कविता पंत: नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज कहा कि एनसीईआरटी ने छह दशकों से अधिक समय से विशेष रूप से अपनी पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से भारतीय शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा मंत्री एनसीईआरटी मुख्यालय में आयोजित उसके 66वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 ने स्कूली शिक्षा में सुधारों के लिए एक ढांचा प्रदान किया है, जिसमें समग्र विकास, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, अनुभवात्मक अधिगम और योग्यता-आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ-एफएस) 2022, स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ-एसई) 2023 और कक्षा 1 से 9 तक के लिए नई पाठ्यपुस्तकों के विकास पर एनसीईआरटी के कार्यों पर प्रकाश डाला। बहुभाषी शिक्षा की दिशा में एनसीईआरटी के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री जोशी ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकें संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध सभी 22 भाषाओं में तैयार की जा रही हैं, साथ ही 93 जनजातीय भाषाओं सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में 121 प्राथमिक पुस्तकें भी तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नई पाठ्यपुस्तकें भारतीय ज्ञान प्रणालियों को पाठ्यपुस्तकों से जोड़ते हुए भारत की विरासत से जुड़कर उसे अधिक आकर्षक और प्रासंगिक बना रही हैं। श्री जोशी ने शिक्षा और समाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका को देखते हुए एनसीईआरटी द्वारा अपने अनुसंधान तंत्र और प्रौद्योगिकी के उपयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने शिक्षार्थियों को डिजिटल साक्षरता, एआई जागरूकता, आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान और नवाचार कौशल से लैस करने के महत्व को रेखांकित किया, साथ ही उचित पाठ्यचर्या संबंधी हस्तक्षेप, मनोसामाजिक सहायता और शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पूरा ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
रोबोटिक्स लर्निंग सेंटर, ट्रांसलेशन लैब और उन्नत टेलीविजन स्टूडियो के शुभारंभ पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा, भारतीय भाषाओं में शिक्षा और शैक्षिक सामग्री के विकास में सहायक होंगी। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी के विकास के अगले चरण में मौजूदा संस्थागत अनुभव का लाभ उठाते हुए उभरती शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा किया जाना चाहिए। रोबोटिक्स और अनुवाद प्रयोगशालाओं तथा उन्नत टीवी स्टूडियो के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने नवनिर्मित गेट नंबर 2 परिसर और एक थीम पार्क का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर एनसीईआरटी में ‘वनस्पति और जीव-जंतु’ नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। श्री जोशी ने समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जिसमें पाठ्यक्रम ढांचा विकास, जादुई पिटारा और पीएम ई-विद्या, दीक्षा जैसे डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में एनसीईआरटी की पहलों को प्रदर्शित किया गया था।
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