Friday, July 17, 2026
Breaking News
Home » मुख्य समाचार » जो व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाता है, उसे जीवन में कुछ भी नहीं मिलता है : निर्भय सागर

जो व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाता है, उसे जीवन में कुछ भी नहीं मिलता है : निर्भय सागर

फिरोजाबाद। मानव जीवन अज्ञान को दूर करने तथा आत्मा और प्रकृति के रहस्यों को उद्घाटित करने के लिए मिला है, लेकिन मानव मोह-माया के जाल में फंसकर अपने जीवन के लक्ष्य को भूल जाता है। यह उपदेश वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर महाराज ने जैन नगर खेड़ा स्थित जैन मंदिर में श्रद्धालुओं को दिए।उन्होंने कहा कि मानव जीवन में परोपकार, क्षमा, दया, सहयोग, सद्भावना और नैतिक कार्य करने चाहिए। सत्ता, पद, प्रतिष्ठा और विषय-भोग में फंसा हुआ व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाता है और जीवन में कुछ भी उपलब्ध नहीं कर पाता। इसलिए पद, प्रतिष्ठा और विषय-भोग में नहीं फंसना चाहिए। जब व्यक्ति प्रकृति के रहस्यों को नहीं जानता था, तब वह इन्हें भगवान द्वारा बनाई हुई शक्तियां समझता था तथा पानी, ओला, बिजली, पेड़-पौधे आदि को किसी देवी-शक्ति द्वारा निर्मित मानता था। लेकिन विज्ञान ने इन सभी रहस्यों का उद्घाटन कर दिया है। आचार्य श्री ने कहा कि धर्म डरा-धमकाकर नहीं कराया जा सकता। डरा-धमकाकर धर्म कराने से विसंगतियां, तनाव और दुश्मनी पैदा होती है। धर्मसभा में अध्यक्ष निमेष जैन, शैली जैन, रजत जैन, पंकज जैन, अनुज जैन (तुलसी विहार), अरुण जैन (पीली कोठी), विनोद जैन (मिलेनियम), अजय जैन (एड.), ललितेश जैन, मीडिया प्रभारी अजय जैन बजाज आदि मौजूद रहे।