रायबरेली। जन्म से कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) एवं कटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) से पीड़ित बच्चों को बेहतर जीवन और नई मुस्कान देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्माइल ट्रेन संस्था एवं हेल्थ सिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के सहयोग से 21 से 25 जुलाई 2026 तक निःशुल्क पंजीकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में चिन्हित बच्चों का हेल्थ सिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन एवं उपचार किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के साथ-साथ विभिन्न विकास खंडों में भी पंजीकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि शिविर प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होंगे।
उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को विकास खंड बछरावां, शिवगढ़, महराजगंज, अमावां एवं हरचंदपुर के बच्चों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महराजगंज में परीक्षण एवं पंजीकरण किया जाएगा।
इसी प्रकार 22 जुलाई को विकास खंड जगतपुर, ऊंचाहार एवं दीनशाह गौरा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जगतपुर, 23 जुलाई को विकास खंड लालगंज, सरेनी, डलमऊ एवं खीरों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लालगंज, 24 जुलाई को विकास खंड रोहनिया, सलोन, डीह एवं नसीराबाद के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सलोन तथा 25 जुलाई को विकास खंड राही, सतांव, नगरीय क्षेत्र के सभी छूटे हुए मरीजों एवं जिले के समीपवर्ती क्षेत्रों के बच्चों के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, रायबरेली में परीक्षण एवं पंजीकरण किया जाएगा।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने अभिभावकों एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके परिवार या आसपास कोई बच्चा जन्म से कटे होंठ या कटे तालू की समस्या से पीड़ित है, तो उसका पंजीकरण अवश्य कराएं। समय पर उपचार से ऐसे बच्चों का चेहरा ही नहीं, बल्कि उनका आत्मविश्वास और भविष्य भी संवर सकता है।
उन्होंने बताया कि पंजीकृत मरीजों का संपूर्ण उपचार हेल्थ सिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में स्माइल ट्रेन के प्लास्टिक सर्जन डॉ. वैभव खन्ना (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) एवं डॉ. आदर्श कुमार (सीनियर प्लास्टिक सर्जन) द्वारा पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। उपचार के साथ मरीज एवं उनके परिजनों को आने-जाने का यात्रा व्यय भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिले के सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों, एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अन्य क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों को शिविर की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा उपचार से वंचित न रहे।
अधिक जानकारी के लिए डीईआईसी प्रबंधक नितेश जायसवाल (मोबाइलः 8795838400) अथवा स्माइल ट्रेन के प्रतिनिधि नीरज कुमार शर्मा (मोबाइलः 9454159999, 9565437056) से संपर्क किया जा सकता है।
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