सिकन्द्राराऊ। मौसम में बदलाव होते ही कस्बा व क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों की बाढ़ सी आ गई है। जगह जगह पर झोलाछाप अपनी दुकानों को सजाए बैठे हुए हैं। झोलाछाप बेखौफ होकर मानव जीवन के साथ खिलबाड़ कर रहे हैं। झोलाछापों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा कस्बा के हाथरस रोड पर अवैध रूप से संचालित हो रहे एक झोलाछाप के क्लीनिक पर छापेमार कार्यवाही की गई। जिससे अन्य झोलाछापों में हड़कंप मच गया। कार्यवाही के भय से झोलाछाप अपनी दुकानों को बन्द कर भाग गए। कार्यवाही के दौरान झोलाछाप दो मासूम बच्चों का इलाज करते हुए पाया गया। टीम द्वारा जब झोलाछाप से क्लीनिक के दस्तावेज मांगे गए तो जिन्हें वह दिखा नहीं सका। जिसके चलते हुए झोलाछाप की क्लीनिक को सील कर दिया गया।
हाथरस रोड पर एक झोलाछाप बेखौफ होकर लोगों का इलाज कर रहा था। जिसकी शिकायत लोगों द्वारा जिलाधिकारी से की गई। शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी राजेश कुमार व चिकित्साधीक्षक ड. रजनेश यादव को उक्त झोलाछाप के प्रति कार्यवाही करने के निर्देश दिए। निर्देशां का पालन करते हुए आज उपजिलाधिकारी एवं चिकित्साधीक्षक ने संयुक्त रूप से झोलाछाप के यहाँ छापेमार कार्यवाही की। जिससे अन्य झोलाछापों में खलबली मच गई। झोलाछाप अपनी दुकानों को बन्द कर भाग गए। छापेमार कार्यवाही के दौरान पाया गया कि उक्त क्लीनिक बी डी शर्मा के नाम से रजिस्टर्ड था। किंतु वहाँ मोनू उर्फ अरविंद नाम का युवक उक्त क्लीनिक को अवैध रूप से संचालित कर रहा था। मौके पर बी डी शर्मा नहीं मिले। क्लीनिक के बाहर मोनू क्लीनिक का बोर्ड भी लगा था। मोनू उर्फ अरविंद कार्यवाही के दौरान दो मासूम बच्चों को बोतल चढ़ाते हुए मिला। अधिकारियों को मौके पर कोई भी प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिला। जब अधिकारियों द्वारा मोनू से बी डी शर्मा के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मांगे गए। जिन्हें वह नही दिखा सका। जिसके चलते उक्त क्लीनिक को अधिकारियों द्वारा सील कर दिया गया।
इस सम्बंध में एमओआईसी ड. रजनेश यादव ने बताया कि उक्त मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी के साथ उक्त क्लीनिक पर छापेमारी की गई। इस दौरान पाया गया कि उक्त क्लीनिक बी डी शर्मा के नाम से रजिस्टर्ड था। किंतु मौके पर बीडी शर्मा नहीं मिले। उक्त क्लीनिक को मोनू उर्फ अरविंद नाम का व्यक्ति अवैध रूप से संचालित कर रहा था। मौके पर वह दो बच्चों को बोतल चढ़ाते हुए मिला। कार्यवाही के दौरान मौके पर कोई भी प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिला। मोनू उर्फ अरविंद से जब बी डी शर्मा के रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मांगे गए तो वह उन्हें उपलब्ध नहीं करा सका। जिसके चलते उक्त क्लीनिक को सील कर दिया गया है। रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को सौंपी जा रही है। जिसको उपजिलाधिकारी जिलाधिकारी को प्रेषित करेंगे।