मुंबई। अभिनेत्री यामी गौतम धर ने फिल्म ‘हक़’ में शाह बानो का किरदार निभाने को अपने लिए बेहद खास अनुभव बताया है। उन्होंने कहा कि शाह बानो का किरदार ऐसा है, जिसे कोई भी एक्टर निभाने का सपना देखेगा। अब यह फिल्म एंड पिक्चर्स पर दर्शकों के बीच पहुंच रही है। इस मौके पर यामी गौतम धर ने फिल्म में अपने किरदार, शाह बानो की कहानी और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रस्तुत हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश…
शाह बानो की कहानी से आपको क्या जोड़ता है और आप ‘हक़’ का हिस्सा क्यों बनना चाहती थीं? पहली बार उनकी कहानी के बारे में जानने पर आपको क्या याद है?
मेरा मानना है कि कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो आपकी अपनी सोच और विश्वास से बेहद सच्चे और बेबाक तरीके से जुड़ती हैं। जब ऐसी दमदार कहानी वाली स्क्रिप्ट मेरे पास आती है, तो मुझे लगता है कि मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे ऐसे मुद्दों से जुड़ने का मौका मिल रहा है। इससे पहले भी मुझे दो बार ऐसे ही मौकों का हिस्सा बनने का मौका मिला है, लेकिन यह कहानी उनसे काफी अलग है। यह एक नया नजरिया सामने रखती है और ऐसी लड़ाई की बात करती है, जो कई सालों से चली आ रही है।
मुझे पहली बार शाह बानो का नाम तब पता चला था, जब उनकी कहानी सुर्खियों में थी। मुझे आज भी उनकी हेडशॉट तस्वीर में उनकी वह गहरी और परेशान कर देने वाली नजर याद है। उस तस्वीर में कुछ ऐसा था, जिसमें बहुत गहराई थी। एक टीनएजर के तौर पर भी मुझे लगा था कि उस तस्वीर में कुछ अलग और बहुत ताकतवर था। उस समय इस कहानी को लेकर मेरी समझ उतनी ही थी, जितनी किसी आम इंसान की अखबार पढ़कर होती है। उस समय महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर खुलकर बात नहीं होती थी, इसलिए एक महिला का इस तरह अपनी बात के लिए खड़ा होना बहुत हिम्मत की बात थी।
ऐसी महिला का किरदार निभाते हुए, जो इतनी सारी महिलाओं की मुश्किलों को सामने रखती है, आपने इस किरदार को कैसे निभाया?
हर टेक से पहले मैं शाह बानो की उस तस्वीर को अपने दिमाग में लाती थी। इससे मुझे याद रहता था कि मैं सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं बता रही हूं, बल्कि उन बहुत-सी महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हूं, जिन्होंने सम्मान और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है। यह बात पूरी प्रक्रिया के दौरान मेरे दिमाग में रही और इससे मुझे उनकी कहानी को पर्दे पर निभाने की अपनी जिम्मेदारी को समझने और उससे जुड़ने में मदद मिली।
एक एक्टर के तौर पर शाह बानो का किरदार आपके लिए इतना खास क्यों है?
यह ऐसा किरदार है, जिसे कोई भी एक्टर निभाने का सपना देखेगा। उनकी कहानी में बहुत गहराई है और मेरे लिए इसे खास बनाने वाली बात यह थी कि मुझे ऐसी महिला का किरदार निभाने का मौका मिला, जिसने उस समय अपने हक के लिए आवाज उठाई, जब महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर इतनी खुलकर बातचीत नहीं होती थी। उनकी हिम्मत ने इस किरदार को मेरे लिए बेहद खास और मायने रखने वाला बना दिया।
‘हक़’ अब एंड पिक्चर्स पर प्रीमियर हो रही है। दर्शकों को इस फिल्म को टेलीविजन पर देखने का मौका मिलने को लेकर आप कितनी उत्साहित हैं?
मैं बहुत उत्साहित हूं कि 20 सितंबर को रात 8 बजे एंड पिक्चर्स के जरिए ‘हक़’ और भी बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचेगी। यह ऐसी कहानी है, जिसे देखा जाना चाहिए और जिस पर बात भी होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि जो दर्शक इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए, उन्हें अब अपने घर के आराम से यह फिल्म देखने का मौका मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों से जुड़ेगी और क्रेडिट्स रोल होने के बाद भी लंबे समय तक उनके साथ बनी रहेगी।
Jansaamna