किसान भाई फसल में रोग/कीट की समस्या होने पर कृषि विभाग के हेल्पलाइन नं0-9452247111, 9452257111 पर सूचना प्रेषित करें
प्रयागराज, जन सामना ब्यूरो। जिला कृषि रक्षा अधिकारी, प्रयागराज इन्द्रजीत यादव ने बताया है कि वर्तमान मौसम में नमी एवं कोहरा होने के कारण रबी की प्रमुख फसलों में कीट एंव रोगों का प्रकोप होने की अधिक सम्भावना है। इसलिये सम्भावित कीट/रोगों से बचाव हेतु नियमित निगरानी करते रहें। कीट/रोग के लक्षण परिलक्षित होने पर तत्काल निम्नलिखित सुझाव एंव सस्तुतियों को अपनाकर फसल को बचा सकते है। गेहूं-(पीली गेरूई रोग) के लक्षण सर्वप्रथम पत्तियों पर पीले रंग की धारी के रूप में दिखायी देते है, जिसे हाथ की उंगलियों से छूने पर पीले रंग की पाउडर लग जाता है। रोग के लक्षण दिखाई देने पर प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ई0सी0, 500 मिली0 मात्रा को 600-750 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करना चाहिए। रोग के प्रकोप तथा फैलाव को देखते हुए दूसरा छिड़काव 10-15 दिन के अन्तराल पर करें। फसल पर रसायन का छिड़काव वर्षा व कोहरे की स्थिति मे न करें।
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