अभिभावक भी बच्चों को घर पर दें अच्छे संस्कार, छात्रों के जीवन को अनुशासित करना हमारा उद्देश्य – दुर्गेश चंद्र पांडेय (हिंदी प्रवक्ता)

ऊंचाहार, रायबरेली। आज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ऊर्जा विहार ऊँचाहार, रायबरेली मे शिक्षक दिवस अत्यंत हर्सोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें छात्र संसद व कन्याभारती के तत्वाधान में विद्यालय की समस्त दिनचर्या बड़े ही प्रेरणादायी ,अनुशासन और रोचक तरीके से सम्पन्न की गई। जिसमें भैया बहनों के द्वारा डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अवतरण दिवस पर अपने-अपने विचार और गीत प्रस्तुत किये गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों से पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य बालकृष्ण सिंह ने डा० राधाकृष्णन पर विचार ब्यक्त करते हुए कहा कि इनके आदर्शो पर चलकर साधारण स्थिति में होते हुए भी असाधारण प्रतिभा के बल पर कोई भी ब्यक्ति देश के सर्वोच्च पद को प्राप्त कर सकता है । छात्र अध्यापकों और छात्रा अध्यपिकाओं द्वारा शिक्षण कार्य अत्यंत कुशलतापूर्वक किया गया। विषय प्रवर्तन हिंदी प्रवक्ता दुर्गेश चंद्र पांडेय द्वारा तथा आभार ज्ञापन शशिभूषण मणि तिवारी द्वारा किया गया।
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Jansaamna
बड़ौत, बागपत। उत्तर प्रदेश में बागपत के बड़ौत शहर में चल रहे दशलक्षण पर्व के चौथे दिन मुनि सुव्रतनाथ विधान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैन श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म अंगीकार करने का संकल्प लिया।आचार्य विमर्श सागर महाराज के शिष्य मुनि विशुभ्र सागर महाराज एवं मुनि श्री विश्वार्क सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित दशलक्षण पर्व परमध्य प्रदेश से पधारे विधानाचार्य पंडित राज किंग के निर्देशन मे गर्म प्रासुक जल से अजितनाथ भगवान की प्रतिमा का अभिषेक किया। संगीतकार अरुण जैन ग्वालियर के सुंदर भजनो पर जैन श्रधालुओ ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। विधान में 48 अर्घ्य समर्पित किये गए।मुनि विशुभ्र सागर महाराज ने शौच धर्म की महत्ता पर प्रवचन करते हुए कहा कि शुचिता का होना ही शौच धर्म है। लोभ कषाय के कारण मानव का मन सदा अशुचि बना रहता है।