पार्वती की शिक्षा ग्रहण करने और दायित्वों के निर्वहन के साथ नौकरी पाने में अत्यधिक विलंब हुआ, पर जीवन की अभिलाषाओं का कोई अंत नहीं। शिक्षा, कैरियर और अब विवाह की बारी। पार्वती की अत्यधिक उम्र होने के कारण अब उसे विवाह में आने वाली कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा था। परिवार को पैसो की अत्यधिक आवश्यकता थी इसलिए पार्वती ने नौकरी को पहले प्राथमिकता दी और विवाह को बाद में। अब सरकारी नौकरी के बाद शुरू हुआ विवाह तय करने का सिलसिला। पार्वती नौकरी के चलते ही ट्रान्सफर के बारे में भी सोचा करती थी। इसी कारण उसने यह प्रक्रिया भी शुरू कर रखी थी।
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पनकी मंदिर के महंत बालक दास पर रुपए चुराने का लगा आरोप
कानपुर। पनकी के पंचमुखी हनुमान मंदिर में सोमवार को मंदिर खुलने के बाद गर्भ ग्रह में पुजारी बालक दास मौजूद थे इस बीच गर्भ गृह के पास रखे दानपात्र से पुजारी बालकृष्ण पर रुपए निकाल लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
कानपुर का पनकी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर काफी समय से विवादों में घिरा हुआ है आपको बता दें सोमवार दोपहर महंत बालक दास पर चोरी का आरोप लगा है।
असंभव को संभव बनाने का नाम है रजनीकांत
दिल्ली में विज्ञान भवन में 25 अक्तूबर को आयोजित 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा सिनेमा जगत के ‘थलाइवा’ अभिनेता और दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत को 51वें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रजनीकांत को 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारत का सर्वाेच्च फिल्म सम्मान ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार’ प्राप्त करने पर बधाई देते हुए कहा कि रजनीकांत न केवल एक महान् प्रतीक हैं बल्कि भारतीय सिनेमा की दुनिया के लिए एक संस्था हैं।
करवा चौथ पर नव विवाहित महिलाओं में दिखी खुशी
बाजारों में महिलाओं की खरीददारी में दिखी रौनक
रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। करवा चौथ के त्यौहार पर सुहागिनों ने पूजा पाठ करते हुए इस त्यौहार को धूमधाम से मनाया और अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। अंत मे पतियों ने महिलाओं के व्रत को मिठाई और जलपान कराकर व्रत को पूरा कराया। करवा चौथ को लेकर दिन भर सुहागिन महिलाओं की बाजारों में खरीदारी का दौर शुरू रहा। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखते हुए रात में चांद देखने के बाद अपने व्रत को तोड़ा। कोरोनाकाल के बाद इस बार का करवा चौथ का व्रत बेहद खास रहा। इस बार भी चौथ पर शुभ संयोग रहा।
ऊंचाहार में तीन बच्चियों की मौत का रहस्य बरकरार
रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। इस सप्ताह ऊंचाहार क्षेत्र की एक घटना ने क्षेत्र में सनसनी पैदा कर दी है किन्तु पुलिस को अभी तक सिर्फ नाकामी मिली है। एक साथ तीन सगी बहनों की जहरीली नमकीन खाने से मौत के रहस्य से सात दिन बाद भी पर्दा नहीं उठ सका है।
दशहरा के दिन क्षेत्र के गांव मिर्जा इनायतुल्लाह पुर निवासी नवीन सिंह द्वारा जमुनापुर बाजार से खरीदी गई लईया व नमकीन बिस्कुट खाने से एक-एक करके उनकी तीन मासूम बेटियों परी, विधि और पीहू की मौत हो गई।
पुरानी रंजिश में हुई मारपीट दो घायल, केस दर्ज
ऊंचाहार/रायबरेली। कोतवाली क्षेत्र के पूरे निधान मजरे खरौली गांव निवासी चाचा भतीजा बाइक से निमंत्रण गए हुए थे। जहां पर उसी गांव के ही चार युवक भी निमंत्रण में गए हुए थे। घर वापस लौटते समय पुरानी रंजिश के चलते चारों लोगों ने चाचा भतीजे को रास्ते में रोककर उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया। जिसमें घायल दोनों युवक कोतवाली पहुंचे और नामजद प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कराया है।
संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की चार तिथिया घोषित
कानपुर नगर। बसन्त अग्रवाल, अपर जिला मजिस्ट्रेट (ना0आ0)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2022 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित किया गया है। जिसके अनुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2022 में दावे एवं आपत्तियां दिनांक 01 से 30 नवम्बर, 2021 तक प्रस्तुत की जा सकती है।
Read More »प्रधानमंत्री आवास योजना से घर का सपना हुआ साकार – रामकली
कानपुर नगर। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिये बहुत ही उपयोगी एवं बरदान साबित हो रही है। इस योजना से जनपद के विभिन्न लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी रामकली पत्नी राम नारायन, नि0- ग्राम पंचायत जमरेही, कानपुर नगर ने बताया है कि मेरे पति मजदूरी/राजगीरी का कार्य करते थे। परन्तु कुछ समय पूर्व उनका दुर्घटना में पैर टूट गया था, जिससे वह चलने फिरने में असर्मथ हो गये है। मैं और मेरा परिवार टूट गया।
खादी बन रही प्रदेश के विकास में सहायक, हो रहे नये-नये नवाचार
‘‘खादी की रजत चंद्रिका जब-आकर तन पर मुस्काती है,
तब नवजीवन की नई ज्योति अन्तस्तल में जग जाती है‘‘
भारत की आजादी के लिए हुए आंदोलन में खादी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। महात्मा गाँधी ने खादी को सामाजिक एवं आर्थिक क्रांति का माध्यम बनाया था। उन्होंने स्वयं भी चरखा चलाकर सूूत कातने को अनवरत जारी रखा और साथ ही राष्ट्रपिता गाँधी जी ने भारत के व्यापक जनमानस को भी प्रेरित किया कि वह स्वयं के काते हुए सूत से बने वस्त्ऱ ही पहनें। इस प्रकार राष्ट्र निर्माण के लिए हुए व्यापक संघर्ष में खादी प्रमुख भूमिका में रही। खादी आजादी के लिए हुए आंदोलन में विरोध की भी प्रतीक बनी जब आजादी के लिए बापू ने लोगों से विदेशी वस्त्रों के स्थान पर खादी पहनने की अपील की। और जनता ने भी इस अपील को हाथों हाथ लिया।
समीक्षा की परिभाषा क्या है
किसी भी लेखन को पढ़ कर उसके बारें में बताना समीक्षा कहलाता है। समीक्षक द्वारा की गई टिप्पणी पाठकों को पुस्तक पढ़ने या ना पढ़ने के लिए प्रेरित करती है। किसी किताब, लेख, कहानी पर आपकी प्रतिक्रिया होती है जो अच्छी या बुरी हो सकती है। समीक्षा से पाठकों को लेखन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी मिलती है। समीक्षा मतलब समालोचना, किसी भी लेखन की समीक्षा व्यवहारिक आलोचना का एक सशक्त रूप होती है। लेकिन लगता है कि आज यह काम कुछ व्यवहारिक बन है, आजकल रचना और लेखों की समीक्षा निजी संबंधों को निभाने के तौर पर की जाती है, मतलब लेखक को खुश करने का ज़रिया। समीक्षा की स्थिति आज दायित्वहीनता की परकाष्ठा तक पहुंच चुकी है। समीक्षाएं आज विशुद्ध लेन-देन का जरिया बन चुकी है।
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