रायबरेली, पवन कुमार गुप्ता। ऊंचाहार क्षेत्र में तकरीबन एक साल के लंबे समय के बाद कोतवाल की बदली हुई है। इस बीच और भी हुई अनगिनत चोरियां, हत्याओं का अनावरण तो लंबित है ही साथ ही मंदिर से चोरी हुए भगवान को भी तलाशना नए कोतवाल के लिए बड़ी चुनौती है।
ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी के रूप में शिव शंकर सिंह नए कोतवाल तैनात हुए है। विगत एक वर्ष के दौरान ऊंचाहार की पुलिसिंग, जिम्मेदारों की लचर कार्यशैली के कारण जमीन पर है। अपराधियों के हौसले बुलंद है तो पुलिसिंग राजनीति और जातिवाद के चक्कर में आम जनमानस के लिए मुसीबत बनी हुई है। ऊंचाहार के किशुनी का पुरवा गांव में एक साथ चार घरों में हुई करीब पचास लाख की चोरी का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है। दो साल पहले क्षेत्र हनुमान गंज पुल के पास हत्या करके फेंकी गई महिला के शव के मामले में इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद आज तक मृतक महिला की पहचान तक पुलिस नहीं कर पाई है। जबकि हत्यारे आजाद है। इसके बाद दर्जनों चोरियां पुलिस की फाइल में दफन हो चुकी है। किन्तु किसी का खुलासा नहीं हुआ है।तीन माह पहले क्षेत्र के गोकना गंगा घाट के पास स्थित चांदी बाबा की कुटी से चोर बेस कीमती राधा कृष्ण भगवान की लगभग आधा दर्जन मूर्तियां उठा के ले गए। इन मूर्तियों की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत है। किन्तु आज तक न मूर्तियों का पता चल पाया है और न ही चोरों का।
इस प्रकार से बिगड़ी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाना और आम जनमानस में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करना नए कोतवाल के लिए बड़ा चुनौती भरा काम है। विधान सभा चुनाव बिलकुल निकट है।इस समय कोतवाली स्टाफ में जातिवाद जमकर हावी है। एस.आई. तक पर जाति से प्रेरित होकर कार्य करने का आरोप है। कुल मिलाकर कोतवाली की आंतरिक व्यवस्था भी चरमराई हुई है। ऐसे में अपराध पर अंकुश लगा पाना और अपराधियों पर नियंत्रण पाना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।