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प्रदेश में भाजपा की सहयोगी दल “अपना दल” के खिलाफ सड़कों पर विहिप ने उतरने की दी चेतावनी

मीरजापुर, संदीप कुमार श्रीवास्तव। मीरजापुर हलिया के ड्रामलगंज में मंगलवार कि रात में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के जेठ अरुण सिंह के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपी विश्व हिंदू परिषद के कार्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुकदमा लिख जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन के खिलाफ नामजद और आधा दर्जन अज्ञात पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओ का कहना है कि सत्ता की हनक में उन्हें फर्जी केस में फसाया जा रहा है। जिसके विरोध में प्रदेश में भाजपा की सहयोगी दल अपना दल(सोने लाल) के राष्टीय अध्यक्ष आशीष पटेल और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद ने सड़को पर उतरने का ऐलान कर खलबली मचा दिया है।
शहर के एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र शुक्ला ने इस मामले में निर्दोष लोगों को फसाने के लिए पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि केंद्रीय मंत्री के जेठ वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए हलिया जा रहे थे। चैराहे पर मुसम्मी का जूस बेंचने वाले दुकानदार से उन्होंने रास्ता पूछा तो उसने जाने का मार्ग बता दिया। इस पर गाड़ी में मौजूद लोग उसे रास्ता दिखाने के लिये दबाव बनाने लगे। मगर दुकानदार के जाने से इंकार करने पर विवाद करने लगे। इसी बीच हथियार भी लहराया। जिस पर स्थानीय लोगों ने जब विरोध किया तो इन लोगों ने हलिया थाने में झूठी मारपीट और लूट कि रिपोर्ट लिखवा कर संगठन के कार्यकर्ताओं को जेल भिजवा दिया। पूरे मामले में सत्ता का इस्तेमाल कर जबरन संगठन कार्यकर्ताओ का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनका कहना था कि अगर मामले में न्याय नहीं मिलता है। तो विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़को पर उतर कर केंद्रीय मंत्री और एमएलसी आशीष सिंह पटेल पुरजोर विरोध जताएंगे।
हालांकि पूरे मामले में सूत्रों के मुताबिक रणनीति दूसरी है। जिस तरह से प्रदेश में अनुप्रिया पटेल का सियासी कद बढ़ा है। उससे जिले में गुटों में बटी भाजपा और उसके सहयोगी संगठन के कुछ नेताओं को भारी परेशानी महसूस हो रही है। जो खुद के राजनीतिक भविष्य के लिए सीट कि तलाश कर रहे थे। यह सीट अनुप्रिया के छोड़ने के बाद ही भाजपा कोटे में जा सकती है। इसी लिए यह तपका बार-बार हवा में अनुप्रिया पटेल के जनपद से वापस जाने का शिगूफा भी आये दिन छोड़ता रहता है। मगर अनुप्रिया पटेल जाने के बजाय लगातार जनपद में अपनी जड़ें मजबूत करती गयी। ऐसे में मिले इस मौके उनके खिलाफ भुनाने का प्रयास हो रहा है। हालांकि पर्दे के पीछे छिपे चेहरे खुल कर सामने नहीं आये है मगर आने वाले 2019 के लोक सभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री कि राह इतनी आसान नही होगी इसके भी संकेत मिल गए है।