कानपुर, जन सामना ब्यूरो। आज कानपुर में कर्मचारियों के मसीहा कहे जाने वाले दिवंगत श्रद्धेय बाबूराम बाघमार की 11वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नगर निगम के संघ कार्यालय में एक श्रद्धांजली सभा आयोजित की गई। सबसे पहले संघ के महामंत्री अजीत बाघमार ने बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण किया फिर कर्मचारी नेता बाघमार के चित्र पर भी माल्यार्पण किया। सभा का विधिवत संचालन पिन्टू चौधरी ने किया। आये हुए वक्ताओं ने दो-दो शब्द बोलकर अपने नेता को श्रद्धांजली अर्पित की। विनीत लौंगवर्षा ने कहा जो लोग बाबूराम बाघमार जी के नाम के सहारे आगे बढ़े आज वही लोग उन्हें भूल गए, वो अवसरवादी हो गये हैं। राजेश समुद्रे ने कहा यदि आज बाघमार जी होते तो नगर निगम की इतनी बुरी स्थिति न होती। सतीश ने कहा बाघमार जी अपने जीवन काल में कर्मचारियों के लिए जो भी काम किये हैं वो बहुत ही सराहनीय हैं।
विनय सेन ने कहा जैसा की आप सब जानते हैं कि बाबूराम बाघमार जी अपने कर्मचारियों के हित में लड़ते हुए कई बार सस्पेंड भी हो चुके थे। फिर भी वे अपने कर्मचारियों के लिए अधिकारियों से लड़ते रहें वे अपने कर्मचारियों के प्रति समर्पित और ईमानदार थें तभी अधिकारी उनसे दबते भी थे। हमें भी समाज के प्रति समर्पित और ईमानदार होना चाहिए तभी ये हम सबके लिए सच्ची श्रद्धांजली होगी। चेतन कश्यप ने बहुत ही भावुकता में कहा मैं उनके द्वारा किये गये महान कार्य को नमन हूँ। अभिजीत बाघमार ने कहा मेरे बड़े पापा ने अपने व्यक्तित्व से समाज में अपने द्वारा किये गए कार्यों से संदेश दिया है। विक्की चौधरी ने कहा बाबूराम बाघमार कर्मचारी हित में एक बड़ा नाम था। अजीत बाघमार ने कहा मैंने तो शुरु से ही यही सोचा था कि हम लोग जो भी काम करेंगे पूरी ईमानदारी के साथ ही करेंगे। मुझे चालीस नहीं चार आदमी चाहिए जो पूरी तरह से ईमानदार हों। जैसा कि आप सभी लोग मुझ पर भरोसा करते हैं मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूँ कि जब तक जिन्दा हूँ तब तक समाज की तन, मन, धन से सेवा करने का वचन बद्ध हूँ। अन्त में कमलेश वाल्मीकि ने अपने अध्यक्षी भाषण के साथ आये हुए सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित कर सभा समाप्ति की घोषणा की। सभा में मुख्य रूप से मैकू खोटे, गंगा गांधी, नरेश सागर, राम चन्दर, तीरथ प्रसाद, मनीष शारदे, कुलजीत, अली बाबा, मयंक एवं बुद्ध सागर तथा आदि लोग उपस्थित रहे।