➤ पुलिस द्वारा साउंड और कुर्सियां हटाने को लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक, बाद में धरने की अनुमति
कानपुर। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ शनिवार को फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और विपक्ष के साथ किए जा रहे व्यवहार का असर भविष्य में सत्ता परिवर्तन के बाद देखने को मिल सकता है। धरने का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर नगर ग्रामीण के अध्यक्ष संदीप शुक्ला के आह्वान पर किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सतीश महाना ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाए हैं। जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया था, लेकिन इसके बाद पुलिस पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए।
धरना शुरू होने से पहले पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच साउंड सिस्टम और कुर्सियां हटाने को लेकर विवाद हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, कोतवाली और फिलखाना थाने की पुलिस धरना स्थल पर पहुंची और सामान हटाने लगी। इसकी जानकारी मिलने पर जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। बाद में एसीपी कोतवाली अमित पांडे मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया। इसके बाद कुर्सियां और साउंड सिस्टम वापस कर दिए गए और कांग्रेस को धरना-प्रदर्शन करने दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है और विपक्ष के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सत्ता परिवर्तन के बाद परिस्थितियां बदल सकती हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद्र जांगिड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के खिलाफ जरूरत पड़ी तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
इस दौरान पूर्व विधायक सोहेल अख्तर अंसारी, मदन मोहन शुक्ला, संयोगिता वर्मा, उषा रानी कोरी, पी. यश बाजपेई, आनंद वर्मा, अवनीश सलूजा, इखलाक अहमद डेविड, आनंद मेहरोत्रा, शक्ति पांडे, उमेश दीक्षित, नरेंद्र चंचल, मदन गोपाल राखरा, पुरुषोत्तम त्रिपाठी, सतीश दीक्षित, संतोष मिश्रा, नरेश चंद्र त्रिपाठी, देवी प्रसाद निषाद, जेपी द्विवेदी, राजीव द्विवेदी सहित अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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