Sunday, November 18, 2018
Home » मुख्य समाचार » लेखपाल प्रशिक्षण की जानकारियों को भली भांति करे आत्मसातः एडीएम

लेखपाल प्रशिक्षण की जानकारियों को भली भांति करे आत्मसातः एडीएम

लेखपाल प्रत्यास्मरण प्रशिक्षण कार्यक्रम को दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ करते हुए एडीएम वित्त एवं प्रशासन

लेखपाल प्रत्यास्मरण का प्रशिक्षण शुरू
कानपुर देहात, जन सामना ब्यूरो। लेखापाल प्रत्यास्मरण प्रशिक्षण का शुभारंभ जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर अकबरपुर महाविद्यालय अकबरपुर में आयोजित लेखपाल प्रत्यास्मरण का 15 दिवसीय चल रहे प्रशिक्षण का एडीएम वित्त एवं राजस्व विद्याशंकर सिंह व एडीएम प्रशासन शिवशंकर गुप्ता आदि अधिकारियों ने कार्यक्रम का संयुक्त रूप से शुभारंभ दीप प्रज्जवलित व सरस्वती के चित्र पर माल्यार्णण कर किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विद्याशंकर सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण ले रहे लेखपाल प्रशिक्षार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को भली भांति सही ढंग से मन लगा कर ले तथा उसकी बारीकियों को आत्मसात कर उसको अमल में लाकर राजस्व संबंधी कार्यो को सकुशल करने में अपना योगदान दे। प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करे जिससे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 जून से 21 जून तक रिफ्रेसर प्रशिक्षण व कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में चलेगा। प्रशिक्षण दो पालियों में आयोजित किया गया है जो 10 बजे से 1 बजे तक व दूसरी पाली 2 बजे से 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण में लेखपालों के कर्तव्य, दायित्वों का विस्तृत ज्ञान जिसका पूर्णाक 25 अंक तथा विषय विशेषज्ञ/प्रशिक्षक सदर तहसील राजीव उपाध्याय द्वारा दिया दिया गया। इसी प्रकार 2 बजे से 5 बजे तक पशुगणना, कृषिगणना तथा निर्वाचन संबंधी नियमों का सामान्य ज्ञान तथा उसमें लेखपालों की भूमिका का पूर्णाक 25 अंक है जिसे सुभाष चन्द्र दीक्षित नायब तहसीदार मैथा द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण को रूचि व लगन के साथ ले जिससे की अच्छे अंक पा सके। यदि किसी जनपद में लेखपालों की संख्या अधिक है तो वहां प्रशिक्षण हेतु एक से अधिक बैच बनाये जा सकते है। जनपद स्तर पर आयोजित रिफ्रेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक प्रति दिवसवार कार्यक्रम व विभिन्न माड्यूल के प्रशिक्षण हेतु चयनित संकाय/विषय विशेषज्ञ के विवरण सहित राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ को भी उपलब्ध करायी जायेगी। रिफ्रेशर पाठयक्रम के पश्चात प्रशिक्षार्थियों को अर्हकारी परीक्षा की तैयारी हेतु तैयारी अवकाश (22 व 23 जून) प्रदत्त किया जायेगा उसके पश्चात 24 जून को अर्हकारी परीक्षा तथा 25 जून को सर्वेक्षण कार्य की परीक्षा सम्पन्न करायी जायेगी। उन्होंने समस्त चयनित लेखपालों द्वारा रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया जाना अनिवार्य होगा तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अर्हकारी परीक्षा सम्पादन तक इन लेखपालों से कोई भी अन्य शासकीय कार्य सम्पादित नही कराया जायेगा एवं उनके बस्ते भी जमा करा लिए जायेंगे।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि लेखपाल प्रशिक्षण को गंभीरता से ले तथा अपने कर्तव्यों को सही ढंग से निर्वहन करे। प्रशिक्षण में लेखपालों को राजस्व विभाग की पूर्ण जानकारी रखना अनिवार्य है। प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा कक्ष में जिन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगायी जाये उसे परीक्षा से दो घण्टे पूर्व ही कक्ष की संख्या से अवगत कराया जाये एवं प्रत्येक पाली में अलग अलग कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगायी जाये। जिन कक्ष निरीक्षकों की डयूटी लगायी जाये उनके संबंध में जानकारी रखी जाये। परीक्षा केन्द्र पर पर्यवेक्षक हेतु ऐसे अधिकारियों की ड्यूटी लगायी जाये जिनके द्वारा संबंधित अभ्यर्थियों/लेखपालों की पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण 21 जून तक चलेगा जिसके तहत 5 जून को 10 बजे से नायब तहसीलदार जगरूक द्वारा लेखपालों द्वारा रखे जाने वाले कागज पत्र का प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा 2 बजे राजस्व निरीक्षक अकबरपुर अखिलेश कुमार द्वारा लेखों में दोहरी प्रतिलिपियां, लेखों की अभिरक्षा व लेखों में परिवर्तन आदि, दैवीय आपदा में लेखपाल का कर्तव्य का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी प्रकार 6, 7,8 जून को अधिनियम एवं प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जायेगा। 9,11 जून को क्षेत्रमिति व अंकगणित का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी प्रकार 12,13 जून को नियोजन एवं विकास संबंधी प्रशिक्षण दिया जायेगा। 14, 15,18,19 जून को कागजात की तैयारी संबंधी प्रशिक्षण दिया जायेगा। 20,21 जून को भू-चित्र तथा सर्वेक्षण कार्य का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस मौके पर एसडीएम सदर परवेज अहमद, एसडीएम मैथा विजेता, अतिरिक्त मजिस्टेªट अंजू वर्मा, जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल, एसडीएम भोगनीपुर राजीव राज आदि ने भी लेखपालों को विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर एडी सूचना प्रमोद कुमार, ईओ अकबरपुर आदि अधिकारीगण व लेखपाल आदि उपस्थित रहे।