जिलाधिकारी ने 10 लाभार्थियों को आवास की चाभी वितरित की
प्रधानमंत्री का उद्देश्य प्रत्येक गांव स्मार्ट गांव के रुप में विकसित हो
कानपुर नगर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत निर्मित आवास के लाभार्थियों को आज गृह प्रवेश/आवास की चाभी वितरण कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वीडियो कान्फेंसिग के माध्यम से पॉच कालीदास मार्ग से किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त जनपदो में 05 लाख 51 हजार लाभार्थियों को रुपये 6637.72 करोड की लागत से निर्मित आवासों का गृह प्रवेश/चाभी वितरण किया गया।
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पैरालम्पिक टेबल टेनिस में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी हैं भाविना नारी शक्ति के लिए प्रेरणा
भारत की नारी शक्ति विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने के अलावा अब खेलों में भी लगातार इतिहास रच रही है और देश की आधी आबादी को अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूरी हिम्मत और हौंसला प्रदान कर रही है। पिछले दिनों टोक्यो ओलम्पिक में भारत की महिला हॉकी टीम भले ही पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी थी किन्तु सभी महिला खिलाडि़यों ने जिस बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था, उससे समूचा राष्ट्र उनका मुरीद हो गया। ओलम्पिक में मीराबाई चानू, पीवी सिंधु तथा लवलीना बोरगोहेन ने तो पदक जीतकर खेलों की दुनिया में नारी शक्ति की बढ़ती ताकत का स्पष्ट अहसास कराया ही था।
है ये कैसा सफ़र
ज़िंदगी का सफ़र है ये कैसा सफ़र कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं, है ये कैसी ड़गर चलते है सब मगर कोई समझा नहीं कोई जाना नहीं” इस गाने के बोल को समझे तो बहुत कुछ समझाता है हम इंसानों को।
सफ़र सिर्फ़ ट्रेन या बस में एक जगह से दूसरी जगह जाने का नाम नहीं। जन्म से लेकर मृत्यु तक उम्र काटकर पहुँचना भी एक सफ़र है। स्वाच्छोश्वास का आवागमन मुसाफ़िर जैसा ही है एक श्वास आती है, एक विदा लेती है। इस अविरत बहती क्रिया के सफ़र में देखने लायक और अनुभव करने लायक कई पड़ाव आते है। चुनौतियां, संघर्ष, सुख-दु:ख और सबसे बड़ा पड़ाव रिश्तों की चौसर।
उपराष्ट्रपति ने की खादी को राष्ट्रीय वस्त्र के रूप में अपनाने की अपील
खादी में नैतिकता और आध्यात्मिकता की आभा है – खादी में स्वदेश प्रेम और स्वदेश की भावना निहित है – एड किशन भावनानी
भारत में खादी का नाम अगर आया तो स्वाभाविक रूप से महात्मा गांधी का नाम जेहन में उभर पड़ता है। क्योंकि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में खादी का बहुत महत्व रहा है गांधीजी ने सन 1920 के दशक में गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खादी के प्रचार प्रसार पर बहुत जोर दिया था। खादी यह भारत में हाथ से बनने वाले वस्त्रों को कहते हैं खादी वस्त्र सूती, रेशम, या ऊन से बने हो सकते हैं। इनके लिये बनने वाला सूत चरखे की सहायता से बनाया जाता है। खादी वस्त्रों की विशेषता है कि ये शरीर को गर्मी में ठण्डे और सर्दी में गरम रखते हैं।…
आर्थिक तंगी, घरेलू कलह बनी आत्महत्या का कारण
कानपुर दक्षिण। आर्थिक तंगी से शुरू हुई घर की कलेश का खात्मा परिवार के मुखिया ने फॉसी लगाकर किया। गुजैनी निवासी राजशेखर दुबे अपनी पत्नी लक्ष्मी, बेटी नैन्सी17, बेटे सौरभ15 के साथ सुरेन्द्र गुप्ता के मकान में किराये पर करीब 10 साल से रह रहे थे।
राजशेखर दुबे दिहाड़ी मजदूरी करते थे। वही पत्नी लक्ष्मी भी एक फैक्ट्री में काम कर अपना व अपने बच्चों का पेट पालते थे। कुछ दिनों पहले लक्ष्मी की नौकरी छूट गई थी। वही राजशेखर को भी रोज काम नहीं मिल पा रहा था। जिससे घर चलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जिसकी वजह से पति पत्नी में रोज आपसी कलेश होने लगा। कल रात भी दोनो में किसी बात को लेकर आपसी विवाद हुआ था। जिसके बाद राजशेखर ने अंदर के कमरे में जाकर देर रात फॉसी लगा ली। तड़के सुबह लक्ष्मी उठ कर जब अंदर गई तो राजशेखर को फंदे पर झूलता देख उसकी चीखे निकल गई। शोर सुन कर आस पास के लोग एकत्र हो गये। जिसके बाद कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची बर्रा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिये भेजा।
गौशाला निर्माण केवल कागजों पर, घूम रहे आवारा बेजुबान जानवर
सलोन/रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। सपा नेता द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को 2022 में समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में सहयोग करने की अपील जारी है। इसी क्रम में विधानसभा सलोन के अंतर्गत विकासखंड सलोन के ग्रामसभा बैरमपुर में ग्रामीणों के मध्य चौपाल लगाकर सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतराम पासी द्वारा किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों की समस्याएं सुनी गई। सपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार आवारा पशुओं पर अंकुश नहीं लगा पा रही है, जिससे जानवर किसानों के खेतों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जिससे किसान बेहद परेशान है।
BJP से लखनऊ के जिला प्रभारी बनाए गए क्षेत्रीय मंत्री अभिलाष
रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। भारतीय जनता पार्टी से जनपद लखनऊ के जिला प्रभारी बनाए गए पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री अभिलाष चंद्र कौशल।पद मिलने के बाद ग्रह जनपद रायबरेली पहुंचने पर अभिलाष चंद्र कौशल का भाजपा जनपदीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।लखनऊ से भाजपा कार्यालय रायबरेली आते समय मार्ग में कई जगह भव्य स्वागत किया गया। कार्यालय पहुंचने पर अभिलाष चंद्र कौशल का पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष राधेश्याम सोनी ने स्वागत में 51 किलो की फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया।
PRV 0440 ने बचाई गर्भवती महिला की जान
कानपुर दक्षिण। आपसी झगडे के बाद पत्नी ने खुद कों कमरे बंद करके आत्महत्या का प्रयास किया। जिसकें बाद पति ने डायल 112 के कंट्रोल नम्बर पर फोन करके सुचना दी। मौके पर पहुंची पीआर वी 0440 ने गेट तोड़ कर महिला को बदहवाश हालत मे निकाल कर निजी अस्पताल मे भर्ती करवाया।
नौबस्ता निवासी शमीम ने बताया की उसकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है। किसी कारण नाराज होकर आत्महत्या की धमकी देकर उसने खुद को कमरे बंद कर लिया हैं। लगभग एक घंटे से आवाज देने पर भी कोई आहट नही हो रही है। किसी अनहोनी के डर से कंट्रोल रूम पर सूचना दी थी। जहॉ मौके पर पहुंची पी आर वी 0440 के एसआई भोले बाबू पाठक, सिपाही अनुराग शुक्ला, आशीष और महिला सिपाही अर्चना ने पहले गेट खुलवाने का प्रयास किया। जब गेट न खुला तो गेट तोडकर महिला को बाहर निकाल कर तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहॉ अब उसकी स्थिती सामान्य हैं।
तोल मोल के बोल तेरी कीमत होगी अनमोल
मेरी आवाज़ ही पहचान है गर याद रहे इस गाने के बोल बहुत कुछ कहते है, आवाज़ के भीतर शब्द और भाव का संमिश्रण तोलता है इंसान की शख़्सीयत को। शब्दों की, बोल की, और वाणी की कीमत अनमोल है। पर तब…जब बोल मिश्री से मीठे हो नाप तोल कर शहद की डली से उभरे हो, शांति का संदेश हो। जंग का एलान करते जो शब्द वाग्बाण से छूटते है, ऐसे शब्द हलक की ही शोभा बने रहे तो ठीक है। वरना लबों पर बैठकर तबाही मचा सकते है।
प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान के साथ उन्हें रोजगार से लगाकर, बना रही है आत्मनिर्भर
भारतीय संस्कृति में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। वे समाज के हर कार्य में हाथ बॅटाती रही हैं। प्राचीनकाल में महिलायें विदुषी, ज्ञानी और सामाजिक व्यवस्था की पोषक रही हैं। महिलाये केवल गृहिणी ही नहीं बल्कि वे राजसत्ता चलाने में भी निपुण रही हैं। आज हमारे देश में महिलायें उद्योग, व्यापार, शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, तकनीकी, फोर्स, खेल आदि विभिन्न क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक कार्य करते हुए राष्ट्र की सेवा कर रही हैं। ग्रामीण स्तर पर विभिन्न कुटीर उद्योगों, गृह उद्योगों कृषि कार्यों आदि में उनका विशेष योगदान है। आज महिलायें हर क्षेत्र में कार्य करते हुए परिवार की आर्थिक बुनियाद मजबूत कर रहीं हैं, साथ ही राष्ट्र के विकास में सहभागी बन रही है।
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