Wednesday, December 19, 2018
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युवाओं को पथ से भटकने को रोकें

portal head web news2आधुनिकता के दौर में हमने हर क्षेत्र में उन्नति के झण्डे गाड़ने का कार्य किया है। लेकिन एक ओर जहां हमने विज्ञान को वरदान के रूप में अपनाया है तो दूसरी ओर अपराधों के क्षेत्र में भी अपराध कारित करने के तरीकों में आधुनिकता को अपनाते हुए विज्ञान को अभिशाप बनाने का भी काम किया है। पहले लोग कहा करते थे कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना जरूरी है नहीं तो बड़े होकर गलत कामों को करेंगे। लेकिन, आज के दौर की बात करें तो बड़े बड़े अपराधों को कारित करने या उनमें संलिप्तता पाये जाने वालों की संख्या में शिक्षित नौजवानों की संख्या एक विचारणीय विषय है। पहले के दौर की बात करें तो कम पढ़े लिखे या अशिक्षित लोग ही लड़ने-झगड़ने, चोरी-छिनैती की घटनाओं को अंजाम देते हैं लेकिन आज के दौर में इस तरह की घटनाओं को अन्जाम ज्यादातर शिक्षित युवावर्ग दे रहा है। वहीं साइबर अपराधों की बात करें तो इन अपराधों को उच्च शिक्षा प्राप्त युवा ही अंजाम दे रहे हैं क्योंकि इस तरह के अपराध कम शिक्षित लोग नहीं दे सकते हैं। साइबर अपराध तो किसी एक व्यक्ति के लिए ही नहीं अपितु हर समाज व वर्ग के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। इसलिए शिक्षित युवाओं में अपराधिक मानसिकता को रोकने की जिम्मेदारी हम सबको निभानी चाहिए। कई उदहारण सामने आ चुके हैं, जिनमें साइबर अपराधों ने हंगामा बरपाने का काम किया है। शिक्षित युवाओं के कृत्यों से पैदा हुए उन्माद या अपराधों से अपूर्णीय क्षति भी देखने को मिल चुकी है। इससे जाहिर होता है कि शिक्षित बनाकर अच्छे नागरिक बनाने का उद्देश्य अपने मार्ग से भटकता जा रहा है। हालांकि साइबर अपराधों के माध्यम से शार्टकट अपना कर धन कमाने की लालसा भी युवाओं को अपराधी बना रही है। जबकि हम अपने बच्चों को उच्च शिक्षित कर अच्छे कार्यकरने की शिक्षा दिलाकर देश व समाज को समर्पित करने का दम भरते हैं। लेकिन जब बच्चा अपने पथ से भटक जाता है तो समाज में मान सम्मान को भी ठेस पहुंचती है। इस लिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने बच्चों को पथ से भटकने को रोकने में दिलचस्पी लें।