घाटमपुर/कानपुर, शिराजी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर में सियाचिन ग्लेशियर में शहीद सेना के जवान धर्मेंद्र सिंह के पैतृक गांव में शहीद का अंतिम संस्कार सेना सम्मान के साथ किया गया। ज्ञात हो कारगिल के द्रास सेक्टर में गुरुवार को बर्फीले तूफान में शहीद बिराहिनपुर (घाटमपुर) निवासी सेना के जवान धर्मेंद्र उर्फ बबलू 40 वर्ष का शव रविवार सुबह जब घर पहुंचा तो पूरा गांव रो पड़ा, जवान के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही, फूलों से सजी सेना की गाड़ी जब गांव पहुंची तो हर आंख में आंसू थे। पतारा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम बिराहिनपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ बबलू ने 1999 में सेना ज्वाइन की थी। शहीद जवान धर्मेंद्र की शादी सन 2002 में सुनीता से हुई थी। इनके दो बेटे उत्कर्ष सिंह 16 वर्ष व राजवर्धन सिंह 9 वर्ष है। जो चंडीगढ़ स्थित बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हैं। हवलदार धर्मेंद्र की मां शिव देवी व दो बड़े भाई गांव में रहकर खेती किसानी करते हैं। गुरुवार को मशकोह वैली में सेना की एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गई थी। जिसमें धर्मेंद्र उर्फ बबलू 40 वर्ष शहीद हो गए। तथा कई साथी जवान घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। शहीद हवलदार धर्मेंद्र सिंह उर्फ बबलू के पार्थिव शरीर को परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों व सेना के जवानों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की,व शोक व्यक्त किया। शहीद धर्मेंद्र के पार्थिव शरीर को गार्ड आफ आनर देने के बाद बड़े बेटे उत्कर्ष द्वारा मुखाग्नि दिलवाई गई।