Monday, August 24, 2026
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एम्स में गुणात्मक अनुसंधान और एनविवो 15 पर दो दिवसीय कार्यशाला

रायबरेली। एम्स रायबरेली के कम्युनिटी मेडिसिन एवं पब्लिक हेल्थ विभाग में 21 और 22 अगस्त को ‘क्वालिटेटिव रिसर्च एंड डेटा एनालिसिस यूजिंग एनविवो 15 एंड एआई’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान में गुणात्मक शोध पद्धतियों के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला में गुणात्मक अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। डॉ. मुकेश शुक्ला ने गुणात्मक अध्ययन के मूल सिद्धांतों, शोध पद्धति, सैंपलिंग रणनीतियों और नैतिक पहलुओं पर चर्चा की। डॉ. अभय सिंह ने साक्षात्कार गाइड तैयार करने से लेकर ट्रांसक्रिप्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया समझाई। वहीं डॉ. नीरज पवार ने गुणात्मक डेटा के विश्लेषण, कोडिंग रणनीतियों और थीमैटिक इंटरप्रिटेशन पर जानकारी दी। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से शोध प्रश्न तैयार करने, साक्षात्कार गाइड बनाने और मॉक डेटा कलेक्शन का अभ्यास किया। इसके अलावा एनविवो 15 सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। डॉ. सौरभ पॉल ने प्रतिभागियों को कोडिंग स्ट्रक्चर, एनोटेशन, सब-कोड और रिपोर्टिंग गाइडलाइन के साथ विजुअल कॉन्सेप्ट, माइंड मैप और प्रोसेस मैप तैयार करने की जानकारी दी।

सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. भोला नाथ ने गुणात्मक अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उससे जुड़े नैतिक पहलुओं पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने एआई टूल्स की मदद से ट्रांसक्रिप्ट से थीम और सारांश तैयार करने का अभ्यास किया। साथ ही एआई से प्राप्त परिणामों का मानव विश्लेषण के साथ तुलनात्मक मूल्यांकन भी किया गया। 22 अगस्त को कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के फीडबैक सत्र और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। कार्यशाला में विभिन्न कॉलेजों के संकाय सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में आधुनिक शोध पद्धतियों एवं तकनीकी उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण मिला।