Thursday, August 13, 2026
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एमसीएफ में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार के लिए रेलकर्मी सम्मानित

रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (एमसीएफ), रायबरेली में सुरक्षा, गुणवत्ता, उत्पादकता और कार्यकुशलता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रेलकर्मियों को महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने सम्मानित किया। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा किए गए विभिन्न इनहाउस प्रयोगों और नवाचारों की सराहना की गई। फर्निशिंग शॉप में अंडरफ्रेम की ओवरहेड ड्रिलिंग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पैर से संचालित ड्रिलिंग मशीन विकसित की गई। पहले कर्मचारी हाथ से संचालित ड्रिलिंग मशीन को जांघों से थ्रस्ट देकर ऊपर की ओर ड्रिलिंग करते थे, जिससे सुरक्षा जोखिम के साथ वर्कमैनशिप और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती थी। इस समस्या को उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर रविंद्र कुमार चौहान ने चिन्हित किया और टूल रूम के सहयोग से इसका समाधान विकसित किया। इसमें वरिष्ठ यांत्रिक इंजीनियर एम. नैयर कलाम, कनिष्ठ इंजीनियर अमरनाथ यादव, शिवकांत और टेक्नीशियन नुरूल होदा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इसी प्रकार, वरिष्ठ यांत्रिक इंजीनियर/बोगी सर्वेश ने बोगी फिक्चर के उपयोग में अभिनव प्रयोग करते हुए रोटेशन फिक्चर विकसित किया। इससे फिक्चर बदलने में लगने वाला समय समाप्त हुआ, रेल इन्वेंटरी ब्लॉक कम हुआ और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी घटी। इससे कोच उत्पादन प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और दक्ष बनी। वंदे भारत कोच के निर्माण के दौरान वरिष्ठ टेक्नीशियन/फिटर धर्मेंद्र कुमार मीना और टेक्नीशियन/वेल्डर सौरभ कुमार ने नियमित निरीक्षण के दौरान एंड वॉल पर अत्यंत सूक्ष्म हेयरलाइन क्रैक की पहचान की। डीपीटी मशीन से इसकी पुष्टि होने के बाद संभावित गुणवत्ता समस्या को समय रहते दूर किया गया। उनकी सतर्कता और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को भी सम्मानित किया गया। पेंट शॉप में वरिष्ठ खंड अभियंता अंशु कुमार पाल के प्रयासों से कार्य की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार किया गया। पहले जमीन पर बैठकर बॉडी फिलर पुट्टी और हार्डनर को अनुमान के आधार पर मिलाने की प्रक्रिया को बदलकर एर्गोनॉमिक वर्क टेबल की व्यवस्था की गई तथा निर्धारित अनुपात में मिश्रण के लिए तौल मशीन लगाई गई। पेंट की विस्कोसिटी में एकरूपता बनाए रखने के लिए फोर्ड कप से परीक्षण की व्यवस्था भी शुरू की गई। इसके अलावा गार्नेट शॉप में बेहतर वेंटिलेशन और कार्य वातावरण के लिए 20 एग्जॉस्ट फैन लगाए गए। इन प्रयासों से पेंटिंग साइकिल टाइम आठ घंटे से घटकर छह घंटे हो गया। इससे प्रतिदिन लगभग एक अतिरिक्त कोच की उत्पादन क्षमता प्राप्त होने के साथ कोच की पेंट फिनिशिंग और समग्र गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। इन उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के लिए महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने संबंधित रेलकर्मियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे इनहाउस प्रयोगों और सजग कार्यप्रणाली से सुरक्षा एवं गुणवत्ता में सुधार के साथ उत्पादन में समय, श्रम और संसाधनों की भी बचत होती है। यह जानकारी जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने दी।