♦करीब 200 वर्ग किमी क्षेत्र का तैयार हो रहा मास्टर प्लान, फील्ड सर्वे शुरू
♦फैक्ट्रियां, स्कूल-कॉलेज समेत पहले से मौजूद निर्माण भी होंगे प्लानिंग के दायरे में
कानपुर । कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के विस्तारित विकास क्षेत्र में शामिल 80 राजस्व गांवों के करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार, मास्टर प्लान लागू होने के बाद इन गांवों के भविष्य के विकास की दिशा तय होगी। इसके तहत आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक तथा अन्य गतिविधियों के लिए भूमि उपयोग (लैंड यूज़) निर्धारित किया जाएगा।
मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नियुक्त टाउन प्लानिंग, जीआईएस एवं अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इन दिनों विस्तारित क्षेत्र में फील्ड सर्वे और ग्राउंड वेरिफिकेशन कर रही है। सर्वे के दौरान मौजूदा आबादी, सड़क नेटवर्क, वर्तमान भूमि उपयोग, कॉलोनियों, औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य प्रमुख निर्माणों का अध्ययन किया जा रहा है।
इन तहसीलों के 80 गांव हैं शामिल-
कानपुर सदर : हरदौली, टीकर मघई।
नरवल : अमौर, कुन्दौली, चिरली, तरगांव नरवल, तेलियावर, बेहटा गम्भीरपुर, रसूलपुर जाजमऊ, राजेपुर, लक्षमनखेड़ा, सेमरा, बड़ा गांव, कुशमरा, महोली, नौगांव गौतम, पुरवामीर, सिकठिया तथा तिवारीपुर सलेमपुर।
बिल्हौर : अमिलिहा, आलमपुर, इटरा, इन्दलपुर जाजमऊ, उमरी, कुर्मीखेड़ा कलां, गजेनपुर, गोगूमऊ, गोविन्देपुर, चककाजी अचलीहा, चक गोविन्देपुर, चक बेला, चक हजरतपुर, चौधरीपुर, चौबेपुर पश्चिम, ताजपुर, तिघरा, दरियापुर बिठूर, दिलावरपुर टोसवा, देवपालपुर, नाढ़ूपुर, नाथूपुर, पीरकपुर, पूरा गनू, विषुनपुर, बूढ़नपुर, बैदानी, भिखारीपुर, मकरन्दपुर, महाराजपुर, मालौं, राय गोपालपुर, रामपुर किशोर सिंह, रुद्रापुर, सराय छीतम, हरदासपुर, हृदयपुर मजरा गोगूमऊ तथा पूरा सुबंश।
अकबरपुर (कानपुर देहात) : गोईनी, फतेहपुर रोशनाई (पार्ट), रायपुर कुकहट (पार्ट), शेरपुर तरौदा (पार्ट), चकसरवल, चिरौरा (पार्ट), देवकली, धन्जुवा (पार्ट), बिसायकपुर (पार्ट) तथा मुबारकपुर लाटा (पार्ट)।
मैथा (कानपुर देहात) : खरगपुर बिठूर, चक टोडपुर, चक रतनपुर, टोडपुर, ढिकिया, पिटरापुर, भाऊपुर, मलिकपुर, रास्तपुर, रंजीतपुर, शेखपुर, सिंहपुर दिवनी तथा हृदयपुर मजरा प्रतापपुर।
पहले से बनी फैक्ट्रियां और शिक्षण संस्थान भी प्लानिंग के दायरे में
मास्टर प्लान केवल भविष्य में होने वाले नए निर्माण और विकास तक सीमित नहीं रहेगा। इसे तैयार करते समय विस्तारित क्षेत्र में पहले से स्थापित फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आवासीय कॉलोनियों तथा अन्य प्रमुख निर्माणों और वर्तमान गतिविधियों का भी सर्वे एवं अध्ययन किया जा रहा है।
इन मौजूदा गतिविधियों की स्थिति, क्षेत्र की भविष्य की आवश्यकताओं, आसपास के विकास, सड़क एवं यातायात व्यवस्था तथा नियोजन मानकों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान में इनके भूमि उपयोग के संबंध में प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
इनकी वर्तमान स्थिति और उपयोग का अध्ययन करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप क्षेत्र के लिए प्रस्तावित भूमि उपयोग की रूपरेखा तैयार की जाएगी। हालांकि, किसी भी मौजूदा निर्माण की वैधानिक स्थिति संबंधित स्वीकृतियों एवं लागू नियमों के आधार पर ही निर्धारित होगी।
जमीन खरीदने वालों के लिए भूमि उपयोग जानना होगा महत्वपूर्ण
मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, सड़क एवं परिवहन, पार्क तथा खुले क्षेत्रों सहित विभिन्न प्रकार के भूमि उपयोग की भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। मास्टर प्लान लागू होने के बाद नए विकास कार्यों तथा भवन एवं ले-आउट मानचित्रों की स्वीकृति में निर्धारित भूमि उपयोग और लागू विकास नियमों का विशेष महत्व होगा।
ऐसे में इन गांवों में जमीन खरीदने-बेचने, फैक्ट्री या संस्थान स्थापित करने, कॉलोनी विकसित करने अथवा अन्य निर्माण की योजना बनाने वालों के लिए मास्टर प्लान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। भूमि में निवेश से पहले संबंधित भूखंड के स्वीकृत भूमि उपयोग तथा लागू नियमों की जानकारी लेना भविष्य की संभावित परेशानियों से बचा सकता है।
करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को समेटने वाला यह मास्टर प्लान कानपुर के शहरी विस्तार को नई दिशा देगा। इसके दायरे में आने वाले 80 गांवों में मौजूदा विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य के आवास, रोजगार, उद्योग, शिक्षा, सड़क तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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