कानपुर नगर, जन सामना ब्यूरो। अपना दल (एस) के महासचिव व सदस्य उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद अजय प्रताप सिंह ने एक पत्र के माध्यम से उप्र के मुख्यमंत्री व सूबे के पशुपालन व दुग्ध विकास मंत्री को सुझाव दिया कि पशुपालन के क्षेत्र में रोज़गार देकर उत्पादन व खपत के अंतर को कम किया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि कोविड-19 की महामारी के कारण प्रदेश में अन्य राज्यों से वापस आये मज़दूर वापस नहीं जाना चाहते हैं। उनके सामने रोज़गार की जटिल समस्या उत्पन्न होगी। ऐसे में उन्हें ऋण देकर पशुपालन के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाया जा सकता है। वर्तमान समय में पशुपालन से सम्बन्धित कोई योजना भी नहीं है। पूर्व की सरकार में कामधेनु व मिनी कामधेनु योजना चल रही थी जो भाई भतीजावाद व लूट के भंवर में फंस कर दम तोड़ गयी। पशुपालन की योजना संचालित कर इसके अंतर्गत लाखों बेरोजगारों को ऋण देकर उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार दिया जा सकता है। जहां एक ओर लाखों लोगों की बेरोज़गारी दूर होगी वहीं दूसरी ओर उत्पादन और मांग के अंतर को भी कम करने में सहायता मिलेगी।पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार देकर उत्पादन और मांग के अंतर को कम किया जा सकता है: अजय प्रताप सिंह
कानपुर नगर, जन सामना ब्यूरो। अपना दल (एस) के महासचिव व सदस्य उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद अजय प्रताप सिंह ने एक पत्र के माध्यम से उप्र के मुख्यमंत्री व सूबे के पशुपालन व दुग्ध विकास मंत्री को सुझाव दिया कि पशुपालन के क्षेत्र में रोज़गार देकर उत्पादन व खपत के अंतर को कम किया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि कोविड-19 की महामारी के कारण प्रदेश में अन्य राज्यों से वापस आये मज़दूर वापस नहीं जाना चाहते हैं। उनके सामने रोज़गार की जटिल समस्या उत्पन्न होगी। ऐसे में उन्हें ऋण देकर पशुपालन के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाया जा सकता है। वर्तमान समय में पशुपालन से सम्बन्धित कोई योजना भी नहीं है। पूर्व की सरकार में कामधेनु व मिनी कामधेनु योजना चल रही थी जो भाई भतीजावाद व लूट के भंवर में फंस कर दम तोड़ गयी। पशुपालन की योजना संचालित कर इसके अंतर्गत लाखों बेरोजगारों को ऋण देकर उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार दिया जा सकता है। जहां एक ओर लाखों लोगों की बेरोज़गारी दूर होगी वहीं दूसरी ओर उत्पादन और मांग के अंतर को भी कम करने में सहायता मिलेगी।
Jansaamna
कानपुर नगर, जन सामना ब्यूरो।
प्रयागराज, जन सामना ब्यूरो।
लखनऊ, जन सामना ब्यूरो।
इटावा, राहुल तिवारी।
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो।