
यहाँ अब खुद के लिए खुद को ही खड़ा करना पड़ता है। खुद की हिफाजत अब स्वयं ही करनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जूडो-कराटे एक मार्शल आर्ट है। इससे सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह बालिकाओं के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करने में मदद करता है। मार्शल ऑर्ट्स की शारीरिक गतिविधियां पूरे शरीर की गति को प्रोत्साहित करती हैं जो मोटापे से बचने में मदद करती है, घर या स्कूल में होने वाली अन्य सख्त शारीरिक गतिविधियों को आसानी से करने के लिए अपनी सहनशक्ति में सुधार करने में भी मदद करती है। साथ ही, मार्शल आर्ट्स की गतिविधियां शरीर और दिमाग को लचीलापन और समन्वय विकसित करने में भी मदद करती हैं। इस मौके पर प्रधानाध्यापिका शहाना बेगम, सहायक अध्यापक धर्मेंद्र एवं छाया व मनीषा उपस्थित रहीं।