रायबरेली। एम्स रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य विभाग ने प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा बाल चिकित्सा विभाग के सहयोग से शनिवार को अस्पताल भवन के भूतल पर ‘विश्व स्तनपान सप्ताह 2026’ का उद्घाटन समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं, परिवारों और आमजन के बीच शिशुओं एवं छोटे बच्चों के लिए उचित पोषण संबंधी जानकारी का प्रसार करना रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने किया। उन्होंने स्तनपान, मातृ पोषण और शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफल स्तनपान के लिए माताओं को परिवार और समाज का सहयोग मिलना आवश्यक है। इस अवसर पर डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. भोलानाथ, डॉ. पारुल सिन्हा तथा डॉ. नमिता मिश्रा भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ. अभय सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिशु के जीवन के पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराने तथा इसके बाद उचित पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों और समाज से स्तनपान-अनुकूल वातावरण तैयार करने की अपील की। समारोह का मुख्य आकर्षण संस्थान के इंटर्न छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। नाटक के माध्यम से स्तनपान के लाभ, इससे जुड़ी भ्रांतियों और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा एक इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने स्तनपान, मातृ पोषण और शिशु आहार से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। उद्घाटन समारोह में फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. शशांक एवं डॉ. अपर्णा, इंटर्न, एमबीबीएस छात्र, मरीज और उनके परिजन मौजूद रहे। संस्थान की ओर से बताया गया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान पूरे सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम, शैक्षणिक सत्र और सामुदायिक आउटरीच गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि स्तनपान को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सके।
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