बीजेपी बेहतर आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दे रही है। इसके अलावा भाजपा जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की भी कोशिश में लगी है। साथ ही भाजपा के बड़े नेता चुनाव प्रचार के दौरान किसानों के मुद्दों पर पार्टी की स्थिति को साफ कर सकते हैं, ताकि आंदोलन के कारण पैदा हुए असंतोष को कम किया जा सके। बीजेपी ने हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से 46 पर सबसे ज्यादा वोट हासिल किए। हालांकि, एंटी इनकम्बेंसी, किसान आंदोलन, और जेजेपी से गठबंधन का टूटना बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती है। विपक्षी दलों की एकजुटता और जातीय समीकरणों का का प्रभाव भी चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या बीजेपी हरियाणा की सत्ता में लौट पाती है या नहीं? -डॉ सत्यवान सौरभ
पिछले 10 साल से प्रदेश की सत्ता चला रही भाजपा तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। हरियाणा विधानसभा चुनावों में इस बार सत्ता की लड़ाई बेहद दिलचस्प हो गई है। क्या पिछले 10 सालों से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इस बार भी सत्ता नसीब होगी। बीजेपी के चुनावी अभियान का प्रमुख चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं।
Read More »
Jansaamna
आज 16 सितंबर विश्व ओजोन दिवस है, वही ओजोन जो पूरे ब्रह्मांड को सूर्य की हानिकारक किरणों अर्थात पराबैंगनी विकिरणों (युवी-बी) को रोकने का कार्य करती है, मैं ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली गैस हूं, मेरा रंग हल्का नीला है साथ ही मैं समुद्र तट से 10 से 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर समताप मंडल के निचले भाग में तीखी गंध के साथ एक विषैली गैस के रूप में विद्यमान हूं और हां मेरी मोटाई भौगोलिक स्थिति के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है, मेरी मोटाई नापने की इकाई डॉबसन है।
जम्मू कश्मीर जम्मू-कश्मीर में करीब 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहा है और राजनीति के नये दांव पेंच ने इसे दिलचस्प बना दिया है। बारामूला के सांसद राशिद इंजीनियर जेल से बाहर आ गए हैं। राशिद को जमानत मिलते ही राजनीतिक पारा गरमा गया है।
संजय सक्सेनाः लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत की मजबूत कड़ी और इंडिया गंठबंधन के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी के पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) से प्रभावित होकर कांग्रेस ने भी उत्तर प्रदेश में पीडीए को लुभाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसी क्रम में सपा की तरह कांग्रेस आलाकमान ने भी यूपी के पिछड़ा, मुस्लिम और दलित (पीएमडी) समाज के तीन नेताओं पर दांव चला है, जिसके तहत उक्त समाज के तीन वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय कांग्रेस कमेटी में शामिल करते हुए न केवल इन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है, बल्कि इनके कंधो पर महत्वपूर्ण चुनावी राज्यों की जिम्मेदारी भी डाली गई हैै, जिन तीन नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है उमसें कांग्रेस नेता मुस्लिम चेहरा शाहनवाज आलम, दलित नेता सुशील पासी को राष्ट्रीय सचिव बनाते हुए बिहार का सह प्रभारी बनाया है। इसी तरह पिछड़ा समाज से आने वाले नेता विदित चौधरी को राष्ट्रीय सचिव बनाकर हिमाचल व चंडीगढ़ का सह प्रभारी बनाया गया है।
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी आधुनिक भारत के अग्रदूतों में से एक थे और ब्रिटिश राज के भीतर स्वशासन के समर्थक थे। उन्होंने देश की आजादी में प्रभावशाली भूमिका निभाई। एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर के रूप में करियर शुरू करने से लेकर कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में कदम रखने तक, उनका प्रभाव और भी अधिक बढ़ गया।
आपने देश में जगह-जगह तरह-तरह की पूजा के बारे में सुना होगा, पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे विदिशा शहर में एक स्थान ऐसा भी है जहां नागपंचमी पर ताले की पूजा होती है और यह किसी परम्परा या मान्यता के कारण नहीं होता बल्कि यह पूजा यहां एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) के आदेश के कारण होती है। दिलचस्प यह है कि यह पूजा एक ऐसे मंदिर में होती है जिसकी डिजाइन पर नई लोकसभा का निर्माण हुआ है।