Tuesday, January 22, 2019
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‘शैक्षिक संवाद मंच’ की मासिक बैठक सम्पन्न

शिक्षक नियमित डायरी लिख कर अनुभवों को दर्ज करें: प्रमोद दीक्षित ‘मलय’
शैक्षिक साहित्य पढ़ने हेतु लघु पुस्तकालय बनाने का लिया गया निर्णय
बांदा, जन सामना ब्यूरो।‘‘शैक्षिक संवाद मंच’’ बांदा की मासिक बैठक सह कार्यशाला गत दिवस प्रा.वि. अतर्रा प्राचीन, अतर्रा में सम्पन्न हुई। बैठक का प्रारम्भ प्रमोद दीक्षित द्वारा प्रस्तुत चेतना गीत ‘जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो’ के सामूहिक गायन से हुआ। परस्पर परिचय के बाद मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ ने कहा कि शिक्षकों के लिए डायरी लेखन बहुत जरूरी है। हमारे विद्यालयों में कक्षा एवं कक्षा के बाहर तमाम रचनात्मक गतिविधियां आयोजित होती हैं। कुछ अनायास घटित हो जाता है जो महत्वपूर्ण होता है। ऐसे सभी अनुभवों को लिखना चाहिए ताकि भविष्य में काम आ सकें। मंच की ओर से शिक्षकों के अनुभवों को शामिल करके एक डायरी प्रकाशित की जायेगी। इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा अपने डायरी-अंश पढे गये। शैक्षिक नेतृत्व एवं विद्यालय प्रबंधन अन्तर्गत पिछली बैठक में हुई चर्चा पर आधारित तीन समूहों द्वारा पोस्टर तैयार कर प्रस्तुतीकरण किया गया जिसमें एक अच्छे नेतृत्वकर्ता के गुणों को अंकित किया गया। बैठक के दौरान ही भोपाल निवासी एनसीईआरटी के पूर्व सदस्य डॉ. दामोदर जैन से फोन पर संवाद हुआ जिस पर जैन सर ने कहा कि शिक्षा में बडे बदलाव शिक्षक ही ला सकता है। इसलिए शिक्षक को विचार की दृष्टि से समृद्ध होना होगा। इसके लिए लगातार पढने और लिखने की जरूरत है। प्राथमिक स्तर पर काम करने वाले व्यक्तियों के लिए गिजुभाई बधेका का साहित्य पढना और चिंतन-मनन करना उचित होगा। यदि शिक्षक खुश है तो वह खुशी बांटेगा और यदि असंतुष्ट एवं तनाव में है तो तनाव ही पैदा करेगा। वह सफल शिक्षक तभी होगा जब गुणों को अपने जीवन और कार्य-व्यवहार में उतार लेगा। उनकी बात से प्रेरित होकर निर्णय लिया गया कि मंच द्वारा अपना एक लघु पुस्तकालय विकसित किया जायेगा। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने अपने विषय पर आदर्श शिक्षण विधा विकसित करने का संकल्प लिया। दोपहर में साथ लाये गये भोजन का आनंद लिया गया। सभी सहभागियों को ‘स्कूल शिक्षा’ पत्रिका और ‘हिमालय प्रयास’ साप्ताहिक पत्र भेंट किये गये। आगामी बैठक 15 दिसम्बर को होगी जिस पर दीवार पत्रिका और भाषा शिक्षण पर कार्यशाला होगी। 10 बजे प्रारम्भ हुई बैठक अपराह्न 3ः30 तक चली जिसमें सात शिक्षक एवं शिक्षिकाओं रामकिशोर पांडेय, श्रीमती मीरा वर्मा, इंसाफ अली, सौरभ गुप्ता, चंद्रशेखर सेन, बलरामदत्त गुप्ता और नवोदय क्रान्ति के नेशनल मोटीवेटर प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ ने सहभागिता की।