यो एवं उत्तरदायित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम पेयजल योजना का संचालन व रखरखाव, गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण किसान बाजारों एवं पशु हाटों का परिचालन व रख रखाव, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन, पंचायत क्षेत्र की परिसम्पत्ति यथा पंचायत घर, स्कूल, आंगनबाडी आदि का रख रखाव आदि है।
कार्यक्रम की रूपरेखा को विस्तार से बताते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने अवगत कराया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ व सुविधाओं से परिपूर्ण करने के उद्देश्य से लागू की जाने वाली योजना ग्राम पंचायत विकास योजना को आप सभी के माध्यम से आमजन तक पहंुचाना तथा सभी ग्रामवासियों के योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में सहभागिता आदि विषयों को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत ब्लाक स्तर पर रोस्टर बनाकर दिनांक 2 अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2018 के मध्य दो बार खुली बैठकें प्रत्येक ग्राम पंचायत में की जायेंगी। जिसमें प्रथम खुली बैठक में ग्राम से संबंधित समस्याओं/आवश्यकताओं/मुद्दों पर परिचर्चा करते हुए उन्हें सूचीबद्ध करना तथा उन्हें उनकी प्राथमिकताओं का निर्धारण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनकी कार्ययोजना, धनराशि के व्यय तथा क्रियान्वयन आदि पर चर्चा की जायेगी। उक्त के उपरान्त दूसरी बैठक में कार्ययोजना में हुई प्रगति एवं अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की जायेगी।