कानपुर। प्रस्तावित यूजीसी कानून और जातिगत आरक्षण के विरोध में सोमवार को सवर्ण समाज के लोगों ने कानपुर में प्रदर्शन किया। सवर्ण एकता मोर्चा के बैनर तले सर्व ब्राह्मण विकास परिषद और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोग सरसैया घाट पर एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रस्तावित यूजीसी कानून वापस लेने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने तथा मेरिट के आधार पर अवसर सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सवर्ण एकता मोर्चा के संयोजक कुंवर मनोज भदौरिया ने कहा कि सवर्ण समाज प्रस्तावित यूजीसी कानून का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और कायस्थ समाज के लोग एक मंच पर आकर अपनी मांग रख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सर्व ब्राह्मण विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. कमल किशोर अवस्थी ने कहा कि उनका संगठन आरक्षण का विरोध नहीं करता, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करता है। उन्होंने कहा कि गरीबी किसी जाति विशेष तक सीमित नहीं है, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से मेरिट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर समाज की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाया गया है। प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री धीरेंद्र भदौरिया ने कहा कि सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया है। मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को तहसील और जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंडल अध्यक्ष महेंद्र तोमर, प्रदेश अध्यक्ष पं. कौशल किशोर अवस्थी, वैश्य और कायस्थ समाज के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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