Home » मुख्य समाचार » अटेवा ने निकाला मसाल जूलूस

अटेवा ने निकाला मसाल जूलूस

औरैयाः ध्रुव कुमार अवस्थी। ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग कर रहे कर्मचारियों के अटेवा संगठन ने दिबियापुर में एक अप्रैल को पेंशन खत्म किये जाने के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। मशाल जुलूस में जनपद भर से आये सैंकड़ों शिक्षकों व कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर भाग लिया और पुरानी पेंशन चालू करने की मांग की। इस दौरान कर्मचारियों ने तीस अप्रैल को दिल्ली चलने की भी शपथ ली। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जलवीर सिंह सहित शिक्षक नेता भी मौजूद रहे और अटेवा के समर्थन की घोषणा की।
रविवार को मशाल जुलूस के लिए सैकड़ों कर्मचारी बीआरसी भाग्यनगर में इकट्ठा हुए और लखनऊ में पेंशन के आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज से शहीद हुए शिक्षक रामाशीष को श्रद्धांजलि अर्पित की। बैठक में शिक्षक नेता जलवीर यादव ने कहा कि उन्हें इस गलती का अहसास है कि यदि शिक्षक संगठन चाहते तो पुरानी पेंशन खत्म ही नहीं होती। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ पूरी तरह नए कर्मचारियों के साथ है और दिल्ली चलने को भी तैयार है।बैठक के बाद मशाल जुलूस शुरू हुआ जिसमें शिक्षक शिक्षकाओं के अतिरिक्त अन्य विभागों के भी कर्मचारी शामिल हुए थे। जुलूस के दौरान अटेवा के जिला संयोजक अमन यादव मशाल लिए आगे चले और पीछे सैंकड़ों की तादाद में बाँहपर काली पट्टी बांधकर शिक्षक व कर्मचारी नवीन पेंशन स्कीम का विरोध और पुरानी पेंशन लागू किये जाने की नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। जुलूस को दिबियापुर थाने के पास स्थित शहीद पार्क में खत्म किया गया। उसके बाद कर्मचारियों की सभा हुई जिसमें अमन यादव ने कर्मचारियों से सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करने की अपील की और तीस अप्रैल तक पुरानी पेंशन व संगठन के बारे में ट्विटर, फेसबुक व अन्य सोशल साइट्स पर हैशटैग अभियान चलाने को कहा। सभा में आये सभी पेंशन विहीन कर्मचारियों को अटेवा जिला संयोजक ने तीस अप्रैल को दिल्ली कूच कर जंतर मंतर पर होने वाले पूरे देश के कर्मचारियों के राष्ट्रीय संगठन एनएमओपीएस के आंदोलन में शामिल होने की शपथ दिलाई। इस दौरान महामंत्री राशिद सिद्दीकी, देवेन्द्र राजपूत, ज्ञानप्रकाश बाथम, दीप नारायण, कमलेश चैबे, मुहीत सिद्दीकी, अमित बिसारिया, विश्वनाथ यादव, नेहा अग्निहोत्री, नीरज चक, मुर्शिद सिद्दीकी, सीमा दोहरे, यशपाल, अमित माथुर, शरद कुमार, शमीम खान, निशा, गौरव शुक्ला, प्रीति त्रिपाठी, लाल प्रबल प्रताप, शिक्षक नेता अखिलेश यादव, अफाक इलाही व चंद्रकांती सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।