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जन्मकल्याणक महोत्सव के अन्तिम दिन हुआ सम्मान समारोह

⇒अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में दी प्रस्तुत की गयीं शानदार कवितायें
फिरोजाबादः जन सामना संवाददाता। पीडी जैन मेला प्रांगण में आयोजित अंहिसा के अग्रदूत श्री 1008 भगवान महावीर के 2617वां जन्मकल्याणक महोत्सव के तृतीय दिन सायं 7 बजे ‘कार्यकर्ता सम्मान एवं आभार प्रदर्शन‘ सम्पन्न हुआ । जिसमें महोत्सव समिति ने महोत्सव को भव्य बनाने में दिये गये सहयोग के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं संस्थाओं को मंच पर सम्मानित किया। जिसमे सहयोगी संस्था ‘‘अखिल भारतीय पदमावती पुरवाल पंचायत महासभा, मित्र मण्डल, दिगम्बर युवा संघर्ष समिति, महावीर संगठन, श्री विमर्श जागृति युवा संगठन, तरुण क्रांन्ति मंच, शीतलनाथ धार्मिक संगठन, जैन मिलन मुख्य शाखा फिरोजाबाद, श्री चन्द्रवाड जैन मेला महोत्सव समिति 2018, श्री चन्द्रप्रभु धार्मिक संगठन, बाहुबलि संघ ‘‘ आदि का सम्मान हुआ। जिसके साथ महोत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम में अपने सार्थक प्रयासों एवं अनुपमेय योगदान के लिए एक विशेष सम्मान श्री दिगम्बर जैन पाठशाला, सुहाग नगर को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया।
साथ में व्यक्तिगत सम्मान की श्रृंखला में मंच संचालन के लिए-राहुल जैन एवं अन्य सहयोग के लिए शैलेन्द्र जैन, विनीत जैन, जितेन्द्र जैन, मयंक जैन माइक्रोटेक ,गगन जैन, अभिषेक जैन आदि को साफा बाॅधकर श्री जी का चित्र के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया। भव्यरथयात्रा में निकाली गयी झाॅकीयों में से प्रथम स्थान- श्री चिन्तामणी पाश्र्वनाथ युवा संगठन, द्वितीय स्थान- श्री विमर्श युवा जागृति मंच तथा तृतीय स्थान- ‘‘धर्म प्रभावना महिला मण्डल सुहाग नगर‘‘ व ‘‘भारतीय जैन मंच‘‘ संयुक्त रुप से प्राप्त किया, जिन्हें समिति के पदाधिकारीयों ने मंच पर सम्मानित किया एवं सांत्वना पुरुस्कार की राशि भी प्रदान की। समिति ने महोत्सव के सफलता के लिए प्रशासनिक , चिकित्सीय, पुलिस विभाग , अग्निसमन विभाग ,वाहन व्यवस्था, टेण्ट व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, साअण्ड आदि की व्यवस्था मे सहयोग देने के लिए सम्मानित किया। रात्रि 10 बजे सुप्रसिद्व अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि राजकुमार जैन न्यू कर्नाटक, अरविन्द कुमार जैन थे। सम्मेलन के उद्घाटकर्ता मुकेश जैन, चित्रअनावरणकर्ता -प्रवीन कुमार जैन, दीपपृज्वलनकर्ता- प्रमोद कुमार ,अमित कुमार जैन न्यू सीमा बै0, रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमोद कुमार जैन राजा ने की। कवि सम्मेलन में अखिल भारतीय स्तर के कवियों ने अपने काव्य पाठ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन भारत के प्रसिद्व कवि सुरेन्द्र सार्थक‘अलवर ‘ने किया। मंच पर उपस्थित कवियों में से सर्वप्रथम कवि ‘‘कमलेश बसंत‘‘ तिजारा ने अपनी पॅंक्ति ‘‘मुम्बई और पठानकोट का अभी हिसाब बकाया है, सुनले दाउल हाफिज नवाज हमने केवल चैकाया है, एक के बदले दो को मारो ये सर्जिकल तो झाॅकी है, शीघ्र जलेगी तेरी लंका अभी दशहरा बाकी है………‘‘ सुनाकर दर्शकों की भीड को आकर्षित किया। कवियित्री ‘‘प्रिया खूशबु‘‘ ने श्रृंगार रस की ‘बसे मन मालवा माटी के मीठे भाव लाई हूॅ, गजल के घूॅंघरुओं के मैं बजाने पाव आई हूॅ…… तथा वीर रस के कवि ‘‘अजय अंजाम‘‘ औरैया ने ‘काशमीर का दर्रा दर्रा वंदेमातरम् बोलेगा ,कारतूस का छर्रा छर्रा वंदेमातरम् बोलेगा , जिस दिन भारत माॅं के बेटे अपनी पर आ जायेगे, इस मिट्टी का जर्रा जर्रा वंदेमातरम् बोलेगा………. ‘‘ की प्रस्तुति दी। नगर फिरोजाबाद के प्रसिद्व कवि ‘यशपाल यश‘ ने अपने कविता -दर्द के नयन का नीर हो जायेगा , काम को जीत ले वीर हो जायेगा…..। उनके बाद आयी हास्य की कवियित्री ‘संध्या विष्व (नागदा)‘ ने अपने हास्य व्यंग मेें कहा -सत्य है झूठ के पांव होते नही, सर्प में दूध के दांत होते नही, जिस नदी में वहे आदमी का लहू उस नदी में कभी हाथ धोते नही…………..। दिल्ली से आये वीर रस के ‘कवि कलाम भारती‘ ने- सदियों से सतपथ पर चलना और संयम सिखलाता है, शांति अहिंसा शाकाहार का मार्ग सुगम बतलाता है, त्याग तपस्या मंे तन तपकर मोक्ष गमन कर जाता है, जिन से जो पहुॅचा जन जन तक जैन धर्म कहलाता है……..। उदयपुर से पधारी कवियित्री ‘दीपिका माही‘ ने अपने श्रृंगार रस के बंध को पढते हुये कहा- तुम्हारी बात में जादू नयन वाचाल लगते है, तुम्हारे बिन मुझे सुख चैन सब जंजाल लगते है, मैं अपने प्रेम को आकार देने में झिझकती हॅू, जरा सी बात कहने मंे हजारों साल लगते है……………………..। अंत में दिल्ली के हास्य के कवि ‘ वेदप्रकाश वेद‘ ने अपने हास्य पाठ में कहा – इस मिलावट के हमने ऐसे ऐसे चमत्कार भुगते है, काली मिर्च बोओगे तो पपीते उगते है……….। कार्यक्रम के उपरान्त महोत्सव समिति ने पधारे सभी कविगणांे को संात्वना पुरुस्कार प्रदान किया एवं सफल कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए आभार एवं अभिनन्दन प्रकट किया। नगर से उपस्थित सभी श्रोतागणबन्धुओं को मेला महोत्सव को भव्य बनाने के लिए धन्यवाद प्रदर्शित किया। महोत्सव में अध्यक्ष अनुज जैन, महामंत्री विशाल जैन, कोषाध्यक्ष अंकित जैन, आॅडीटर मनोज जैन, अशोक कुमार जैन, दिनेश चन्द्र जैन ,संजीव जैन, शैलेन्द्र जैन, संजय जैन (पीआरओ), चन्द्रप्रकाश जैन, अरुण जैन, टोनी जैन, विनीत जैन, जितेन्द्र जैन, मनीष जैन, अभिषेक जैन, पीयूष जैन, निमिष जैन, मुकेश जैन, गगन जैन, राहुल जैन, मनोज जैन, गौरव जैन, संजीब जैन, ओमप्रकाश जैन, रमेश चन्द्र जैन, पंकज जैन, प्रमोद जैन, रोहित जैन, अनुज जैन, सौरभ जैन, अभिनव जैन, चक्रेश जैन, देवेन्द्र जैन, मयंक जैन, मनीष जैन के साथ सकल जैन समाज व अन्य समाज के भी लोग उपस्थित थे।