Friday, August 14, 2026
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लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्वप्न दृष्टा ही नहीं संकल्प दृष्टा थी – अभिलाष कौशल

ऊंचाहार, रायबरेली। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर केवल स्वप्नदृष्टा ही नहीं, बल्कि संकल्पदृष्टा थीं। उन्होंने जीवन में जो भी संकल्प लिए, उन्हें पूरा करके दिखाया। वे भगवान शिव की अनन्य भक्त होने के साथ-साथ कुशल शासक और अद्वितीय सैन्य प्रतिभा की धनी थीं। यह विचार भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने कंदरावा गांव में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा मंडल मंत्री रीना पाल ने किया। इस अवसर पर अभिलाष कौशल ने कहा कि हमारा इतिहास ऐसी दो महान घटनाओं का साक्षी है, जब पत्थर प्राणवान हो उठे। पहली घटना भगवान राम के स्पर्श से पाषाणी अहिल्या के जीवंत होने की है और दूसरी दासता के अभिशाप से पाषाण बने लोक को दैवीय संवेदना का स्पर्श मिलने की, जिसने लोकमाता अहिल्या जैसी महान विभूति को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्या मां साहिबा जगत के मातृत्व की पर्याय हैं। वे केवल राजमाता नहीं, बल्कि लोकमाता हैं। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम की आयोजक रीना पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम में गुड्डन यादव, विजयपाल, मनोज पाल, अमरेश पाल, रोहित पाल, राजकुमार पाल, राजेंद्र पाल, अवधेश पाल, बाबूलाल पाल, पल्लू पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाजसेवा के संकल्प के साथ हुआ।